Sunday, 2 August 2026

आजमगढ़ शहर कोतवाली, फंदे से लटकता मिला युवक का शव किराये के कमरे में रहता था मृतक, डी फार्मा करने के बाद मेडिकल स्टोर पर करता था काम


 आजमगढ़ शहर कोतवाली, फंदे से लटकता मिला युवक का शव



किराये के कमरे में रहता था मृतक, डी फार्मा करने के बाद मेडिकल स्टोर पर करता था काम



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के बिलरिया की चुंगी स्थित एक किराये के कमरे में रविवार सुबह एक युवक का शव फंदे से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। महराजगंज थाना क्षेत्र के नौबरार देवारा जदीद किता-2 गांव निवासी 23 वर्षीय बृजेश यादव डी-फार्मा की पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर के एक मेडिकल स्टोर पर कार्यरत था। वह बिलरिया की चुंगी स्थित एक किराये के कमरे में रहकर नौकरी करता था।


 परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहा था। शनिवार को उसका बड़ा भाई दिनेश यादव उसे चिकित्सक को दिखाकर वापस घर लौट गया था। रविवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर मकान मालिक ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया तो युवक का शव पंखे से बेडशीट के सहारे लटका मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। बृजेश दो भाइयों और एक बहन में दूसरे स्थान पर था। उसकी असामयिक मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहर कोतवाली पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आजमगढ़ मुबारकपुर 4 दिन से लापता मासूम का शव पोखरी में मिला घर के बाहर खेलते समय हुआ था लापता, परिवार में मचा कोहराम


 आजमगढ़ मुबारकपुर 4 दिन से लापता मासूम का शव पोखरी में मिला



घर के बाहर खेलते समय हुआ था लापता, परिवार में मचा कोहराम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सिकठी गांव में चार दिन से लापता पांच वर्षीय मासूम का शव रविवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित एक पोखरी में उतराया मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 


मिली जानकारी के अनुसार, सिकठी गांव के उत्तर मोहल्ला निवासी मोहम्मद वहाबुद्दीन का पांच वर्षीय पुत्र मोहम्मद आरिज कुछ दिन पहले घर के बाहर खेलने निकला था। इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और पुलिस को भी सूचना दी थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। रविवार को गांव की एक पोखरी में मासूम का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। सूचना पर मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ देवगांव पोखरे में डूबने से 2 किशोरों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों गहरे पानी में समाए, अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित


 आजमगढ़ देवगांव पोखरे में डूबने से 2 किशोरों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम


एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में दोनों गहरे पानी में समाए, अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के कालीचाबाद गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में पोखरे में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


 जानकारी के अनुसार, कालीचाबाद गांव निवासी अंशु मौर्य (17 वर्ष) रविवार दोपहर करीब 12 बजे गांव के पोखरे में नहा रहा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए किनारे पर खड़ा अल्तमस (16 वर्ष) तुरंत पोखरे में कूद गया, लेकिन बचाव के प्रयास में वह भी गहरे पानी में चला गया और दोनों डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों को पोखरे से बाहर निकालकर सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर देवगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल है।

Saturday, 1 August 2026

आजमगढ़ दीदारगंज फर्राटा फैन में उतरे करंट से विवाहिता की मौत, मायके में पसरा मातम पिता की देखभाल के लिए मायके में रह रही थी विवाहिता, खाना बनाते समय हुआ हादसा


 आजमगढ़ दीदारगंज फर्राटा फैन में उतरे करंट से विवाहिता की मौत, मायके में पसरा मातम



पिता की देखभाल के लिए मायके में रह रही थी विवाहिता, खाना बनाते समय हुआ हादसा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के दीदारगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ापुर कुतुब अली गांव में शनिवार सुबह फर्राटा फैन में उतरे करंट की चपेट में आने से 35 वर्षीय विवाहिता की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।


 जानकारी के अनुसार, बुढ़ापुर कुतुब अली गांव निवासी राम अचल यादव की पुत्री संध्या (35) की शादी मेंहनगर क्षेत्र निवासी शशिभूषण यादव के साथ हुई थी। संध्या पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी और उसका कोई भाई नहीं था। पिता की देखभाल के लिए वह शादी के बाद से अधिकांश समय अपने मायके में ही रह रही थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे संध्या रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान फर्राटा फैन में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका अपने पीछे तीन बच्चों 12 वर्षीय आयुषी, 9 वर्षीय आदित्य यादव और 5 वर्षीय आर्या को छोड़ गई है। उसके पति शशिभूषण यादव रोजी-रोटी के सिलसिले में कानपुर में रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश यादव और हल्का प्रभारी अवधेश कुमार मौके पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद पिता राम अचल यादव और तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वाराणसी मीडिया को देख चिल्लाईं युवतियां, कहा हमें फंसा रही है पुलिस छापे के दौरान गिरफ्तार 21 युवतियों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल


 वाराणसी मीडिया को देख चिल्लाईं युवतियां, कहा हमें फंसा रही है पुलिस



छापे के दौरान गिरफ्तार 21 युवतियों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल


उत्तर प्रदेश, वाराणसी महमूरगंज स्थित शाही टॉवर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर 'एनकेडी एसोसिएट्स' का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए 21 युवतियों समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर लोगों से करीब 1.25 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर चुका है। आरोपियों के कब्जे से 55 मोबाइल फोन, तीन कंप्यूटर, तीन फर्जी आधार कार्ड तथा एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं। 


शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान डीसीपी क्राइम नीतू ने मामले का खुलासा किया। इसी दौरान गिरफ्तार युवतियों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर सुबह छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन बिना जानकारी दिए मीडिया के सामने पेश कर दिया। युवतियों ने यह भी सवाल उठाया कि छापेमारी के दौरान पकड़े गए सभी लोगों को मीडिया के सामने क्यों नहीं लाया गया। युवतियों ने बताया कि वे 8 से 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर कॉल सेंटर में कार्यरत थीं। कॉल करने के लिए मोबाइल नंबरों की सूची संचालकों की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी। उनके खातों में केवल वेतन आता था और ठगी की रकम उनके खातों में नहीं आती थी। उनका दावा है कि उन्हें बताया गया था कि संस्था सेबी में पंजीकृत है। एचआर हेड अर्चना सिंह ने नियुक्ति कराई थी, लेकिन ऑफर लेटर कभी नहीं दिया गया। हंगामा शांत होने के बाद डीसीपी क्राइम ने दोबारा प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर तथा बिहार के रोहतास जिले के निवासी हैं। 


एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के अनुसार गिरोह पहले शेयर बाजार और निवेश में रुचि रखने वाले लोगों का डेटा जुटाता था। इसके बाद खुद को सेबी में पंजीकृत संस्था 'एनकेडी एसोसिएट्स' का प्रतिनिधि बताकर संपर्क करता और फर्जी दस्तावेजों के जरिए विश्वास जीतता था। निवेश पर भारी मुनाफे और सलाह देने के नाम पर सदस्यता एवं खाता प्रबंधन शुल्क क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी के माध्यम से जमा कराया जाता था। इस संबंध में भेलूपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 453/2026 संबंधित धारा के तहत दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना चंदौली के सकलडीहा निवासी अंबर सिंह मौर्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में भी टीमें गठित की गई हैं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार दिल्ली और गुरुग्राम से जुड़े होने की भी आशंका जताई गई है। 


पुलिस के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर पिछले तीन महीने से शाही टॉवर की दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित हो रहा था। डीसीपी क्राइम नीतू ने युवतियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी फर्जी कंपनी में कार्य कर रहे थे और अधिकांश के पास वैध नियुक्ति पत्र भी नहीं था। वहीं, गिरफ्तार 21 युवतियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई।


https://www.news9up.com/2026/07/21-32.html

आजमगढ़ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला 25 हजार का इनामी वीरेंद्र यादव ने कोर्ट में किया सरेंडर मुख्य आरोपी विद्यासागर पर 50 हजार का इनाम बढ़ाकर एक लाख करने की तैयारी

आजमगढ़ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला 25 हजार का इनामी वीरेंद्र यादव ने कोर्ट में किया सरेंडर


मुख्य आरोपी विद्यासागर पर 50 हजार का इनाम बढ़ाकर एक लाख करने की तैयारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे अर्धसैनिक बल में फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी वीरेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह बार-बार ठिकाना बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। 


एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी। रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव की तहरीर पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 12 से अधिक लोगों के नाम सामने आए, जिनमें से अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोईलारी खुर्द निवासी मुख्य आरोपी विद्यासागर तथा वीरेंद्र यादव की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस ने वीरेंद्र यादव पर 25 हजार रुपये तथा विद्यासागर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब वीरेंद्र यादव के आत्मसमर्पण के बाद उसे विधिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि मुख्य आरोपी विद्यासागर की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार दबिश दे रही है। उसकी गिरफ्तारी पर घोषित 50 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर एक लाख रुपये किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि वीरेंद्र यादव से पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क और ठगी से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।

 

Friday, 31 July 2026

वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


 वाराणसी कॉल सेंटर पर पुलिस ने मारा छापा, 21 लड़कियों सहित 32 धराये



इलेक्ट्रॉनिक सामान किए गए जब्त, फोन के माध्यम से करते थे लोगों से संपर्क


उत्तर प्रदेश, वाराणसी भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित रघुनाथ नगर कॉलोनी के साही टॉवर में संचालित एक कथित ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने गुरुवार देर रात छापेमारी कर 21 युवतियों सहित 32 लोगों को हिरासत में लिया। सभी को पूछताछ के लिए साइबर थाने भेजा गया है। मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल डाटा भी जब्त किया गया है। 


पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर से लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन खरीदारी में अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों द्वारा फोन के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाया जाता था। आरोप है कि निवेशकों से लाखों रुपये तक की रकम जमा कराई जाती थी। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को मुनाफा या रकम वापस कर भरोसा बनाया जाता था, जिसके बाद अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।


 एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कॉल सेंटर में किसकी क्या भूमिका थी और निवेश के नाम पर धन जुटाने का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जिस कार्यालय में छापेमारी हुई, वहां एनकेडी एसोसिएट नाम का बोर्ड लगा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इसी नाम से एक कंपनी के सेबी में पंजीकृत होने का दावा किया गया है। हालांकि, पुलिस यह जांच कर रही है कि महमूरगंज स्थित कार्यालय का उस पंजीकृत कंपनी से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं। यदि किसी वास्तविक संस्था के नाम और पहचान का दुरुपयोग किया गया है तो उसके पहलुओं की भी जांच की जाएगी। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डाटा की गहन पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। पुलिस पूरे नेटवर्क और धन के प्रवाह की जांच में जुटी हुई है।


https://www.news9up.com/2026/08/21.html