Wednesday, 25 March 2026

लखनऊ, लापरवाही पर सीएम योगी का चला डंडा, 12 इंजीनियर निलंबित 7 का तबादला, 7 अन्य के खिलाफ कारण बताओ सहित अन्य नोटिस नल से जल परियोजना में लापरवाही पर हुई बड़ी कार्रवाई

लखनऊ, लापरवाही पर सीएम योगी का चला डंडा, 12 इंजीनियर निलंबित

7 का तबादला, 7 अन्य के खिलाफ कारण बताओ सहित अन्य नोटिस


नल से जल परियोजना में लापरवाही पर हुई बड़ी कार्रवाई



लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर चल रही जल जीवन मिशन परियोजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कार्यों में देरी और लापरवाही के आरोप में 12 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 4 अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि 3 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, 7 इंजीनियरों का तबादला भी किया गया है। 


निलंबित किए गए अधिकारियों में लखीमपुर खीरी के अविनाश गुप्ता, जौनपुर के सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के मो. कासिम हाशमी, चंदौली के अमित राजपूत, सीताराम यादव, बिजनौर के अकबर हसन, औरैया के अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चंद्र, बाराबंकी के अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। औरैया के अमन यादव, मैनपुरी के अंकित यादव, प्रयागराज के प्रवीण कुट्टी और शामली के फूल सिंह यादव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। गाजियाबाद के भारत भूषण, आगरा के अमित कुमार और मिर्जापुर के राजेश कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


 विभाग ने विभिन्न जिलों में तैनात सात इंजीनियरों का स्थानांतरण भी किया है, जिनमें विपिन कुमार वर्मा, मो. असजद, प्रदीप कुमार मिश्रा, उदयराज गुप्ता, अमित कुमार, चन्द्र बोध त्यागी और अजय कुमार शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि सरकार जल जीवन मिशन को मिशन मोड में चला रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार न होने पर बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेज से विदेशी नागरिकता लेने वाला अभियुक्त गिरफ्तार OCI धारक होते हुए भारतीय मतदाता बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला उजागर


 आजमगढ़ निजामाबाद फर्जी दस्तावेज से विदेशी नागरिकता लेने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



OCI धारक होते हुए भारतीय मतदाता बनकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला उजागर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना निजामाबाद पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नाम व पहचान बदलकर विदेशी नागरिकता प्राप्त करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मलेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल करने के साथ-साथ भारतीय मतदाता सूची में नाम दर्ज कर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप है।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, 24 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा को सूचना मिली कि मो. कुद्दूस उर्फ कुहूस पुत्र अली रजा निवासी ग्राम सुराई, थाना निजामाबाद, जो वर्तमान में मलेशिया से अपने गांव आया हुआ है, ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अपना और अपने पिता का नाम बदलकर “मोहम्मद कुद्दूस बिन रज्जाग शाह” के नाम से मलेशिया की नागरिकता और पासपोर्ट प्राप्त कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास OCI कार्ड होने के बावजूद, जो भारतीय चुनाव में मतदान के लिए अयोग्य बनाता है, उसने भारतीय मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रखा था और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहा था। इतना ही नहीं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान भी उसने स्वयं को भारतीय मतदाता के रूप में दर्ज कराने के लिए फार्म-07 भरा था। इस संबंध में थाना निजामाबाद पर मु0अ0सं0 71/26 के तहत धारा 318(4), 319, 335, 336(3), 338, 340 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है।


 गिरफ्तारी की कार्रवाई के तहत 25 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक राजनारायण पाण्डेय, चौकी प्रभारी रसीदगंज द्वारा अभियुक्त को थाना परिसर में पूछताछ के लिए बुलाया गया। संतोषजनक जवाब न देने और आरोपों की पुष्टि होने पर उसे सुबह 10:30 बजे विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन किया गया तथा अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस पुत्र अली रजा निवासी ग्राम सुराई, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ (वर्तमान पता मलेशिया) के रूप में हुई है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजनारायण पाण्डेय एवं चौकी प्रभारी रसीदगंज सहित थाना निजामाबाद की टीम शामिल रही।

बरेली छापेमारी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 4 गिरफ्तार घर में चल रहा था देह व्यापार, व्हाट्सएप के जरिए बुलाए जाते थे ग्राहक


 बरेली छापेमारी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, 2 महिलाओं समेत 4 गिरफ्तार



घर में चल रहा था देह व्यापार, व्हाट्सएप के जरिए बुलाए जाते थे ग्राहक



उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में किला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाकरगंज क्षेत्र में संचालित एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि एक महिला अपने घर में ही इस अवैध कारोबार को चला रही थी। 


पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम सूचना मिली थी कि बाकरगंज चौकी क्षेत्र में साबरी मस्जिद के पास एक मकान में गुड़िया नाम की महिला देह व्यापार का संचालन कर रही है। सूचना के आधार पर सीओ अंजनी कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारकर गुड़िया के साथ गाजियाबाद निवासी कोमल उर्फ स्वाति, बारादरी निवासी मोनिश और बाकरगंज निवासी चांद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया। 


पूछताछ में सामने आया कि कोमल उर्फ स्वाति कॉलगर्ल के रूप में यहां आई थी, जिसे गुड़िया ने बुलाया था। गुड़िया अपने घर में कमरा, बेड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर देह व्यापार संचालित करती थी और प्रति घंटे 500 से 1000 रुपये तक वसूली होती थी, जिसमें उसका कमीशन तय था। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजकर बुलाते थे। एक गिरफ्तार आरोपी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए दो हजार रुपये देने की बात कबूली है। किला इंस्पेक्टर सुभाष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार महिला कोमल उर्फ स्वाति अपने लगभग एक साल के बच्चे के साथ यहां आई थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान बच्चा भी मौके पर मौजूद मिला, जिसे मां के साथ ही जेल भेजा गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

Tuesday, 24 March 2026

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा

आजमगढ़ गम्भीरपुर बोर्ड परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह पर शिकंजा, 2 वांछित युवतियां गिरफ्तार



साल्वर बनकर परीक्षा देने और आधार कार्ड टैम्परिंग के जरिए चल रहा था संगठित रैकेट, STF की कार्रवाई में हुआ था खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में वांछित चल रही दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए STF और स्थानीय पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 6 मार्च 2025 को पंडित कामता प्रसाद इंटर कॉलेज, मुडहर ठेकमा में छापेमारी की गई थी।


 जांच में सामने आया था कि असली परीक्षार्थियों की जगह साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी, जिसके लिए आधार कार्ड में फोटो तक बदल दिए जाते थे। इस मामले में विद्यालय प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगे थे कि प्रति परीक्षार्थी धनराशि लेकर यह अवैध कार्य कराया जा रहा था। मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि कुछ लोग फरार हो गए थे। विवेचना के दौरान प्रियंका पाल और सीमा का नाम भी प्रकाश में आया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत गम्भीरपुर पुलिस टीम ने मंगलवार को दोनों वांछित अभियुक्ताओं—प्रियंका पाल (निवासी रायपुर, मेहनगर) और सीमा (निवासी मिल्कीपुर, सिधारी) को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पहले से ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में गम्भीरपुर थाने की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

 

आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


 आजमगढ़ 24 साल पुराने हत्या मामले में 3 दोषियों को आजीवन की सजा



जिला न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, प्रत्येक पर 50 हजार जुर्माना; पीड़ित परिवार को 70% राशि देने का आदेश


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के 24 साल पुराने मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने मंगलवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा मोहम्मद राफे निवासी बैरीडीह थाना देवगांव के पिता सोहराब मुकदमा में पैरवी करने के लिए अक्सर कलेक्ट्री कचहरी आजमगढ़ के पास नीलकंठ होटल में रुकते थे। सोहराब को 19 नवंबर 2002 को मुकदमे पैरवी करने के लिए इलाहाबाद जाना था। उनके साथ जाने के लिए वादी राफे ,उसके चाचा एजाज अहमद तथा इश्तियाक तड़के ही बैरीडीह से होटल पर आ गए। जब सुबह साढ़े छह बजे सब लोग होटल से निकले तो वहीं पर वादी के गांव के इम्तियाज, अलीशेर तथा नदीम आ गए। इम्तियाज के ललकारने पर नदीम और अलीशेर ने वादी के पिता सोहराब को गोली मार दी। घायल सोहराब को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु हो गई। मामले में जांच पूरी करने के बाद अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी इम्तियाज,अलीशेर तथा नदीम को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुमार्ना की 70% राशि मृतक के पुत्र वादी मुकदमा मोहम्मद राफे को दिए जाने का भी आदेश दिया।

आजमगढ़ अहरौला विदेश भेजने के नाम पर युवक से 3.13 लाख की ठगी रूस भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर भेजने का आरोप


 आजमगढ़ अहरौला विदेश भेजने के नाम पर युवक से 3.13 लाख की ठगी


रूस भेजने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर भेजने का आरोप


आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी कुलदीप गौड़ ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उससे लगभग 3 लाख 13 हजार 678 रुपये की धोखाधड़ी की गई, लेकिन स्थानीय थाने में शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 


पीड़ित कुलदीप गौड़ के अनुसार, वह बेरोजगार था और नौकरी की तलाश में था। इसी दौरान अम्बेडकरनगर जनपद के बसखरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर शाहपुर नेवरी निवासी अर्जुन प्रजापति उसके घर आया और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने रूस की एक कंपनी का कथित नियुक्ति पत्र दिखाकर भरोसा दिलाया और वीजा व अन्य खर्च के नाम पर कुल 2 लाख 74 हजार रुपये तथा 4500 रुपये मेडिकल शुल्क मांगे। 


पीड़ित ने अपने फोन से 25 हजार रुपये, बड़े भाई रामलखन के फोन से 1 लाख 45 हजार रुपये तथा भाई के मित्र विशाल यादव द्वारा 25 सितंबर 2025 को बैंक के माध्यम से 49,999 रुपये आरोपी को भेजे। इसके बाद आरोपी ने उसे रूस भेज दिया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि उसे टूरिस्ट वीजा पर भेजा गया है और नौकरी की कोई व्यवस्था नहीं है। विदेश में फंसे पीड़ित को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति की मदद से वह कुछ दिन तक रुका और फिर परिवार को सूचना दी। परिजनों ने 34,278 रुपये की व्यवस्था कर उसका वापसी टिकट कराया, जिसके बाद वह किसी तरह अपने घर लौट सका। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस संबंध में अहरौला थाने पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Monday, 23 March 2026

आजमगढ़ कोतवाली 33 लाख की जमीन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेज बनाकर गिरोह सक्रिय कोतवाली पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल


 आजमगढ़ कोतवाली 33 लाख की जमीन ठगी का खुलासा, फर्जी दस्तावेज बनाकर गिरोह सक्रिय


कोतवाली पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर की गई बड़े पैमाने की ठगी का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और कूटरचना के जरिए करीब 33.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मधुबन कन्धरापुर निवासी रूद्रान्श राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कृष्ण चन्द्र राय और उसके सहयोगियों ने कोडर अजमतपुर स्थित भूमि को असली बताकर फर्जी नक्शा और दस्तावेज दिखाए। आरोपियों ने किस्तों में भुगतान का झांसा देकर उससे कुल 33.30 लाख रुपये ले लिए। बाद में जांच में पता चला कि दिखाई गई जमीन का बड़ा हिस्सा बंजर और असंबंधित गाटा संख्या का था। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कही।


 इस मामले में कोतवाली थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 23 मार्च  2026 को मुखबिर की सूचना पर बाग लखराव पुलिया के पास से पांच आरोपियों जितेन्द्र कुमार, अभय कुमार, विजय कुमार, महेन्द्र कुमार और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम उनके खातों में आई थी, जिसे निकालकर मुख्य आरोपी और उसके परिवार के साथ बांट लिया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी कृष्ण चन्द्र राय को 8 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।