Saturday, 23 May 2026

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने जिला आबकारी कार्यालय में जमा ₹7.60 लाख की प्रतिभूति राशि हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने सावधि जमा रसीदों की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी। आरोपी को भदुली अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर आजमगढ़ प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। 


आरोप था कि राजेन्द्र सिंह और उसके पुत्र संजीत सिंह निवासी ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में प्रतिभूति के रूप में जमा एफडी की धनराशि कपटपूर्ण तरीके से अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। इस मामले में थाना सिधारी पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। शुक्रवार को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त भदुली अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने अभियुक्त संजीत सिंह (40) को गिरफ्तार कर लिया।


 पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता राजेन्द्र सिंह के नाम से देशी शराब की दुकान का लाइसेंस था, जो फरवरी 2026 में निरस्त हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता के साथ यूनियन बैंक शाखा कटघर पहुंचकर एफडी की दूसरी प्रति के आधार पर ₹7.60 लाख की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार राय एवं कांस्टेबल रणवीर यादव शामिल रहे।


https://www.news9up.com/2026/05/760000.html

 

आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी


 आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत



पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत अहरौला थाना के निजामपुर गांव में बीती रात एक 35 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मायके पक्ष ने पति पर शराब के नशे में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार पवई थाना क्षेत्र के अंडिका गांव निवासी विद्यार्थी की शादी कई वर्ष पूर्व निजामपुर गांव निवासी धर्मेंद्र के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि धर्मेंद्र शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ मारपीट की। विवाद के बाद विवाहिता मानसिक रूप से आहत हो गई और उसने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ खा लिया। कीटनाशक सेवन के कुछ देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 विवाहिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद गांव में भी शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतका अपने पीछे दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गई है। मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही अहरौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और श्वान दल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी कब्जे में ली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। इस संबंध में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला कीटनाशक सेवन से मौत का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार


सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप


हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरायमीर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध असलहों के साथ वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने वाले एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस .315 बोर तथा एक जिंदा कारतूस .303 बोर बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

 पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश कुमार चौबे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना सरायमीर का हिस्ट्रीशीटर एहसान खान निवासी छित्तेपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने पास तीन अवैध असलहे होने की बात कह रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था। 

सूचना यह भी मिली कि आरोपी जौनपुर जनपद के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ौर गांव में मौजूद है और किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसने एक अवैध तमंचा और कारतूस ग्राम छित्तेपुर स्थित सलीम की बाग में बंद पड़े ट्यूबेल में छिपा रखे हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मौके से तमंचा और कारतूस बरामद कर लिया। बरामद हथियारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज न दिखा पाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया।

आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार 12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार


 आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार


12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और गोकशी में संलिप्त बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर गोतस्कर घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश के कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्त गोवध, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित और हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में थाना कप्तानगंज पुलिस बीती रात क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, वाहन चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 12 मई 2026 को ग्राम कुशमहरा स्थित सीएचसी छितुवा के पीछे प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की घटना में शामिल दो बदमाश बाइक से धरौली मोड़ कूड़ाघर की तरफ आ रहे हैं और पुनः किसी गोकशी की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। 


सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कप्तानगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखकर बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद बदमाश फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार घायल अभियुक्त की पहचान आरिफ उर्फ फुसी पुत्र यूनुस निवासी सारैन थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वहीं फरार बदमाश की पहचान आजाद पुत्र फिरोज निवासी मेहियापार थाना अहरौला के रूप में की गई है। घायल आरिफ को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।


 पुलिस पूछताछ में आरिफ ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे और वहां उनका वध कर मांस की बिक्री करते थे। घटना के बाद पशुओं के अवशेष नदी, नालों या खेतों में फेंक देते थे अथवा जमीन में गाड़ देते थे ताकि पुलिस को भनक न लग सके। पुलिस से बचने के लिए गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरिफ उर्फ फुसी पर गोवध निवारण अधिनियम, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना कप्तानगंज में उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत पहले से मुकदमा दर्ज था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग और आर्म्स एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा भी दर्ज किया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट टीम ने पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की। पुलिस फरार अभियुक्त की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

Friday, 22 May 2026

आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


 आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास से आरोपियों को दबोचते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष रानी की सराय के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले में 20 मई 2026 को थाना रानी की सराय में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस संबंध में मु0अ0सं0 123/2026 संबंधित धारा में विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेन्द्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव एवं मुन्ना शर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। गुरुवार को व0उ0नि0 सुशील कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव दिलौरी खेल मैदान के पास मौजूद हैं। 


सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को सुबह करीब 10:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय, राकेश यादव निवासी अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर थाना गंभीरपुर तथा प्रदीप यादव निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 सुशील कुमार, हे0का0 धनंजय राय एवं हे0का0 दिनेश यादव शामिल रहे।

आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया


 आजमगढ़ निजामाबाद तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत



फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर हुआ हादसा, चालक वाहन छोड़कर फरार; पुलिस ने पिकअप कब्जे में लिया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।


 जानकारी के अनुसार, गंभीरपुर थाना क्षेत्र निवासी बंकेश मिश्र पुत्र सुरेश मिश्र अपनी मोटरसाइकिल से फरिहा चौक से निजामाबाद की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान फरिहा-निजामाबाद रोड पर तेज गति से आ रही एक पिकअप गाड़ी ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बंकेश मिश्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्र अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


 बताया जा रहा है कि मृतक बंकेश मिश्र, गंभीरपुर क्षेत्र के पत्रकार अशोक मिश्र के चचेरे भाई थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। वहीं पुलिस ने दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन को कब्जे में लेकर फरिहा चौकी पर खड़ा करा दिया है। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फरिहा-निजामाबाद मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज 760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


 आजमगढ़ सिधारी देशी शराब दुकान की प्रतिभूति राशि हड़पने का आरोप, पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज


760000 रुपये एफडीआर तुड़वाकर खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप, आबकारी विभाग की तहरीर पर कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में देशी शराब की दुकान संचालन के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि में कथित गड़बड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सिधारी थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला देशी शराब दुकान “गुलामी का पुरा” से जुड़ा है, जिसका वर्ष 2025-26 के लिए ई-टेंडर के माध्यम से आवंटन राजेन्द्र सिंह पुत्र बाबूराम निवासी नेवादा थाना कप्तानगंज को हुआ था। आबकारी विभाग के अनुसार दुकान संचालन के लिए अनुज्ञापी राजेन्द्र सिंह ने कुल 21,10,500 रुपये की प्रतिभूति धनराशि विभिन्न एफडीआर के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराई थी।


 आरोप है कि फरवरी 2026 में निर्धारित कोटे (एमजीक्यू) से कम मात्रा में शराब उठान करने के कारण उन पर प्रतिफल शुल्क और अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क की देनदारी बनी, लेकिन उन्होंने समय पर न तो स्पष्टीकरण दिया और न ही राजस्व जमा किया। इसके बाद कलेक्टर एवं लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। नियमों के तहत लाइसेंस निरस्त होने पर जमा प्रतिभूति राशि सरकार के पक्ष में जब्त होनी थी। इसी क्रम में जिला आबकारी अधिकारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा कटघर को एफडीआर जब्ती के लिए पत्र भेजा। बैंक की ओर से 16 मई 2026 को दिए गए जवाब में खुलासा हुआ कि कुल प्रतिभूति राशि में शामिल दो एफडीआर, जिनकी कुल रकम 7,60,000 रुपये थी, पहले ही 10 फरवरी 2026 को बंद कराकर राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र संजीत सिंह के संयुक्त खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। बैंक ने संजीत सिंह का आवेदन पत्र भी आबकारी विभाग को उपलब्ध कराया, जिसमें एफडीआर तोड़कर खाते में धनराशि भेजने का अनुरोध किया गया था।


 आबकारी विभाग ने आरोप लगाया है कि राजस्व देनदारियों और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से पिता-पुत्र ने मिलीभगत कर प्रतिभूति राशि का दुरुपयोग किया और सरकारी धन सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया। विभाग का कहना है कि यह कृत्य छल, कपट और बेईमानी की श्रेणी में आता है। प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर सिधारी थाने में राजेन्द्र सिंह और संजीत सिंह के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।


https://www.news9up.com/2026/05/760.html