Monday, 23 February 2026

आजमगढ़ कोतवाली ग्राम प्रधान सहित 3 को पुलिस ने किया गिरफ्तार ब्लड सेंटर में घुसकर चिकित्साधिकारी से अभद्रता व धमकी देने का मामला


 आजमगढ़ कोतवाली ग्राम प्रधान सहित 3 को पुलिस ने किया गिरफ्तार



ब्लड सेंटर में घुसकर चिकित्साधिकारी से अभद्रता व धमकी देने का मामला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मण्डलीय जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड सेंटर में प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी देने के मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार 21 फरवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे तीन व्यक्ति ब्लड सेंटर में प्रभारी अधिकारी अनिल कुमार मौर्य के कक्ष में घुस गए और उनके साथ विवाद, अभद्रता व धमकी दी। घटना की पुष्टि ब्लड सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 67/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


 इसके बाद उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल अजब नारायण सिंह और कांस्टेबल अभय पासवान की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 फरवरी 2026 को शाम 3:45 बजे सदर अस्पताल परिसर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अंगद यादव, ग्राम प्रधान (34) निवासी पगरा थाना कोतवाली, वीरा यादव (43) निवासी कोढ़वा थाना जहानागंज तथा यशवंत सिंह (50) निवासी उकरौड़ा थाना कोतवाली शामिल हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने अथवा सरकारी सेवकों से दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ बिलरियागंज धोखे की शिकार नाबालिग ने मौत को लगाया गले पारिवारिक परिस्थितियों के बीच उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


 आजमगढ़ बिलरियागंज धोखे की शिकार नाबालिग ने मौत को लगाया गले



पारिवारिक परिस्थितियों के बीच उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को थाना बिलरियागंज में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि शाकिब नामक युवक नाबालिग लड़की को अपने साथ भगा ले गया था। बाद में पारिवारिक परिस्थितियों के बीच नाबालिग लड़की ने आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले में मु0अ0सं0 42/2026 संबंधित धारा के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


सोमवार 23 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक रतन सिंह पटेल मय हमराह क्षेत्र में वांछित अभियुक्त की तलाश में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर खास की सूचना पर श्रीनगर सियरहा अंडरपास के पास से आरोपी शाकिब पुत्र मोहम्मद आसिफ निवासी पाती खुर्द थाना बिलरियागंज, जनपद आजमगढ़ (उम्र करीब 20 वर्ष) को सुबह करीब 09:15 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उ0नि0 रतन सिंह पटेल, कांस्टेबल अतुल सिंह यादव और कांस्टेबल राकेश वर्मा शामिल रहे। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ मुबारकपुर कुत्तों के हमले से 60 भेड़ों की मौत, दर्जन भर अधिक घायल अहाते में दर्जनभर कुत्तों ने बोला हमला, पशुपालक को लाखों का नुकसान


 आजमगढ़ मुबारकपुर कुत्तों के हमले से 60 भेड़ों की मौत, दर्जन भर अधिक घायल



अहाते में दर्जनभर कुत्तों ने बोला हमला, पशुपालक को लाखों का नुकसान


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बरडीहा उर्फ गड़ेरूआ में सोमवार की देर रात लगभग दो बजे बड़ा हादसा हो गया। सुनसान पड़े एक अहाते में ठहराई गई भेड़ों के झुंड पर दर्जनभर कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में करीब 60 भेड़ों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनभर से अधिक भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। पशुपालक के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। 


जानकारी के मुताबिक अतरडीहा निवासी महातम पाल पुत्र राम लखन भेड़ पालन का व्यवसाय करते हैं। वह सोमवार को अपनी भेड़ों को चराने के लिए बरडीहा क्षेत्र में ले गए थे। रात में सभी भेड़ों को एक अहाते में ठहराया गया था। इसी दौरान देर रात अचानक कई कुत्तों ने झुंड पर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले से भेड़ों में भगदड़ मच गई और जब तक आसपास के लोग बचाव के लिए पहुंचते, तब तक 60 भेड़ों की मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि दर्जनभर भेड़ें गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पशुपालक महातम पाल ने घटना से हुए नुकसान पर गहरा दुख जताया है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

आजमगढ़/जौनपुर प्रेमिका की शादी रुकवाने के लिए दी थी न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वीपीएन व प्रॉक्सी सर्वर से बनाई करीब 50 फर्जी ई-मेल आईडी, एटीएस ने किया गिरफ्तार

आजमगढ़/जौनपुर प्रेमिका की शादी रुकवाने के लिए दी थी न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी


वीपीएन व प्रॉक्सी सर्वर से बनाई करीब 50 फर्जी ई-मेल आईडी, एटीएस ने किया गिरफ्तार



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़/जौनपुर, उत्तर प्रदेश एटीएस ने जौनपुर न्यायालय परिसर और पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान विशाल रंजन के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के बक्शपुर गांव का निवासी बताया गया है। एटीएस के अनुसार 17 फरवरी 2026 को जिला जज के सरकारी ई-मेल आईडी पर पांच अलग-अलग फर्जी आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। इन ई-मेल में एक लाख रुपये की मांग की गई थी और रकम न देने पर न्यायालय परिसर व पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।


 शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी सर्विलांस और साइबर जांच के आधार पर एटीएस टीम को विशाल रंजन तक पहुंचने में सफलता मिली। टीम ने आजमगढ़ के सिधारी क्षेत्र स्थित उसके किराए के मकान पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कमरे से पांच मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किए गए। मोबाइल और लैपटॉप की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने वीपीएन और प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर लगभग 50 फर्जी ई-मेल आईडी बनाई थीं। इन्हीं में से पांच आईडी से 17 फरवरी 2026 को धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि उसने आजमगढ़ रोडवेज डिपो को भी बम से उड़ाने का मैसेज तैयार किया था, जिसे वह परिवहन निगम की ई-मेल पर भेजने की तैयारी में था।


 पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक युवती से प्रेम करता था, जिसकी शादी जौनपुर में तय हो गई थी। शादी रुकवाने के लिए उसने युवती के मंगेतर के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट भी डाली थी। बाद में पंचायत में उसे माफी मांगनी पड़ी थी। इसी रंजिश में उसने बदला लेने की नीयत से युवती के मंगेतर और उसके गांव के कुछ युवकों के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर धमकी भरे संदेश भेजे, ताकि वे कानूनी कार्रवाई में फंस जाएं। एटीएस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

 

Sunday, 22 February 2026

आजमगढ़ जेल में बंद हत्या के आरोपित की संदिग्ध मौत परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, अस्पताल के बाहर किया हंगामा


 आजमगढ़ जेल में बंद हत्या के आरोपित की संदिग्ध मौत


परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, अस्पताल के बाहर किया हंगामा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी 36 वर्षीय उग्रसेन सिंह, जो हत्या के आरोप में जिला जेल में निरुद्ध था, की रविवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर लापरवाही व हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।


 जेलर आनंद कुमार शुक्ला के अनुसार, उग्रसेन सिंह सुबह तक सामान्य था और उसने नियमित रूप से भोजन भी किया था। शाम के समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया। स्थिति गंभीर होने पर उसे पहले जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन प्रयासों के बावजूद देर शाम उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जेल पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस फोर्स पहुंच गई।


 जेल प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण अचानक स्वास्थ्य खराब होना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए मामले की जांच की बात कही जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस और जेल प्रशासन ने कहा है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ बरदह, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के धन गबन में अभियुक्त गिरफ्तार 5 लाख रुपये की धनराशि में ₹1.36 लाख से अधिक के गबन का आरोप, मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ बरदह, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के धन गबन में अभियुक्त गिरफ्तार


5 लाख रुपये की धनराशि में ₹1.36 लाख से अधिक के गबन का आरोप, मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना बरदह पुलिस ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत प्राप्त सरकारी धनराशि में गबन के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार योजना के तहत प्राप्त ₹5,00,000 की धनराशि में से ₹1,36,274.84 के गबन की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी सौरभ कुमार पुत्र स्वर्गीय राजेन्द्र प्रसाद, निवासी मुस्तफाबाद थाना बक्सा जनपद जौनपुर द्वारा प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि योजना की धनराशि में अनियमितता की गई है। शिकायत के आधार पर थाना बरदह में दिनांक 28 दिसंबर 2025 को मु0अ0सं0 409/2025 अंतर्गत धारा 316(5), के तहत अशोक कुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय कन्हैया लाल गुप्ता निवासी ग्राम अबुसईदपुर थाना गम्भीरपुर जनपद आजमगढ़ के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था। 


पुलिस के मुताबिक 22 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक पुनीत कुमार श्रीवास्तव मय हमराह टीम के साथ अभियुक्त को उसके घर ग्राम अबुसईदपुर से सुबह लगभग 10 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव भी शामिल रहे। पुलिस द्वारा बताया गया कि अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध इसी प्रकरण से संबंधित एक मामला दर्ज है।

आजमगढ़ सिधारी पहली शादी छिपाकर रचा रहा था दूसरा विवाह, पुलिस ने दूल्हे को थाने पहुंचाया सीएम कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत के बाद सिधारी पुलिस ने रोकी शादी पहले से शादीशुदा था युवक, प्रेम विवाह का भी खुलासा

आजमगढ़ सिधारी पहली शादी छिपाकर रचा रहा था दूसरा विवाह, पुलिस ने दूल्हे को थाने पहुंचाया


सीएम कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत के बाद सिधारी पुलिस ने रोकी शादी


पहले से शादीशुदा था युवक, प्रेम विवाह का भी खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र में एक वैवाहिक समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब द्वारपूजा की रस्म के बाद पुलिस ने दूल्हे को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया। बताया जा रहा है कि दूल्हा अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरी शादी रचा रहा था। इसी बीच उसकी पहली पत्नी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर विवाह की रस्में रुकवा दीं।


 जानकारी के अनुसार मौर्य परिवार का युवक पहले से शादीशुदा है और उसने पूर्व में प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि युवक और उसके परिजनों ने यह तथ्य दुल्हन पक्ष से छिपाया। शादी की आधी से अधिक रस्में पूरी हो चुकी थीं, तभी पुलिस ने हस्तक्षेप किया। दूल्हे को उसके परिजनों सहित थाने ले जाया गया, जिससे दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई।


 बताया जा रहा है कि युवक वाराणसी नगर निगम में संविदा कर्मचारी है और साथ ही डिजिटल क्रिएटर के रूप में भी कार्य करता है। दुल्हन पक्ष ने शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की। इसी मुद्दे पर थाने में करीब 12 घंटे से अधिक समय तक पंचायत चलती रही। अंततः दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया। सिधारी थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे, इसलिए आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।