Thursday, 12 March 2026

आजमगढ़ फूलपुर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार 8 मार्च को बहला-फुसलाकर एकांत स्थान पर ले जाकर किया गया था दुष्कर्म, विरोध करने पर दी गई थी धमकी


 आजमगढ़ फूलपुर नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार



8 मार्च को बहला-फुसलाकर एकांत स्थान पर ले जाकर किया गया था दुष्कर्म, विरोध करने पर दी गई थी धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को दबोचकर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। 


पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को थाना फूलपुर पर एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें बताया गया कि 8 मार्च 2026 को थाना क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका को कुछ युवकों ने बहला-फुसलाकर एकांत स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, घटना के बारे में किसी को बताने पर पीड़िता को धमकी भी दी गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना फूलपुर में मुकदमा संख्या 90/2026 संबंधित धारा के तहत चार नामजद आरोपितों — शिवम पुत्र सुनील, नीरज पुत्र सुबाष, विशाल पुत्र लल्लू और इन्द्रसेन उर्फ सेन कोटेदार पुत्र योगेन्द्र, निवासी ग्राम खानपुर चितरावल, थाना फूलपुर — के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष सच्चिदानंद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही थी।


 इसी क्रम में 12 मार्च 2026 की रात करीब 1:05 बजे पुलिस टीम ने टेऊगा पावर लोहिया मैदान के पास नोना बस्ती जाने वाले मार्ग के मोड़, ग्राम टेऊगा से तीन वांछित आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में शिवम भारती (21 वर्ष), नीरज कुमार (करीब 20 वर्ष) और विशाल (करीब 18 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी ग्राम खानपुर चितरावल, थाना फूलपुर के निवासी हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, जबकि मामले में अन्य विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपित नीरज कुमार और विशाल के खिलाफ पूर्व में भी अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की विवेचना जारी है और फरार अन्य आरोपित की तलाश के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष सच्चिदानंद यादव के साथ कांस्टेबल शिवराम सरोज, कांस्टेबल विनोद यादव और महिला कांस्टेबल किरण पाल शामिल रहीं।

आजमगढ़ कंधरापुर पैतृक जमीन में धोखाधड़ी के मामले में वांछित पति-पत्नी गिरफ्तार लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन व आधार-पैन कार्ड बरामद


 आजमगढ़ कंधरापुर पैतृक जमीन में धोखाधड़ी के मामले में वांछित पति-पत्नी गिरफ्तार



लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन व आधार-पैन कार्ड बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कंधरापुर पुलिस ने पैतृक जमीन में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में वांछित पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को बेलाइसा के पास स्थित नीबी कॉलोनी से दबिश देकर पकड़ा। पुलिस के अनुसार 8 जनवरी 2026 को अरुण कुमार राय, सुशील राय, बृजेश राय, नीरज राय और अश्विन राय ने थाना कंधरापुर में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अवनीश राय और उनकी पत्नी नूतन राय ने अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए पैतृक भूमि के दस्तावेजों में धोखाधड़ी की। आरोप है कि परिवार के एक सदस्य की बीमार और असहाय स्थिति का फायदा उठाकर जमीन को धोखे से बेच दिया गया और धनराशि का दुरुपयोग किया गया। विरोध करने पर वादी पक्ष को धमकाने का भी आरोप लगाया गया। तहरीर के आधार पर थाना कंधरापुर में मु0अ0सं0 10/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश कुमार कर रहे थे। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त अवनीश राय और अभियुक्ता नूतन राय बेलाइसा स्थित नीबी कॉलोनी में अपने रिश्तेदार के घर मौजूद हैं और कहीं जाने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।


 पूछताछ में दोनों ने अपना नाम अवनीश राय (39 वर्ष) पुत्र स्व. बृजभूषण राय तथा नूतन राय (35 वर्ष) पत्नी अवनीश राय निवासी जोलहापुर, थाना कंधरापुर बताया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 11 मार्च 2026 को शाम 6:30 बजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किए हैं। महिला अभियुक्ता को महिला आरक्षी की अभिरक्षा में रात्रि विश्राम के लिए महिला थाना भेजा गया। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ जीयनपुर 25 हजार का इनामी गैंगस्टर अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार हत्या के मुकदमे में था वांछित, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बक्खोपुर मार्ग से दबोचा


 आजमगढ़ जीयनपुर 25 हजार का इनामी गैंगस्टर अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार



हत्या के मुकदमे में था वांछित, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बक्खोपुर मार्ग से दबोचा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में हत्या के मुकदमे में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर को पुलिस ने अवैध तमंचा और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 29 मार्च 2025 को शिवकुमारी पत्नी स्व. श्याम कुंवर चौहान निवासी भरौली थाना जीयनपुर ने तहरीर देकर बताया था कि 28 मार्च को उनका पुत्र अश्वनी चौहान गांव के ही रामचन्द्र उर्फ मैकू यादव और गौरव सिंह के साथ दावत खाने जीयनपुर गया था। दावत के बाद घर लौटते समय जमीन नरहन गांव के पास सड़क किनारे उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जिसके शरीर पर चोट के निशान थे। मामले में हत्या की आशंका जताते हुए थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान इस मामले में कई अन्य आरोपियों के नाम सामने आए और कुल नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।


 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। इसी क्रम में बुधवार देर रात पुलिस टीम नरईपुर बाजार में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि गैंगस्टर एक्ट में वांछित और 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी आकाश यादव बागखालिस बाजार से बक्खोपुर मार्ग की ओर खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बक्खोपुर मार्ग से आकाश यादव पुत्र रामसमुझ यादव निवासी दाउदपुर थाना  जीयनपुर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से .315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस संबंध में थाना जीयनपुर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जाफर खां समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

आजमगढ़ दीदारगंज खेत में गन्ने की पत्ती जलाने व जातिसूचक गाली देने के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार पूछताछ करने पर वादी और उसके पुत्र से मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप


 आजमगढ़ दीदारगंज खेत में गन्ने की पत्ती जलाने व जातिसूचक गाली देने के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार


पूछताछ करने पर वादी और उसके पुत्र से मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत दीदारगंज थाना पुलिस ने खेत में रखी गन्ने की पत्ती जलाने, जातिसूचक गाली-गलौज करने और मारपीट के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 


पुलिस के अनुसार ग्राम बीबीगंज निवासी मता प्रसाद ने थाना दीदारगंज में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 4 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे उनके खेत में रखी गन्ने की पत्ती और अन्य सामग्री को आरोपियों ने आग लगाकर जला दिया। जब उन्होंने इस बारे में पूछताछ की तो आरोपियों ने वादी और उनके पुत्र विमलेश के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और लाठी-डंडे व थप्पड़-मुक्कों से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना दीदारगंज पर मुकदमा संख्या 37/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।


 घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। गुरुवार को उपनिरीक्षक करमुल्ला अली पुलिस टीम के साथ पल्थी चौराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित आरोपी राजापुर बाजार टैक्सी स्टैंड पर किसी वाहन से भागने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेरकर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सत्यम राजभर (21 वर्ष) और उत्तम राजभर (19 वर्ष) पुत्रगण सुभाष निवासी ग्राम बीबीगंज थाना दीदारगंज बताया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक करमुल्ला अली, उपनिरीक्षक रमेशचन्द्र यादव और हेड कांस्टेबल अमरनाथ यादव शामिल रहे।

आगरा, ISI एजेंट आशी के हुस्न जाल में फंसकर देश से की गद्दारी, नौसेना का जवान गिरफ्तार 3 साल से पाकिस्तानी एजेंट से था संपर्क; एटीएस अन्य संदिग्ध कनेक्शनों की भी कर रही जांच


 आगरा, ISI एजेंट आशी के हुस्न जाल में फंसकर देश से की गद्दारी, नौसेना का जवान गिरफ्तार


3 साल से पाकिस्तानी एजेंट से था संपर्क; एटीएस अन्य संदिग्ध कनेक्शनों की भी कर रही जांच


आगरा, उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में आगरा निवासी नौसेना के लांस नायक आदर्श कुमार उर्फ लकी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि वह कथित आईएसआई एजेंट ‘आशी’ के संपर्क में था, जिसने सोशल मीडिया के जरिए उसे हनी ट्रैप में फंसाया था। एटीएस अब इस मामले में उसके अन्य संदिग्ध कनेक्शनों की भी जांच कर रही है। एटीएस अधिकारियों के अनुसार आदर्श कुमार ने वर्ष 2021 में भारतीय नौसेना ज्वाइन की थी और वर्तमान में केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवल कमांड में तैनात था। आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र के गांव चीतपुर का निवासी आदर्श हाल ही में अवकाश पर अपने घर आया हुआ था। उसकी शादी 19 फरवरी को हाथरस जिले के विसावर क्षेत्र में हुई थी और इसके बाद वह हनीमून के लिए दुबई भी गया था। सूत्रों के अनुसार, एटीएस की नजर उसकी गतिविधियों पर पहले से थी। आगरा आने पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां जांच में आईएसआई से उसके संबंधों के संकेत मिले। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया है कि करीब तीन साल पहले आदर्श की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए ‘आशी’ नाम की कथित आईएसआई एजेंट से हुई थी। उसने अपना नाम ‘कीर्ति’ बताकर आदर्श से दोस्ती की और धीरे-धीरे दोनों के बीच व्हाट्सऐप कॉल पर बातचीत शुरू हो गई। बाद में उसका संपर्क पाकिस्तान में बैठे अन्य आईएसआई एजेंटों से भी कराया गया। 


सूत्रों के मुताबिक आदर्श ने कई संवेदनशील सूचनाएं और तस्वीरें साझा की थीं। इनमें भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Vikrant और सर्वेक्षण पोत INS Ikshak की तस्वीरें भी भेजे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसे आगे और भी गोपनीय जानकारियां जुटाकर भेजने का लक्ष्य दिया गया था। एटीएस इस मामले में मई 2024 में गोरखपुर से पकड़े गए कथित आईएसआई एजेंट Ram Singh से भी आदर्श के संभावित संबंधों की जांच कर रही है। राम सिंह गोवा स्थित नेवल शिपयार्ड बेस में अस्थायी कर्मचारी था और उस पर भी युद्धपोतों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजने का आरोप लगा था। वह भी हनी ट्रैप का शिकार हुआ बताया गया था। 


जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे एजेंट भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप चलाने के लिए नया तरीका अपना रहे हैं। भारत में सिम कार्ड लेकर ओटीपी साझा किया जाता है, जिसके बाद पाकिस्तान में दूसरे मोबाइल पर उसी नंबर से व्हाट्सऐप सक्रिय कर लिया जाता है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। एटीएस की एक टीम आगरा में आदर्श से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी गोपनीय रूप से जांच कर रही है। बताया जाता है कि उसे गांव चीतपुर से ही हिरासत में लिया गया था। बुधवार सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। गांव के लोग हैरान हैं, क्योंकि आदर्श के नौसेना में भर्ती होने पर उन्हें गर्व था और युवाओं को उसका उदाहरण दिया जाता था। वहीं उसके परिजन अब भी इस आरोप को मानने को तैयार नहीं हैं। चाहरवाटी क्षेत्र सेना में बड़ी संख्या में जवान देने और वीरता के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में जासूसी के आरोप में हुई यह गिरफ्तारी पूरे क्षेत्र में चर्चा और चिंता का विषय बन गई है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।

Wednesday, 11 March 2026

आजमगढ़ कंधरापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जीएसटी चोरी के मामले में वांछित आरोपी बिहार से गिरफ्तार कंधरापुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोतिहारी से दबोचा, 2 लाख रुपये नकद व फर्जी दस्तावेज बरामद फर्जी फर्मों के जरिए आयरन स्क्रैप के अवैध परिवहन का मामला, पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा


 आजमगढ़ कंधरापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जीएसटी चोरी के मामले में वांछित आरोपी बिहार से गिरफ्तार



कंधरापुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोतिहारी से दबोचा, 2 लाख रुपये नकद व फर्जी दस्तावेज बरामद


फर्जी फर्मों के जरिए आयरन स्क्रैप के अवैध परिवहन का मामला, पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को कंधरापुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जीएसटी चोरी के मामले में वांछित एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो लाख रुपये नकद, टैक्स इनवॉयस से संबंधित रजिस्टर और कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश कुमार (46) पुत्र राजहरन राय निवासी वार्ड नंबर 2 झिटकहिया, थाना आदापुर, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार) के रूप में हुई है। उसे बिहार के मोतिहारी स्थित मां अम्बे स्क्रैप मार्ट से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी मधुसूदन जायसवाल मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।


 पुलिस के मुताबिक मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जीएसटी चोरी करने वाले फर्मों और व्यक्तियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 3 सितंबर 2025 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास वाहनों की चेकिंग के दौरान पता चला कि फर्जी फर्मों के नाम पर कूटरचित इनवॉयस और ई-वे बिल जारी कर ओल्ड आयरन स्क्रैप का अवैध परिवहन किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर की विद्या ट्रेडर्स और शिमला की अविराज ट्रेडिंग समेत अन्य लोगों द्वारा फर्जी जीएसटी पंजीकरण के जरिए संगठित रूप से कर चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में थाना कंधरापुर में मुकदमा संख्या 285/25 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान पहले ही तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से 70 टैक्स इनवॉयस, एक मोबाइल फोन और रजिस्टर भी बरामद किया गया है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विवेचना टीम, साइबर सेल और सहयोगी पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

आजमगढ़ पूर्व सांसद संतोष सिंह बरी 17 वर्ष पुराने मामले में नहीं मिले पर्याप्त साक्ष्य


 आजमगढ़ पूर्व सांसद संतोष सिंह बरी


17 वर्ष पुराने मामले में नहीं मिले पर्याप्त साक्ष्य



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में बिना अनुमति जुलूस निकालने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज अनुपम त्रिपाठी ने पूर्व सांसद डॉक्टर संतोष कुमार सिंह को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार 2009 के लोकसभा चुनाव के समय शहर में धारा 144 लागू थी। उस समय 30 मार्च को शहर के सिविल लाइन चौराहे पर दिन में लोकसभा प्रत्याशी डॉक्टर संतोष कुमार सिंह ने अपने 50 -60 समर्थकों के साथ जुलूस निकाला और नारेबाजी की। तत्कालीन शहर कोतवाल ने डॉ संतोष सिंह तथा अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल किया। डॉ संतोष कुमार सिंह के अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह पाराशर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल चार गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पर्याप्त सबूत के अभाव में अदालत ने पूर्व सांसद डॉक्टर संतोष कुमार सिंह को दोषमुक्त कर दिया।