Saturday, 14 February 2026

आजमगढ़ सरायमीर स्कूली वैन में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग चालक की सतर्कता से सभी बच्चे सुरक्षित बचे, वैन पूरी तरह जली


 आजमगढ़ सरायमीर स्कूली वैन में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग


चालक की सतर्कता से सभी बच्चे सुरक्षित बचे, वैन पूरी तरह जली



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में बच्चों को घर छोड़ने जा रही एक स्कूली वैन में अचानक शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। चालक की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया और वाहन में सवार सभी बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार वैन में तकनीकी खराबी के चलते शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद वाहन से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति को भांपते हुए चालक मोहम्मद फैसल ने तत्काल सूझबूझ का परिचय दिया और गाड़ी को सड़क किनारे रोककर उसमें सवार करीब आधा दर्जन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी रवाना हुई, लेकिन जब तक दमकल कर्मी मौके पर पहुंचते, वैन पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि यह वाहन मदरसा उस्मानिया का था। प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ बरदह युवक का संदिग्ध हाल में मिला शव शरीर पर कई चोटों के निशान, दाहिना पैर टूटा पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा शव, हादसा या हत्या, जांच जारी


 आजमगढ़ बरदह युवक का संदिग्ध हाल में मिला शव



शरीर पर कई चोटों के निशान, दाहिना पैर टूटा


पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा शव, हादसा या हत्या, जांच जारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के जिवली बाजार स्थित यूबीआई बैंक के निकट जौनपुर–आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर महताब आलम के मकान के सामने नीम के पेड़ के पास लगभग 30 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने पहले मृतक की पहचान का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी शिनाख्त की कोशिश की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव के पास चप्पल रखी होने से स्थानीय लोग तरह-तरह की अटकलें लगाते रहे। काफी प्रयास के बाद मृतक की पहचान 24 वर्षीय नीतीश यादव पुत्र योगेंद्र, ग्राम सेनुरी थाना सरायमीर आजमगढ़ के रूप में हुई। 


वह ठेकमा स्थित एक टेंट हाउस में कर्मचारी था और अधिकतर वहीं रहता था। बताया गया कि वह ठेकमा से अपनी मौसी मीना देवी (पत्नी स्व. उदयराज), ग्राम कुरेथू थाना गौरा बादशाहपुर, जनपद जौनपुर जाने के लिए निकला था। परिजनों से बातचीत के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि बीती रात किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से युवक की मौत हुई होगी। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। छोटे भाई नितिन यादव ने स्थानीय थाने में अज्ञात वाहन के विरुद्ध तहरीर दी है।

आजमगढ़ शहर कोतवाली फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, हत्या का आरोप पति ने बताया आत्महत्या, मायके वालों ने ससुराल पर उठाए सवाल


 आजमगढ़ शहर कोतवाली फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, हत्या का आरोप



पति ने बताया आत्महत्या, मायके वालों ने ससुराल पर उठाए सवाल



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोहल्ले में 35 वर्षीय विवाहिता रानू देवी का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हरैया निवासी रानू देवी (35), पत्नी बृजेश कुमार, का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से साड़ी के सहारे लटका मिला। सूचना पाकर मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए।


 मृतका के भाई विशाल कुमार, निवासी रोहुआं मुस्तफाबाद थाना गंभीरपुर आजमगढ़ , ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बहन का शव घर के बाहर अंधेरे में रखा गया था और गले पर फंदे का निशान स्पष्ट था। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने पहले कहा कि रानू खाना खाकर सो रही थी, बाद में आत्महत्या की बात कही। साथ ही दरवाजा तोड़कर अंदर जाने की बात भी कही गई, जबकि मौके पर दरवाजा टूटा नहीं मिला। 


वहीं पति बृजेश कुमार का कहना है कि उनकी पत्नी पिछले चार वर्षों से सोशल मीडिया पर रील बनाती थीं। घटना के समय वह दुकान पर थे। घर लौटने पर उन्होंने पत्नी को पंखे से लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शहर कोतवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मायके पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

आजमगढ़ महराजगंज पुलिस-मुठभेड़ में 2 गोतस्कर गोली लगने से घायल सहित 3 गिरफ्तार घायल आरोपियों पर गोवध, चोरी व अन्य गंभीर धाराओं में पहले से दर्ज हैं मुकदमे


 आजमगढ़ महराजगंज पुलिस-मुठभेड़ में 2 गोतस्कर गोली लगने से घायल सहित 3 गिरफ्तार



घायल आरोपियों पर गोवध, चोरी व अन्य गंभीर धाराओं में पहले से दर्ज हैं मुकदमे


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना महराजगंज क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि एक अन्य को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों पर गोवंश वध और अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता का आरोप है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी सगड़ी अनिल वर्मा के पर्यवेक्षण में 13/14 फरवरी 2026 की रात करीब 2:40 बजे महराजगंज पुलिस क्षेत्र में गश्त व चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम अहरिगांव नहर पुलिया के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति किसी वारदात की तैयारी में हैं। 


पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। इसमें अबु जैद (23) के दाहिने पैर और अनिल नोना (21) के बाएं पैर में गोली लगी। तीसरे आरोपी अब्दुला (19) को पुलिस ने दबोच लिया। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। मौके से पुलिस ने दो देशी तमंचा (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक चापड़, दो चाकू, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में घायल आरोपी ने बताया कि वह साथियों के साथ सुनसान स्थानों पर छुट्टा गोवंश को ले जाकर अवैध वध करते थे और मांस को ऊंचे दामों पर बेचते थे। अवशेषों को नदी-नालों में फेंककर या जमीन में गाड़कर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जाता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी निगरानी से बचने के लिए बार-बार स्थान बदलते थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना महराजगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


 पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घायल आरोपी अनिल नोना पर पहले से मारपीट, हत्या के प्रयास, चोरी और गोवध निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। अन्य दोनों आरोपियों पर भी पूर्व में गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ में थाना महराजगंज के प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ मौर्य सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

Friday, 13 February 2026

आजमगढ़ 27 साल पुराने मुबारकपुर शिया-सुन्नी दंगा हत्याकांड में 12 आरोपी दोषी करार मोहर्रम जुलूस के बाद अली अकबर की हुई थी हत्या, सिर कटी लाश पोखरे से मिली थी सजा पर सुनवाई 17 फरवरी को, 4 आरोपी मुकदमे के दौरान हो चुके हैं मृत

आजमगढ़ 27 साल पुराने मुबारकपुर शिया-सुन्नी दंगा हत्याकांड में 12 आरोपी दोषी करार


मोहर्रम जुलूस के बाद अली अकबर की हुई थी हत्या, सिर कटी लाश पोखरे से मिली थी


सजा पर सुनवाई 17 फरवरी को, 4 आरोपी मुकदमे के दौरान हो चुके हैं मृत



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में 27 साल पूर्व मुबारकपुर में शिया सुन्नी दंगे में हुई एक हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने शुक्रवार को सुनाया। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 फरवरी 2026 तारीख निर्धारित की है। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा नासिर हुसैन ने मुबारकपुर थाने में 30 अप्रैल 1999 को रिपोर्ट दर्ज कराई। नासिर हुसैन ने अपनी तहरीर में कहा उसके चाचा अली अकबर निवासी पूरा ख्वाजा 27 अप्रैल 1999 से लापता थे। अली अकबर के लड़के जैगम ने 28 अप्रैल को गुमशुदगी की सूचना थाने पर दी थी। अली अकबर की सिर कटी लाश राजा भाट के पोखरे से 30 अप्रैल को बरामद की गई। विवेचना में यह पता चला कि मोहर्रम के जुलूस से लौटते समय अली अकबर को सुन्नी संप्रदाय के लोगों ने मारपीट कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हुसैन अहमद निवासी हैदराबाद, मोहम्मद अयूब फैजी, हाजी मोहम्मद सुलेमान, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब सभी निवासी दुल्हनपूरा, अली जहीर नजीबुल्लाह इरशाद निवासी पूरासोफी, हमीदुल्लाह उर्फ झीनक, मोहम्मद असद हाजी अब्दुल खालिक अफजल अलाउद्दीन दिलशाद तथा वसीम निवासी हैदराबाद के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा हाजी मोहम्मद सुलेमान, नजीबुल्लाह, हमीदुल्लाह उर्फ झीनक तथा हाजी अब्दुल खालिक की मृत्यु हो गई। 


अभियोजन पक्ष की तरफ से डीजीसी फौजदारी प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा एडीजीसी दीपक कुमार मिश्रा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी हुसैन अहमद, मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब, अली जहीर, इरशाद,मोहम्मद असहद, अफजल, अलाउद्दीन, दिलशाद तथा वसीम को अली अकबर की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा के बिना पर सुनवाई के लिए 17 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है।

 

अलीगढ़ पहले दामाद फिर 10 माह बाद बहनोई संग हुई फरार 2 लाख रुपये और गहने ले जाने का आरोप


 अलीगढ़ पहले दामाद फिर 10 माह बाद बहनोई संग हुई फरार



2 लाख रुपये और गहने ले जाने का आरोप


उत्तर प्रदेश अलीगढ़, प्रेम प्रसंग की एक अनोखी कहानी में नया मोड़ आ गया है। अप्रैल 2025 में बेटी की शादी से ठीक पहले होने वाले दामाद के साथ घर छोड़कर गई महिला अब करीब दस माह बाद उसे भी छोड़कर अपने बहनोई के साथ फरार हो गई है। पीड़ित युवक ने दादों थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है और दो लाख रुपये व गहने ले जाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने घटना बिहार की बताकर कार्रवाई से इनकार कर दिया है। 


थाना दादों क्षेत्र के गांव मछरिया नगला निवासी राहुल कुमार की शादी अप्रैल 2025 में थाना मडराक के गांव मनोहरपुर में तय हुई थी। सगाई के बाद राहुल की बातचीत अपनी होने वाली सास अपना देवी से मोबाइल पर होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। विवाह से करीब 12 दिन पहले अपना देवी अपने पति और परिवार को छोड़कर राहुल के साथ चली गई थीं। इस घटना के बाद महिला के पति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बिहार समेत कई राज्यों में दबिश दी थी। बाद में दोनों स्वयं दादों थाने पहुंचे, जहां से उन्हें मडराक थाने भेजा गया। वहां दोनों ने लिखित बयान देकर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की सहमति जताई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी थी। करीब दस माह तक साथ रहने के बाद राहुल ने बुधवार को दादों थाने पहुंचकर बताया कि वह बिहार के एक जिले में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता है। छह फरवरी को उसकी पत्नी अपना देवी कथित रूप से दो लाख रुपये और गहने लेकर अपने बहनोई के साथ कहीं चली गई है। 


थाना प्रभारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि युवक ने कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन घटना उनके थाना क्षेत्र की नहीं है, इसलिए यहां से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र में ही कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।

आजमगढ़ शहर कोतवाली युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मोबाइल पर बात करने के बाद उठाया कदम किराए के मकान में रहता था, हिमांशु अस्पताल में करता था नौकरी


 आजमगढ़ शहर कोतवाली युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मोबाइल पर बात करने के बाद उठाया कदम


किराए के मकान में रहता था, हिमांशु अस्पताल में करता था नौकरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के पठखौली मोहल्ले में गुरुवार शाम एक 25 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान प्रिंस रंजन (25) पुत्र विनोद, निवासी मेहनाजपुर के रूप में हुई है। वह शहर में किराए के मकान में रहकर हिमांशु अस्पताल में नौकरी करता था। 


बताया जा रहा है कि घटना से पहले प्रिंस रंजन मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसके बाद उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। काफी देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि करीब 8 बजे घटना की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुट गई है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।