Wednesday, 27 May 2026

आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश


 आजमगढ़ लालगंज सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर सील


प्रसूता की मृत्यु मामले का सीएमओ ने लिया संज्ञान, जांच के दिये निर्देश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लालगंज क्षेत्र स्थित सुमन हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर सेंटर में प्रसूता की मृत्यु से संबंधित समाचार एवं प्राप्त शिकायतों का मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने गंभीर संज्ञान लिया और प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करते हुए डिप्टी सीएमओ एवं नोडल निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द्र कुमार को मौके पर जांच हेतु निर्देशित किया। डॉ. आलेन्द कुमार द्वारा आज जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया तो जांच के दौरान अस्पताल संचालक एवं स्टाफ मौके पर उपस्थित मिले। निरीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उपचार के दौरान एक प्रसूता की मृत्यु हो गई थी तथा नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में अन्य चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया था । मामले को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा अस्पताल परिसर में विरोध एवं हंगामा भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, आवश्यक पंजीकरण अभिलेख, प्रशिक्षित स्टाफ एवं मानक अनुरूप चिकित्सीय उपकरणों की गंभीर कमी पाई गई। कई आवश्यक अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल निर्धारित मानकों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित नहीं पाया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेन्द कुमार ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी अत्यंत गंभीर विषय है। प्रथम दृष्टया अस्पताल संचालन में लापरवाही एवं अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है तथा संबंधित प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा कि जनपद में बिना मानक एवं नियमों के संचालित किसी भी निजी चिकित्सालय, अवैध अस्पताल अथवा झोलाछाप गतिविधियों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संबंधित थाना देवगांव को भी प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया


 आजमगढ़ गम्भीरपुर 50 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार



एसटीएफ और गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, हाईवे से दबोचा गया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य एवं गैंगस्टर एक्ट में वांछित ₹50 हजार के इनामी अभियुक्त को गम्भीरपुर पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 


आरोपी को बुधवार तड़के करीब 1:05 बजे बिन्द्रा बाजार स्थित आजमगढ़-वाराणसी नेशनल हाईवे से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अब्दुल वाहिद पुत्र शेर अली निवासी मुस्लिम पट्टी थाना निजामाबाद जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके विरुद्ध पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा ₹50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।


 पुलिस के अनुसार अभियुक्त एक संगठित चोर गिरोह का सदस्य है, जो आर्थिक लाभ के उद्देश्य से चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के खिलाफ थाना निजामाबाद में उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया गया कि 20/21 अगस्त 2024 की रात थाना निजामाबाद क्षेत्र के सोढरी गांव में घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और ₹50 हजार नगद चोरी कर लिये गये थे। इसके अलावा फरिहा क्षेत्र में घर में घुसकर आभूषण और नगदी चोरी तथा प्राथमिक विद्यालय प्यारेपुर से गैस चूल्हा व सिलेंडर चोरी की घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया था। इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्यों रईस उर्फ लम्बू और अब्दुल वाहिद को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया था। हालांकि अब्दुल वाहिद बाद में फरार हो गया था और तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक रेडमी मल्टीमीडिया मोबाइल फोन और ₹310 नगद बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

आजमगढ़ पवई, 50 हजार का इनामी गैंगस्टर चढ़ा एसटीएफ के हत्थे गोकशी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामलों में वांछित था मो. लड्डन उर्फ सकलैन


 आजमगढ़ पवई, 50 हजार का इनामी गैंगस्टर चढ़ा एसटीएफ के हत्थे


गोकशी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामलों में वांछित था मो. लड्डन उर्फ सकलैन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को एसटीएफ वाराणसी ने गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मो. लड्डन उर्फ सकलैन को जौनपुर जनपद के शाहगंज रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया। गिरफ्तारी इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। आरोपी के कब्जे से मोबाइल कीपैड और 420 रुपये नगद बरामद हुए हैं।


 पुलिस के अनुसार 29 मार्च 2026 को थाना पवई में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह द्वारा गोकशी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में मो. लड्डन उर्फ सकलैन पुत्र मो. मुनाऊ उर्फ सोहराब निवासी अंबारी नई बस्ती थाना फूलपुर तथा आमिर पुत्र इस्तियाक निवासी कसाई टोला थाना सरायमीर को आरोपी बनाया गया था। जिला मजिस्ट्रेट से गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में वांछित चल रहे मो. लड्डन उर्फ सकलैन पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से एसटीएफ और स्थानीय पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 


मंगलवार को एसटीएफ वाराणसी की टीम को सूचना मिली कि आरोपी शाहगंज क्षेत्र में आने वाला है। इसके बाद एसटीएफ टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की मदद से शाहगंज रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर समय करीब 1:15 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक थाना पवई और फूलपुर में उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं। इस कार्रवाई में एसटीएफ वाराणसी के उपनिरीक्षक अंगद सिंह यादव, उपनिरीक्षक विनय कुमार मौर्या, मुख्य आरक्षी रविशंकर यादव, रविशंकर सिंह तथा कमांडो धीरेन्द्र चौबे शामिल रहे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।

Tuesday, 26 May 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


 आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद



छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 26 किलो 900 ग्राम नाजायज गांजा तथा तस्करी में प्रयुक्त एक ऑटो बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत करीब छह लाख रुपये आंकी गई है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 25 मई 2026 को थानाध्यक्ष बिलरियागंज अमित कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति ऑटो से गांजा लेकर गुलवा गौरी नहर मार्ग की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छिछोरी नहर ट्यूबेल के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया।


 पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमरजीत पाण्डेय निवासी गोपालगंज, बिहार तथा हरेन्द्र कुशवाहा निवासी कुशीनगर के रूप में बताई। क्षेत्राधिकारी सगड़ी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर अमरजीत पाण्डेय के पास से 16 किलो 515 ग्राम तथा हरेन्द्र कुशवाहा के पास से 10 किलो 385 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल बरामद गांजा 26 किलो 900 ग्राम पाया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ऑटो संख्या BR28L1774 को भी कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा छत्तीसगढ़ से लेकर बिक्री के लिए जा रहे थे। इस मामले में बिलरियागंज थाना पर संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी और बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

Monday, 25 May 2026

आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड


 आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद



एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 38-38 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही ने सोमवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मोहम्मद जीशान निवासी कुकड़ीपुर थाना पवई की गांव के याहिया से पुरानी जमीनी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद को लेकर 11 जून 2020 की शाम करीब छह बजे आरोपी याहिया, मोहम्मद पुत्र सुकुरुल्लाह और मोहम्मद होजैफा ने वादी के भाई कासिम अहमद तथा चाचा अनीस और लतीफ पर चापड़, लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल कासिम अहमद की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने अदालत में कुल आठ गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत 26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


 उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा


पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत


26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने के चलते प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। पंचायती राज विभाग ने सोमवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। प्रदेश की 57 हजार 694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। सरकार के इस फैसले के बाद वर्तमान ग्राम प्रधान चुनाव होने तक अपने पद पर बने रहेंगे। ग्राम प्रधान संगठनों ने भी मांग की थी कि नए चुनाव होने तक मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी जाए। 


बताया जा रहा है कि यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश में प्रशासनिक समिति बनाए जाने की व्यवस्था लागू होगी। सूत्रों के अनुसार, अब पंचायत चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना है। प्रदेश में जनवरी-फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसके चलते पंचायत चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल टलती नजर आ रही है। इधर, पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी कर दिया है।


 पंचायतीराज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। आयोग में सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह माह के लिए की गई है। यह आयोग पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े आंकड़ों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को आयोग गठन की अधिसूचना जारी की थी। आयोग के गठन के साथ ही पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल


 जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 


एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल



उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहा मुख्य आरोपी रवि यादव सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के हाथ में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। 


पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को रवि यादव के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


 मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के सदस्य प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि 1 मई 2026 को 25 वर्षीय आजाद बिंद की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह बारात लेकर शादी के लिए जा रहा था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इनमें प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत नेपाल तक छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


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