Wednesday, 2 April 2025

आजमगढ़ सगड़ी 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, अज्ञात कारणों से लगी आग ग्रामीणों में गहरा आक्रोश, लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे


 आजमगढ़ सगड़ी 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, अज्ञात कारणों से लगी आग


ग्रामीणों में गहरा आक्रोश, लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के हरैया खंड विकास अंतर्गत मनिकाडीह गांव में बुधवार को अज्ञात कारणों से लगी आग ने 20 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को जलाकर खाक कर दिया। घटना दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है, जब जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनिकाडीह हरैया गांव के सिवान में आग की लपटें उठीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और तेजी से फैल गई।


ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत की, लेकिन आग पर काबू पाने में देरी के कारण पूरी फसल नष्ट हो गई। प्रभावित किसानों में रामचंद्र मौर्य (8 बिस्वा), सतीश चंद्र मौर्य (8 बिस्वा), जयराम मौर्य (10 बिस्वा), सुरेंद्र मौर्य (1.5 बिस्वा), संतोष मौर्य (1.5 बिस्वा), रघुनाथ मौर्य (1.5 बिस्वा), दुर्ग विजय यादव (12 बिस्वा), हरिश्चंद्र मौर्य (19 बिस्वा), हरी लाल मौर्य (17 बिस्वा), जयप्रकाश मौर्य (17 बिस्वा), कुसुम मौर्य (17 बिस्वा), चंद्रबली मौर्य (24 बिस्वा), बिरजू राजभर (22 बिस्वा), कौशल्या मौर्य (22 बिस्वा), रामनयन, रबिन्द्र, सत्येंद्र, महेंद्र, संजय (11-11 बिस्वा), सूर्यभान (19 बिस्वा), हिमालय, नागेंद्र (3-3 बिस्वा) शामिल हैं।


आग लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम सगड़ी नरेंद्र कुमार गंगवार के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। ग्रामीणों में इस घटना से गहरा आक्रोश और निराशा है, क्योंकि उनकी मेहनत की कमाई आग की भेंट चढ़ गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।

आजमगढ़ जीयनपुर सोते समय कुदाल से सिर पर मारकर उतारा था मौत के घाट 24 घंटे में हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताई हत्या की वजह


 आजमगढ़ जीयनपुर सोते समय कुदाल से सिर पर मारकर उतारा था मौत के घाट


24 घंटे में हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार


आरोपी ने पुलिस को बताई हत्या की वजह



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने हत्या की एक सनसनीखेज वारदात का 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुदाल, मृतक का मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किया गया।


31 मार्च 2025 की शाम को राकेश (उम्र 27 वर्ष), पुत्र रामदुलारे, निवासी ग्राम खालिसा, थाना मुहम्मदाबाद, जनपद मऊ, अपने दोस्त शैलेश के घर अपनी गाड़ी से गया था। शैलेश पुत्र अम्बिका, निवासी फैजुल्लाह जहिरुल्लाह, थाना जीयनपुर और उसके परिजनों पर राकेश की हत्या का आरोप लगा। मृतक के पिता रामदुलारे ने 1 अप्रैल 2025 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें शैलेश, उसके भाई, मां और दो बहनों पर हत्या का आरोप लगाया गया। जिसके आधार पर थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। 2 अप्रैल 2025 को सुबह 5:30 बजे मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शैलेश को फैजुल्लाह जहिरुल्लाह चट्टी से गिरफ्तार किया। अभियुक्त की निशानदेही पर उसके घर के पीछे प्याज के खेत में झाड़-झंखाड़ के नीचे से हत्या में प्रयुक्त कुदाल, मृतक का मोबाइल और आधार कार्ड बरामद किया गया।


पूछताछ में शैलेश ने बताया कि वह और राकेश टाइल्स और मार्बल लगाने का काम करते थे। एक साल पहले शैलेश एक लड़की से मोबाइल पर बात करता था और राकेश को भी साथ ले जाता था। बाद में राकेश ने चोरी से उस लड़की का नंबर लिया और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। इससे नाराज शैलेश ने राकेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 31 मार्च की रात राकेश को अपने घर बुलाकर, गहरी नींद में सोते वक्त कुदाल से सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। शव को कमरे में छोड़कर वह बाहर चला गया और सुबह कुदाल को खेत में छिपाकर भाग गया।

आजमगढ़ तरवां 13 नामजद, 40 अज्ञातों पर एफआईआर थाने में युवक ने लगाया था फंदा, परिजन बोले- बेटे से नहीं मिलने दिया


 आजमगढ़ तरवां 13 नामजद, 40 अज्ञातों पर एफआईआर 



थाने में युवक ने लगाया था फंदा, परिजन बोले- बेटे से नहीं मिलने दिया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तरवां थाना परिसर में छेड़खानी के एक आरोपी ने शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की घटना ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन करते हुए 30-40 अज्ञात व्यक्तियों के साथ 13 नामजद लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पुलिस पर हमला किया।


थाने के सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त किया और चौराहे पर जाम लगा दिया। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई, जिसमें रोडवेज बसें और एंबुलेंस भी फंस गईं। पुलिस ने इस मामले में 13 नामजद सहित 40 अज्ञात पर मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।


तरवां थाना क्षेत्र के उमरी गांव की रहने वाली एक छात्रा ने थाने पर गांव के ही सनी कुमार (21) पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। उसका चालान भी नहीं किया गया। परिजन खाना लेकर जा रहे थे तो मिलने भी नहीं दे रहे थे।


परिजनों का यह भी आरोप था कि सनी को रविवार की रात में ही मार दिया गया था। इसके बाद शव को बिना दिखाए ही उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इससे क्षुब्ध परिजन और अज्ञात व्यक्तियों ने प्रदर्शन के दौरान परमानपुर चौराहे पर 30-40 अज्ञात व्यक्तियों के साथ 13 नामजद लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पुलिस पर हमला किया, थाने के सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त किया और चौराहे पर जाम लगा दिया।


प्रदर्शनकारियों में बलवंत (गाजीपुर), महेश सोनी, अजय कुमार, मधुबन राम, चंदन राम, राकेश यादव, रोहित कुमार, विशाल सिंह, मुकेश कुमार, संजय राम, महेश कुमार, जैकी और शिवम शामिल थे।


भीड़ ने पुलिस पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी दी और हमला किया, जिसमें मॉनिटरिंग सेल प्रभारी अखिलेश मौर्य के पैर मे चोट आई, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। उपद्रवियों ने थाना सिधारी के सरकारी वाहन के शीशे, हेडलाइट और बोनट को तोड़ दिया।


बाजार की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, जिसमें महाराजगंज, कंधरापुर, फूलपुर, बरदह, तहबरपुर, गंभीरपुर और मेंहनगर के थाना प्रभारी शामिल थे। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति पर काबू पाया। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा गया।


पुलिस ने 13 नामजद और 40 अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के साथ ही विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। इससे पहले, मृतक के परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है।


एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। एसपी सिटी ने बताया कि कानून को हाथ में लेकर थाने में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 13 नामजद और 40 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।


https://www.news9up.com/2025/04/3.html

उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट, डीजीपी ने जारी किया यह आदेश वक्फ बिल पर संसद में बहस से पहले पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां भी किया रद्द


 उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट, डीजीपी ने जारी किया यह आदेश



वक्फ बिल पर संसद में बहस से पहले पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां भी किया रद्द



उत्तर प्रदेश, लखनऊ वक्फ संशोधन बिल पर संसद में होने वाली बहस से पहले उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस संबंध में डीजीपी प्रशांत कुमार ने मंगलवार को आदेश जारी किया। मिली जानकारी के अनुसार डीजीपी के निर्देश में कहा गया है कि जो अधिकारी और कर्मचारी पहले से छुट्टी पर हैं, वे तत्काल अपनी ड्यूटी पर लौटें। साथ ही, विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अब किसी भी नए अवकाश को मंजूरी नहीं दी जाएगी।


डीजीपी प्रशांत कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान परिदृश्य में प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आदेश के मुताबिक, "यूपी पुलिस के सभी राजपत्रित अधिकारियों और अराजपत्रित कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाते हैं। जो कर्मचारी अवकाश पर हैं, वे अपने ड्यूटी स्थल पर अविलंब उपस्थित हों। केवल विशेष परिस्थितियों में सक्षम स्तर से अवकाश स्वीकृत होगा।" यह आदेश डीजीपी कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दिया है।


गौरतलब है कि इससे पहले महाकुंभ के दौरान भी पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई थीं, हालांकि तब भी विशेष परिस्थितियों में अवकाश की अनुमति दी गई थी।


आज लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा, जिस पर आठ घंटे तक चर्चा होगी। इस बिल को लेकर उत्तर प्रदेश में खास सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के कई जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है। संसद में बहस से पहले राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।