Wednesday, 30 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम 20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


 आजमगढ़ गंभीरपुर गोसाईं की बाजार, दोहा कतर से घर पहुंचा प्रवासी का शव, मचा कोहराम


20 दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, इलाज के दौरान 24 सितंबर को हुई मौत, 22 वर्षों से दोहा में कर रहे थे नौकरी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गोसाई की बाजार कस्बा स्थित रसूलपुर जयद्रथ यति निवासी वीरेंद्र कुमार यादव (52) का शव बुधवार शाम करीब सात बजे उनके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसूलपुर जयद्रथ निवासी वीरेंद्र कुमार यादव पुत्र स्वर्गीय किशन यादव पिछले करीब 22 वर्षों से रोजी-रोटी के लिए दोहा, कतर में रहकर एक फाइबर कंपनी में कार्यरत थे। करीब 20 दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। कंपनी की ओर से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। वीरेंद्र की तबीयत खराब होने की सूचना कंपनी की ओर से उनके परिवार को दी गई। सूचना मिलने के बाद उनके छोटे भाई प्रमोद कुमार यादव उर्फ सिंधु 20 सितंबर 2026 को दोहा, कतर पहुंचे। इलाज के दौरान 24 सितंबर 2026 को वीरेंद्र कुमार यादव की मौत हो गई। इसके बाद उनके भाई प्रमोद कुमार यादव शव लेकर बुधवार शाम करीब सात बजे घर पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि वीरेंद्र कुमार यादव पांच भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। मौत की खबर से गांव में भी शोक का माहौल है।

आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया


 आजमगढ़ हत्या के दोषी को आजीवन कारावास, 2 को 6 माह की सजा


कोर्ट ने 2 आरोपियों को किया दोषमुक्त, 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने एक आरोपी को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में दो आरोपियों को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के वैध वारिस को दिए जाने का आदेश दिया गया है। फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश मिश्रा ने बुधवार को सुनाया।


 अभियोजन के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र के शाहपुर कानूनगो निवासी मुन्ना पांडेय 29 नवंबर 2019 को सुबह करीब नौ बजे अपने पुत्रों इंद्रसेन और चंद्रमणि के साथ दीवार की सुरक्षा के लिए मिट्टी डाल रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी संजय, मृत्युंजय, पंकज पांडेय, सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। वादी के विरोध करने पर संजय ने चंद्रमणि पांडेय को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह, निर्मल शर्मा तथा अधिवक्ता सुधन प्रसाद ने कुल 10 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संजय को हत्या और अवैध असलहा रखने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं मृत्युंजय और पंकज को साधारण मारपीट का दोषी पाते हुए छह-छह माह के कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सरोज पांडेय और उपेंद्र पांडेय को दोषमुक्त कर दिया गया।

आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ


 आजमगढ़ सिधारी सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 4 महिलाएं हिरासत में



शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई, कथित गतिविधियों को लेकर पुलिस कर रही पूछताछ



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के हैदराबाद छतवारा स्थित नई कॉलोनी में मंगलवार को पुलिस ने एक मकान पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने मौके से चार महिलाओं को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए सिधारी थाने ले गई। मामले में पुलिस द्वारा जांच और पूछताछ की जा रही है।


 जानकारी के अनुसार, हैदराबाद छतवारा नई कॉलोनी निवासी हनुमान ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि कॉलोनी के एक मकान में एक महिला अन्य महिलाओं के साथ मिलकर कथित रूप से सेक्स रैकेट संचालित कर रही है। शिकायत में मकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने का भी आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि इस संबंध में पूर्व में पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। उसके मुताबिक, पुलिस ने पहले भी संबंधित महिला को तीन बार पकड़ा था, लेकिन बाद में आपसी सुलह हो गई। आरोप है कि कुछ समय तक गतिविधियां बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हो जाती थीं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी की बात सामने आने के बाद मंगलवार को सिधारी थाना पुलिस ने महिला थाना पुलिस के साथ संबंधित मकान पर छापेमारी की। इस दौरान चार महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस को मौके से कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बरामदगी और अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


 सीओ शुभम तोदी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सिधारी थाना और महिला थाना पुलिस की टीम ने मकान पर छापेमारी की थी। चार महिलाओं को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान में कथित गतिविधियां किस स्तर पर संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

Tuesday, 29 September 2026

आजमगढ़ पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा, सीओ को मिली नई जिम्मेदारियां ईश्वर लाल गुर्जर को सदर, आस्था जायसवाल को लालगंज की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा, सीओ को मिली नई जिम्मेदारियां


ईश्वर लाल गुर्जर को सदर, आस्था जायसवाल को लालगंज की जिम्मेदारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे पुलिस विभाग की ओर से पुलिस उपाधीक्षकों के कार्यक्षेत्र और पर्यवेक्षण से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत अधिकारियों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों के साथ विभिन्न शाखाओं और कार्यों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


 ईश्वर लाल गुर्जर, सहायक पुलिस अधीक्षक को सदर क्षेत्र का दायित्व दिया गया है। उनके पर्यवेक्षण में मुबारकपुर, जहानागंज, गंभीरपुर और निजामाबाद थाना क्षेत्र रहेंगे। इसके साथ पुलिस लाइंस, चुनाव प्रकोष्ठ, एलआईयू, पासपोर्ट सेल तथा गैंगस्टर, धारा 14(1) और गैंग पंजीकरण से संबंधित कार्यों का पर्यवेक्षण भी रहेगा।


 पुलिस उपाधीक्षक आस्था जायसवाल को लालगंज क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पर्यवेक्षण में देवगांव, बरदह, मेहनगर, मेहनाजपुर और तरवां थाना क्षेत्र रहेंगे। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, वूमेन पावर लाइन, परिवार परामर्श केंद्र तथा छात्र पुलिस कैडेट (एसपीसी) योजना से जुड़े कार्य भी उनके जिम्मे रहेंगे।


 पुलिस उपाधीक्षक भूपेश कुमार पांडेय को फूलपुर क्षेत्र का दायित्व सौंपा गया है। उनके पर्यवेक्षण में फूलपुर, सरायमीर, दीदारगंज और पवई थाना क्षेत्र रहेंगे। भूमि विवादों की समीक्षा एवं त्वरित निस्तारण तथा एंटी भू-माफिया कार्रवाई की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।


 वहीं पुलिस उपाधीक्षक किरनपाल सिंह और अजय प्रताप सिंह को भी विभागीय स्तर पर विभिन्न कार्यों का दायित्व सौंपा गया है। यातायात, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, पत्र व्यवहार, भवन एवं कल्याण संबंधी कार्य, हेल्थ कार्ड, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, लोक शिकायत, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, शिकायत प्रकोष्ठ, सिटिजन चार्टर और कम्युनिटी पुलिसिंग जैसे कार्यों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा शहीद पुलिस कर्मियों के पात्र आश्रितों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण एवं भर्ती, समाधान-तहसील दिवस और आंतरिक जांच प्रकोष्ठ से संबंधित कार्य भी अधिकारियों के बीच बांटे गए हैं।

आजमगढ़ अहरौला, नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप


 आजमगढ़ अहरौला, नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के खजुरी गांव स्थित नहर में मंगलवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए।

जानकारी के मुताबिक, खजुरी गांव के ग्राम प्रधान जवाहिर मंगलवार सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर नहर में पड़े शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों और डायल 112 पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में अहरौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। इसके बाद थानाध्यक्ष अहरौला ने आसपास के गांवों के लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी।

पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। युवक ने गुलाबी रंग की टी-शर्ट और संतरी रंग का लोवर पहन रखा था। पुलिस आसपास के गांवों में जानकारी जुटाने के साथ-साथ मृतक की पहचान कराने के प्रयास में लगी हुई है। शव की पहचान और मौत के कारणों का पता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस की मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी को लगी गोली 2 तमंचे, 5 कारतूस व नकद रुपये बरामद; आजमगढ़ समेत 5 जिलों में चोरी की 7 घटनाओं का खुलासा


 आजमगढ़ तहबरपुर पुलिस की मुठभेड़ में 25-25 हजार के 2 इनामी को लगी गोली



2 तमंचे, 5 कारतूस व नकद रुपये बरामद; आजमगढ़ समेत 5 जिलों में चोरी की 7 घटनाओं का खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना पुलिस ने सोमवार की देर रात मुठभेड़ के दौरान अंतरजनपदीय चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी 25-25 हजार रुपये के इनामी थे। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। उनके कब्जे से दो देशी तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और 15,250 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आजमगढ़ समेत पांच जनपदों में चोरी की सात घटनाओं का खुलासा हुआ है। 


पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28/29 सितंबर 2026 की रात तहबरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग और वांछित अभियुक्तों की तलाश में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में वांछित दो आरोपी करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं और किसी वारदात की रेकी कर रहे हैं। सूचना के बाद थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्य पाल, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। करीब 3:15 बजे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों को तत्काल सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र नसरूद्दीन, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, जनपद बरेली, उम्र करीब 22 वर्ष और सोनू अली उर्फ असगर पुत्र शमशेर, निवासी बजेड़ा भगवानपुर, थाना जैतीपुर, जनपद शाहजहांपुर, उम्र करीब 27 वर्ष के रूप में हुई है। दिलशाद के बाएं पैर.  और सोनू अली के दाहिने पैर में गोली लगी है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास SUV खड़ी करके आसपास के गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके। इसके बाद रात में छत या घर के पीछे के रास्ते से अंदर प्रवेश करते थे। ताला काटने वाली मशीन की मदद से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले काटकर सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी करते थे। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद गिरोह के सदस्य निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे, जहां SUV चालक उन्हें लेकर फरार हो जाता था। चोरी के सामान को बेचकर मिलने वाली रकम आपस में बांट ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अम्बेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर तहबरपुर क्षेत्र की दो, बिलरियागंज क्षेत्र की दो तथा अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक चोरी समेत कुल सात घटनाओं के अनावरण की बात पुलिस ने कही है। गिरोह की पूर्व की गतिविधियों में अहरौला क्षेत्र की दो चोरी की घटनाएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के चार अन्य सदस्यों को 20 अगस्त 2026 को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार किया गया था। इनमें दिलकस निवासी मिलक रोहदी, थाना सुभाषनगर, बरेली; साहिल निवासी रामनगर, थाना सुभाषनगर, बरेली; वाजिद निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली और फैजान निवासी रामगंगा, थाना सुभाषनगर, बरेली शामिल थे। उनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, जिंदा व खोखा कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, 29,230 रुपये नकद, XUV-500 वाहन, पांच मोबाइल फोन और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए थे।


 पुलिस के अनुसार अब तक इस गिरोह के कुलn छह सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़, आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर में कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अलीगढ़ के इगलास थाने में वर्ष 2025 के छह मामले तथा आजमगढ़ के अहरौला, बिलरियागंज और तहबरपुर थानों के मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाने में भी मामला दर्ज है। वहीं सोनू अली उर्फ असगर के खिलाफ कुल सात मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें अहरौला के दो, बिलरियागंज के दो, तहबरपुर के दो और अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाने का एक मुकदमा शामिल है। 


पुलिस के मुताबिक गिरोह के दो अन्य आरोपी आफताब पुत्र जाकिर, निवासी चौबारी, थाना सुभाषनगर, बरेली और नेसार पुत्र नसीर, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मुठभेड़ के संबंध में तहबरपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 135/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया।  इसके अलावा चोरी से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 114/2026 और 116/2026 में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तारी और मुठभेड़ की कार्रवाई में तहबरपुर थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सूर्य पाल समेत थाना पुलिस के साथ विशेष चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम शामिल रही।

Monday, 28 September 2026

आजमगढ़ कंधरापुर झाड़ी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप चेहरा रक्तरंजित मिलने से हत्या की आशंका पर चर्चा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच


 आजमगढ़ कंधरापुर झाड़ी में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप


चेहरा रक्तरंजित मिलने से हत्या की आशंका पर चर्चा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कंधरापुर थाना क्षेत्र के श्रीनगर (सियरहा) स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से सेहदा की ओर करीब एक किलोमीटर आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 238.6 पर सोमवार सुबह झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र करीब 48 वर्ष बताई जा रही है। शव का चेहरा रक्तरंजित होने के कारण घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


 जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब छह बजे एक राहगीर की नजर सर्विस लेन के नीचे झाड़ियों में पड़े शव पर पड़ी। उसने आसपास के ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घटनास्थल सीमा क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण बिलरियागंज और कंधरापुर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का चेहरा रक्तरंजित मिलने के कारण ग्रामीणों के बीच हत्या कर शव यहां फेंके जाने की आशंका को लेकर चर्चा रही। हालांकि पुलिस ने अभी घटना के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं बताया है। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। मृतक की मौत कैसे हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।