Friday, 16 October 2026

आजमगढ़ मेंहनगर प्रेमिका से मिलने आए युवक की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


 आजमगढ़ मेंहनगर प्रेमिका से मिलने आए युवक की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत


हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर थाना क्षेत्र के सिधारी गांव में प्रेमिका से मिलने आए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने युवती और उसकी दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। युवक की मौत हत्या है या आत्महत्या, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। जहानागंज थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव निवासी दीपक राम (26) का सिधारी गांव निवासी एक युवती से इंस्टाग्राम के जरिये प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती तीन बहनों में सबसे छोटी है। वह बीएससी की छात्रा होने के साथ ब्यूटीशियन का कोर्स भी कर रही है। उसके पिता रोजगार के सिलसिले में पंजाब में रहते हैं। घर पर युवती अपनी दादी के साथ रहती थी। 


पुलिस के अनुसार, दीपक बृहस्पतिवार रात अपनी प्रेमिका से मिलने सिधारी गांव आया था। इसी दौरान किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इसका अभी पता नहीं चल सका है। शुक्रवार सुबह युवक का शव मिलने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने युवती और उसकी दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। मौके की स्थिति और पूछताछ के आधार पर हत्या और आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। मेंहनगर के थानाध्यक्ष अभिराज सरोज ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

आजमगढ़ मुबारकपुर शव रखकर जाम लगाने के मामले में 10 नामजद समेत 60-70 अज्ञात पर मुकदमा आवागमन बाधित करने, पुलिस से धक्का-मुक्की और एंबुलेंस रोकने का आरोप सड़क हादसे में एक व्यक्ति की हुई थी मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल


 आजमगढ़ मुबारकपुर शव रखकर जाम लगाने के मामले में 10 नामजद समेत 60-70 अज्ञात पर मुकदमा


आवागमन बाधित करने, पुलिस से धक्का-मुक्की और एंबुलेंस रोकने का आरोप

सड़क हादसे में एक व्यक्ति की हुई थी मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के गुजरपार बाजार में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद शव रखकर मुख्य मार्ग जाम करने के मामले में पुलिस ने 10 नामजद समेत 60 से 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मुबारकपुर-जीयनपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित किया, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की तथा ईंट-पत्थर चलाए। इस दौरान एंबुलेंस, रोडवेज बसों समेत कई वाहनों के फंसने से राहगीरों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

पुलिस की तहरीर के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को गुजरपार बाजार में उपनिरीक्षक नौशाद अहमद पुलिसकर्मियों के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान एक अज्ञात चारपहिया वाहन के चालक पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए गुजरपार निवासी विपिन कुमार के माता-पिता को टक्कर मारने का आरोप है। हादसे में उनकी मां सुमन देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि पिता मुन्नीलाल की मौत हो गई। इस मामले में मुबारकपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 364/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया था। तहरीर के अनुसार, परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। इसी दौरान गुजरपार बाजार चौराहे पर शव रखकर मुबारकपुर-जीयनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया गया। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों ने धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी तथा ईंट-पत्थर चलाते हुए सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। 

पुलिस का आरोप है कि जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। एंबुलेंस और सरकारी रोडवेज बसें भी फंस गईं। तहरीर में गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस रोकने और उन पर हमला करने का भी आरोप लगाया गया है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी हुई। जाम हटवाने के दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी और नेम प्लेट को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अन्य थानों से पुलिस बल पहुंचने के बाद जाम हटवाया गया और आवागमन बहाल हो सका। इस मामले में हरिकेश पुत्र निहोर, प्रकाश पुत्र बेचन, गोविन्द पुत्र स्वर्गीय सोहित, विजय पुत्र शंकर, सुनील राम पुत्र बालचन्द, अनिल राम पुत्र बालचन्द, इन्द्रदेव राम पुत्र निर्मल, रामचन्दर पुत्र बेचन, नागेन्द्र यादव पुत्र स्वर्गीय रामबदन यादव और सूबेदार पुत्र लालधर, सभी निवासी गुजरपार, थाना मुबारकपुर, को नामजद किया गया है। इनके अलावा 60 से 70 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस मुठभेड़ में 2 सगे भाइयों के पैर में लगी गोली सराफा चोरी मामले में हैं आरोपी, बिना नंबर प्लेट की अर्टिगा कार बरामद


 आजमगढ़ निजामाबाद पुलिस मुठभेड़ में 2 सगे भाइयों के पैर में लगी गोली



सराफा चोरी मामले में हैं आरोपी, बिना नंबर प्लेट की अर्टिगा कार बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह पुलिस और सराफा चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। हुशामपुर बड़ागांव नहर की पुलिया के पास हुई इस घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान दो सगे भाइयों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से बिना नंबर प्लेट की एक अर्टिगा कार भी बरामद की गई है।


 पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे हुशामपुर बड़ागांव नहर की पुलिया के पास पुलिस टीम का सामना सराफा चोरी के आरोपियों से हुआ। इस दौरान मुठभेड़ होने पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल आरोपियों की पहचान मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र निवासी सुनील (29) पुत्र छोटक और अनिल (25) पुत्र छोटक के रूप में हुई है। दोनों आपस में सगे भाई बताए गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से बिना नंबर प्लेट की एक अर्टिगा कार भी बरामद की है। अब इस वाहन के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।


 थानाध्यक्ष निजामाबाद राकेश कुमार सिंह के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास का पता लगाने के साथ ही सराफा चोरी की घटनाओं में उनकी कथित संलिप्तता की जांच कर रही है। बरामद अर्टिगा कार का इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया और यह वाहन किसका है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस पूछताछ के आधार पर सराफा चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कड़ियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Thursday, 15 October 2026

आजमगढ़ शहर के प्रतिष्ठित स्कूल का यह हाल हैरान करने वाला कुछ ही दूरी पर मौजूद अधिकारियों का भी नहीं है कोई खौफ


 आजमगढ़ शहर के प्रतिष्ठित स्कूल का यह हाल हैरान करने वाला


कुछ ही दूरी पर मौजूद अधिकारियों का भी नहीं है कोई खौफ


उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ जिला मुख्यालय के चर्चित डीएवी इंटर कॉलेज में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। विद्यालय में बच्चों के लिए भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाए जाने और दोपहर 12:30 बजे तक भोजन की तैयारी अधूरी रहने का मामला सामने आया है। विद्यालय प्रशासन ने गैस सिलेंडर, चूल्हा और बर्तन के लिए बजट नहीं मिलने की बात कही है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच कर शासनादेश के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है। 


जानकारी के अनुसार, डीएवी इंटर कॉलेज में प्राथमिक से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई होती है। प्रधानाचार्य सुशील कुमार के मुताबिक, कक्षा आठ तक करीब 200 छात्र नामांकित हैं। परीक्षा के चलते अधिकांश बच्चे विद्यालय में उपस्थित थे। उन्होंने दावा किया कि सभी बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार कराया जाता है। हालांकि, दोपहर करीब 12:30 बजे विद्यालय पहुंचने पर भोजन बनाने की व्यवस्था की अलग तस्वीर सामने आई। प्रवेश द्वार के दाहिनी तरफ स्थित एक कमरे में तीन रसोइयां लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने की तैयारी करती मिलीं। रसोइयों ने बताया कि विद्यालय में कभी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया। लकड़ी के धुएं से आंखों में जलन होती है, लेकिन मजबूरी में इसी व्यवस्था के तहत भोजन बनाना पड़ता है। रसोइयों के अनुसार, उस समय करीब 100 बच्चों के लिए भोजन बनाने की तैयारी की जा रही थी। मौके पर आग जल रही थी और कटे हुए आलू-टमाटर के साथ एक बर्तन में थोड़ा सा चावल रखा था। भोजन की मात्रा को लेकर सवाल उठने पर रसोइयों ने बताया कि अतिरिक्त सब्जी लेने के लिए कर्मचारी बाहर गया है और चावल भी और निकाला जाएगा। निर्धारित मीनू के अनुसार तहरी या मौसमी सब्जी बनाए जाने की बात कही गई, लेकिन मौके पर उपलब्ध सामग्री को देखकर भोजन की मात्रा और समय पर वितरण को लेकर सवाल खड़े हुए। 


प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर एक बजे बच्चों को भोजन कराया जाता है। उनके अनुसार, गैस सिलेंडर और चूल्हे की कीमत के लिए सरकार से बजट नहीं मिलता और विद्यालय को अब तक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी नगर नवनीत चौबे ने कहा कि यदि विद्यालय में लकड़ी पर भोजन बनाया जा रहा है और दोपहर 12:30 बजे तक आवश्यक सामग्री भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हुई है, तो यह घोर अनियमितता है। मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि विद्यालय में हाल ही में दूसरे प्रवेश द्वार का निर्माण भी कराया गया है, जिसके साथ दुकान भी बनाई गई है। ऐसे में विद्यालय में अन्य निर्माण कार्यों के बीच बच्चों के भोजन की व्यवस्था के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा चर्चा में है। जिला मुख्यालय पर स्थित इस विद्यालय से जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित कई अधिकारियों के कार्यालय कुछ सौ मीटर की दूरी पर हैं। अब देखना यह है कि जांच में क्या सामने आता है और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।

Wednesday, 14 October 2026

आजमगढ़ के सीडीओ राकेश कुमार पटेल का तबादला, कमलकिशोर देशभूषण होंगे नए सीडीओ शासन ने 7 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में किया बदलाव, राकेश पटेल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिली जिम्मेदारी


 आजमगढ़ के सीडीओ राकेश कुमार पटेल का तबादला, कमलकिशोर देशभूषण होंगे नए सीडीओ



शासन ने 7 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में किया बदलाव, राकेश पटेल को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिली जिम्मेदारी




उत्तर प्रदेश आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस क्रम में आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल का स्थानांतरण विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर के मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण को आजमगढ़ का नया मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। 


शासन की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार राकेश कुमार पटेल अब चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके स्थान पर आजमगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण की तैनाती की गई है। इस बदलाव से जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी नए अधिकारी के हाथों में होगी। अन्य तबादलों में धीरेंद्र सिंह सचान को विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से निदेशक पंचायतीराज, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। आगरा मंडल के अपर आयुक्त राजेश कुमार को विशेष सचिव, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


आगरा की मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह को अपर आयुक्त, आगरा मंडल नियुक्त किया गया है। वहीं, कानपुर देहात के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार को आगरा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) के पद पर तैनात देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को प्रतीक्षारत कर दिया गया है। शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल में आजमगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी का बदलाव जिले के लिहाज से प्रमुख माना जा रहा है। नए सीडीओ की तैनाती के साथ जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी अब कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण संभालेंगे।

आजमगढ़ फूलपुर 144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो? 5 माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार


 आजमगढ़ फूलपुर 144 प्रस्तावों में महज 24 को मंजूरी, गांवों का विकास कैसे हो?



5 माह से विकास कार्यों पर ब्रेक, नए काम शुरू कराने के लिए स्वीकृति का इंतजार



उत्तर प्रदेश आजमगढ़। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए शासन की ओर से ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है, लेकिन नई व्यवस्था में विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने की धीमी प्रक्रिया के चलते गांवों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। फूलपुर ब्लॉक से नए विकास कार्यों के लिए भेजे गए 144 प्रस्तावों में से अब तक महज 24 को ही मंजूरी मिल सकी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई के अंतिम सप्ताह में समाप्त हो गया था। पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं होने के कारण प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने की मांग उठी थी। इसको लेकर प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही शासन स्तर पर ज्ञापन भी सौंपे थे। इसके बाद शासन ने ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर उन्हें विकास कार्यों सहित अन्य जिम्मेदारियां सौंपीं। 


नई व्यवस्था के तहत पहले से स्वीकृत उन कार्यों को पूरा कराने और उनका भुगतान करने की अनुमति है, जिनकी कार्य आईडी जारी हो चुकी है या जिन पर काम चल रहा है। हालांकि, नए विकास कार्यों को कराने के लिए जिलाधिकारी की स्वीकृति लेना अनिवार्य किया गया है। शासन से नई गाइडलाइन मिलने के बाद फूलपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रशासकों ने कार्ययोजना, एस्टीमेट और जियो टैगिंग समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर फाइलें सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय में जमा कीं। वहां से खंड विकास अधिकारी की स्वीकृति के बाद कुल 144 फाइलें जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेजी गईं। इनमें से अब तक केवल 24 प्रस्तावों को ही मंजूरी मिल पाई है। नए प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिलने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। करीब पांच माह से विकास कार्य प्रभावित होने के कारण गांवों में जरूरी निर्माण और मरम्मत के काम अटके हुए हैं। फिलहाल पंचायत सहायकों और शौचालय केयरटेकर के मानदेय तथा टेंडर समेत अन्य मदों के भुगतान की प्रक्रिया ही चल पा रही है। स्वीकृति की धीमी रफ्तार से ग्राम पंचायतों के प्रशासकों में निराशा है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के प्रस्ताव और जरूरी दस्तावेज समय से तैयार कर जमा कर दिए गए हैं, लेकिन पर्याप्त संख्या में मंजूरी नहीं मिलने से योजनाओं को धरातल पर उतारना मुश्किल हो रहा है। प्रशासकों ने लंबित प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेने और स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रस्तावों को समय से मंजूरी मिलने पर ही गांवों में रुके विकास कार्य शुरू हो सकेंगे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ग्राम पंचायतों को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने में सहयोग की अपेक्षा जताई है।

आजमगढ़ मुबारकपुर सेंट्रल पब्लिक स्कूल की छात्रा की हुई दर्दनाक मौत स्कूल जाते समय ट्रेलर की चपेट में आने से हुआ हादसा, चचेरा भाई गंभीर


 आजमगढ़ मुबारकपुर सेंट्रल पब्लिक स्कूल की छात्रा की हुई दर्दनाक मौत


स्कूल जाते समय ट्रेलर की चपेट में आने से हुआ हादसा, चचेरा भाई गंभीर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे मुबारकपुर नगर के मोहल्ला कटरा में बुधवार सुबह सड़क हादसे में बाइक सवार 16 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा उसका 15 वर्षीय चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों भाई-बहन स्कूल जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


 जानकारी के अनुसार, मुबारकपुर नगर के मोहल्ला पुरा रानी निवासी गुलरेज अजीजी की 16 वर्षीय पुत्री तहजीब अपने चचेरे भाई रेयाज (15) पुत्र हुमायूं कबीर के साथ सेंट्रल पब्लिक स्कूल, मुबारकपुर जा रही थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे दोनों मोहल्ला कटरा पहुंचे थे। इसी दौरान सामने ट्रेलर आ जाने से बाइक चालक नियंत्रण खो बैठा। हादसे में रेयाज बाइक से उछलकर दूर जा गिरा, जबकि तहजीब ट्रेलर के पहिए के नीचे आकर दब गई। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के शव को कब्जे में लेकर घायल रेयाज को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रेलर को भी कब्जे में ले लिया।


 इस संबंध में थाना प्रभारी मुबारकपुर ने बताया कि सड़क हादसे में छात्रा की मौत हुई है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। बताया जाता है कि तहजीब दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। उसके पिता गुलरेज अजीजी रोजी-रोटी के सिलसिले में विदेश में रहते हैं। हादसे में छात्रा की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया।