आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त
हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत छह शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए। भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत 15 सितंबर 2026 को पारित आदेशों में आपराधिक अभियोग, शस्त्रों के उपयोग, पुलिस आख्या और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया। वहीं, एक अन्य मामले में लाइसेंसी की मृत्यु हो जाने के कारण लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के क्रम में की गई है।
थाना गंभीरपुर क्षेत्र के ग्राम कमरावां निवासी मो. आरिफ पुत्र अब्दुल वहाब के राइफल संख्या 75-0941, लाइसेंस संख्या 418/2005 और रिवॉल्वर संख्या 6696, लाइसेंस संख्या 270 के दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2012 और 2018 के विभिन्न आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस अवशेष होने का भी उल्लेख किया गया। आदेश के अनुसार हर्ष फायरिंग और शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़ा आधार मानते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए।
थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह पुत्र स्व. यदुनन्दन सिंह का एनपीबी राइफल संख्या AB-972506 और लाइसेंस संख्या 148/98 भी निरस्त किया गया है। उनके विरुद्ध लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस आख्या के मुताबिक मामला विचाराधीन है और संबंधित राइफल 30 मई 2020 से थाना जानकीपुरम में जमा है।
थाना महराजगंज के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल पुत्र मो. हम्माद का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2018 और 2022 के चार आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है।
थाना बरदह क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो पुत्र रुस्तम अली का डीबीबीएल गन संख्या 7940 और लाइसेंस संख्या 6051 निरस्त किया गया। आदेश में वर्ष 1994 से 2020 तक दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस आख्या में कई अभियोग लंबित होने और उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया।
थाना निजामाबाद के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव पुत्र बासुदेव यादव का एसबीबीएल गन संख्या N23189 और लाइसेंस संख्या 99/2002 भी निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने तथा आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी पुलिस आख्या में दी गई है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में वर्ष 2003 से 2025 तक कुल 125 कारतूस खरीदे जाने और 17 कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के दृष्टिगत लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।
थाना फूलपुर के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख पुत्र हारून के रिवॉल्वर संख्या 115101254 और लाइसेंस संख्या 361/08 के संबंध में भी कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ वर्ष 2016 में फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि कार्रवाई के दौरान उनकी 4 सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने मृत्यु के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। साथ ही लाइसेंस पंजिका में ‘शस्त्र लाइसेंस निरस्त’ अंकित करने और भविष्य में इसका नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त किए जाने का अंकन लाइसेंस पंजिका में करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस के अनुसार, शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






