Tuesday, 10 March 2026

आजमगढ़ दीदारगंज प्रेमी से शादी की जिद में किशोरी चढ़ी हाईवोल्टेज खम्भे पर दीदारगंज थाना क्षेत्र के बैरकडीह गांव के पास की घटना, ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी समझाने के बाद भी नहीं मानी, विवाह की बात सुनने के आश्वासन पर नीचे उतरी किशोरी


 आजमगढ़ दीदारगंज प्रेमी से शादी की जिद में किशोरी चढ़ी हाईवोल्टेज खम्भे पर



दीदारगंज थाना क्षेत्र के बैरकडीह गांव के पास की घटना, ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी


समझाने के बाद भी नहीं मानी, विवाह की बात सुनने के आश्वासन पर नीचे उतरी किशोरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक अजीबोगरीब घटना सामने आई, जब प्रेम प्रसंग के चलते एक किशोरी हाईवोल्टेज बिजली के खम्भे पर चढ़ गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद भी किशोरी खम्भे से उतरने को तैयार नहीं हुई। अंतत: पुलिस के आश्वासन के बाद वह नीचे उतरी, जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ कोतवाली ले गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के बैरकडीह गांव की उत्तर सीवान में स्थित हाईवोल्टेज विद्युत खम्भे पर मंगलवार को करीब साढ़े बारह बजे नटौली गांव की अनुसूचित बस्ती की एक किशोरी अचानक चढ़ गई।


 बताया जाता है कि वह अपने प्रेमी से विवाह करने की जिद पर अड़ी हुई थी। घटना को सबसे पहले आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने देखा, जिसके बाद शोर मचाया गया। देखते ही देखते आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक किशोरी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही और बार-बार यही कहती रही कि वह अपने प्रेमी से ही शादी करेगी। हाईवोल्टेज खम्भे पर चढ़ने के कारण लोगों में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर शाहगंज कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने भी काफी देर तक किशोरी को समझाने का प्रयास किया। आखिरकार पुलिस ने उसे आश्वासन दिया कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसके प्रेमी से विवाह के संबंध में उचित कार्यवाही की जाएगी। पुलिस के इस भरोसे के बाद किशोरी खम्भे से नीचे उतर आई। चूंकि प्रेमिका का निवासी जौनपुर जनपद में है, इसलिए जौनपुर जनपद की पुलिस शाहगंज कोतवाली ले गई, जहां उससे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। घटना दिनभर इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।

आजमगढ़ गंभीरपुर दलित महिला ने दबंग पर मारपीट व अश्लील हरकत का लगाया आरोप मकान निर्माण के दौरान 50 हजार रुपये की मांग का आरोप, सीओ से लगाई न्याय की गुहार गैंगस्टर एक्ट के आरोपी पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग


 आजमगढ़ गंभीरपुर दलित महिला ने दबंग पर मारपीट व अश्लील हरकत का लगाया आरोप


मकान निर्माण के दौरान 50 हजार रुपये की मांग का आरोप, सीओ से लगाई न्याय की गुहार


गैंगस्टर एक्ट के आरोपी पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव की रहने वाली एक दलित महिला ने गांव के ही एक दबंग व्यक्ति पर मारपीट, गाली-गलौज और अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत करते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रीना पत्नी राजकुमार के अनुसार वह अपने ससुर की करीब 50 वर्ष पुरानी जमीन पर कर्ज लेकर अपना मकान बनवा रही थी। 


आरोप है कि 8 मार्च 2026 को दोपहर करीब तीन बजे गांव का ही सफदर पुत्र एकलाक अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंच गया और मकान निर्माण कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग करने लगा। महिला ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो उसने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। रीना का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसके बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों व थप्पड़ों से मारपीट की। इतना ही नहीं, उसने महिला के साथ अश्लील हरकत भी की, जिससे उसकी साड़ी फट गई। महिला के शोर मचाने पर गांव के कई लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पीड़िता का कहना है कि मारपीट में उसके सिर और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उसने पुलिस से मेडिकल परीक्षण कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी क्षेत्र का दबंग और हिस्ट्रीशीटर है, जिससे पूरा परिवार डरा हुआ है। पीड़िता ने सीओ सदर से मांग की है कि गंभीरपुर थाने को निर्देश देकर आरोपी सफदर के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके।

आजमगढ़ अतरौलिया सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख की ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार 3 साल पहले युवक को नौकरी का झांसा देकर ली थी रकम, पैसे मांगने पर कर रहे थे टालमटोल


 आजमगढ़ अतरौलिया सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख की ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार



3 साल पहले युवक को नौकरी का झांसा देकर ली थी रकम, पैसे मांगने पर कर रहे थे टालमटोल


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 


पुलिस के अनुसार, अतरौलिया थाना क्षेत्र के गोविन्दपुर निवासी कन्हैया यादव ने 5 मार्च 2026 को थाने में शिकायत दी थी कि महाजी सिंगवारा निवासी परमानन्द यादव और रामानन्द यादव ने करीब तीन वर्ष पहले उनके पुत्र रणधीर यादव उर्फ मिंटू यादव को सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन लाख रुपये ले लिए थे। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने और रुपये वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अतरौलिया थाने में मुकदमा संख्या 0083/26 धारा 406 के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में धारा 467 और 468 भी बढ़ाई गई। पुलिस टीम ने 9 मार्च को कार्रवाई करते हुए आरोपी परमानन्द यादव को गायत्री नगर रेलवे स्टेशन के पास से सुबह करीब 9:30 बजे गिरफ्तार किया। 


पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उसके भाई रामानन्द यादव को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के फुलवरिया क्षेत्र से दोपहर करीब 12:10 बजे हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में अतरौलिया और महराजगंज थाने के कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

एटा सीडीओ का वीडियो वायरल, आंगनबाड़ी से ₹10 हजार मांगने का आरोप डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर से फोन पर पैसे की व्यवस्था कराने की कथित बातचीत सामने आई वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने की कार्रवाई, सीडीओ निलंबित


 एटा सीडीओ का वीडियो वायरल, आंगनबाड़ी से ₹10 हजार मांगने का आरोप


डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर से फोन पर पैसे की व्यवस्था कराने की कथित बातचीत सामने आई


वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने की कार्रवाई, सीडीओ निलंबित


लखनऊ/एटा, उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नागेंद्र नारायण मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सीडीओ कथित तौर पर पैसों की व्यवस्था करने की बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। 


बताया जा रहा है कि वीडियो में सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा, डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर संजीव पचौरी से फोन पर बातचीत कर रहे हैं। बातचीत के दौरान सीडीओ कथित रूप से यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि “हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये चाहिए। आप अपने आदमी हैं पचौरी, पैसे दिलवाइए।” हालांकि, संजीव पचौरी ने इस मांग को साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया और पैसे के किसी भी लेन-देन में शामिल होने से इंकार कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को निलंबित कर दिया है।


 उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि नागेंद्र नारायण मिश्रा को सस्पेंड कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार नागेंद्र नारायण मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा से जुड़े अधिकारी हैं, जो बीडीओ पद से पदोन्नत होकर सीडीओ बने थे। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन की नजर इस पर बनी हुई है।

Monday, 9 March 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज बुजुर्ग ने ट्यूबवेल के कमरे में लगाई फांसी, गांव में पसरा मातम सुबह घर से निकलकर खेत गए थे राम उग्रह, दोपहर में तलाश करने पहुंचे परिजनों ने देखा शव


 आजमगढ़ बिलरियागंज बुजुर्ग ने ट्यूबवेल के कमरे में लगाई फांसी, गांव में पसरा मातम


सुबह घर से निकलकर खेत गए थे राम उग्रह, दोपहर में तलाश करने पहुंचे परिजनों ने देखा शव



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक बुजुर्ग द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में भी शोक का माहौल है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के हरखपुर गांव निवासी राम उग्रह चौहान (65 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय दूईज चौहान सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे घर से निकलकर गागेपुर गांव के सिवान स्थित अपने ट्यूबवेल पर गए थे। बताया जाता है कि उन्होंने ट्यूबवेल के कमरे का दरवाजा बंद कर वहां लगे करकट से रस्सी के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार जब दोपहर में खाना खाने का समय हुआ और वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। इसके बाद परिजन उन्हें खोजते हुए ट्यूबवेल पर पहुंचे। वहां दरवाजा खोलकर देखा तो राम उग्रह चौहान फांसी के फंदे से लटके हुए थे। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और घर में चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा बिलरियागंज थाने को दी गई।


 सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष बिलरियागंज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। बताया जाता है कि मृतक पहले रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहकर काम करते थे, लेकिन कुछ समय से घर पर रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। मृतक के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

आजमगढ़ सिधारी अधिवक्ता से 2 लाख रुपये ‘गुंडा टैक्स’ की मांग, दबंगों पर दीवार गिराने और धमकी देने का आरोप निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे आरोपित, मजदूरों को भगाया और कट्टा दिखाकर दी जान से मारने की धमकी


 आजमगढ़ सिधारी अधिवक्ता से  2 लाख रुपये ‘गुंडा टैक्स’ की मांग, दबंगों पर दीवार गिराने और धमकी देने का आरोप


निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे आरोपित, मजदूरों को भगाया और कट्टा दिखाकर दी जान से मारने की धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता से कथित रूप से दो लाख रुपये ‘गुंडा टैक्स’ मांगने और मकान निर्माण रुकवाने का मामला सामने आया है। पीड़ित अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने निर्माणाधीन मकान की दीवार भी गिरा दी और जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना सिधारी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। मिली जानकारी के अनुसार राजीव पाण्डेय पुत्र हरि नारायण पाण्डेय, जो सिविल कोर्ट आजमगढ़ में अधिवक्ता हैं, वर्तमान में सिधारी क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं। उन्होंने अपने पिता द्वारा ग्राम रामपुर (थाना सिधारी) में खरीदी गई जमीन पर मकान का निर्माण शुरू कराया था।


 आरोप है कि गांव के राजेश यादव उर्फ मुन्ना, अवधेश यादव और उनके साथियों ने 21 जुलाई 2024 को निर्माण कार्य रुकवाते हुए दो लाख रुपये ‘टैक्स’ देने की मांग की थी। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। पीड़ित के अनुसार 1 मार्च 2025 को भी आरोपित ने निर्माण स्थल पर हमला किया था, जिस मामले में थाना सिधारी में एफआईआर संख्या 88/2025 धारा 115(2)/351(2) के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके बावजूद आरोप है कि 18 दिसंबर 2025 को दोबारा निर्माण शुरू होने पर आरोपित अपने साथियों के साथ पहुंचकर काम बंद करा दिया और फिर से पैसे की मांग की। राजीव पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी और मंडलायुक्त को भी शिकायत भेजी थी। इसके बाद प्रशासन द्वारा निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया था। 


पीड़ित के अनुसार 7 मार्च 2026 को जब दोबारा निर्माण कार्य शुरू हुआ तो राजेश यादव उर्फ मुन्ना, रामआशीष यादव, जनार्दन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, मजदूरों को भगा दिया और कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि जाते समय आरोपित निर्माण के कुछ औजार भी उठा ले गए। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 7-8 मार्च की रात आरोपितों ने निर्माणाधीन दीवार को गिरा दिया, जिससे अधिवक्ता को आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जान-माल की सुरक्षा और हुए नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।

Sunday, 8 March 2026

आजमगढ़ पुलिस ने बरामद किए 154 एंड्रॉयड मोबाइल, स्वामियों को किए सुपुर्द सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से लगभग 38.50 लाख रुपये कीमत के मोबाइल बरामद 25 महीनों में पुलिस ने 7.885 करोड़ रुपये के 3179 मोबाइल ढूंढकर लौटाए


 आजमगढ़ पुलिस ने बरामद किए 154 एंड्रॉयड मोबाइल, स्वामियों को किए सुपुर्द



सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से लगभग 38.50 लाख रुपये कीमत के मोबाइल बरामद


25 महीनों में पुलिस ने 7.885 करोड़ रुपये के 3179 मोबाइल ढूंढकर लौटाए


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में खोए हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरवरी 2026 के दौरान कुल 154 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 38.50 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन रविवार को उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 


इस अभियान के तहत मोबाइल धारक सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हैं, जिसके आधार पर पुलिस और सीसीटीएनएस टीम मोबाइल की तलाश कर उसे बरामद करती है। इसी क्रम में रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन आजमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक कुल 351 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे जा चुके हैं। वहीं फरवरी 2024 से अब तक चलाए जा रहे अभियान के दौरान कुल 3179 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7.885 करोड़ रुपये है।