Sunday, 20 September 2026

आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


 आजमगढ़ में 6 शस्त्र लाइसेंस निरस्त



हर्ष फायरिंग से लेकर आपराधिक मामलों तक पर जिलाधिकारी न्यायालय की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी न्यायालय ने लोक सुरक्षा और लोकशांति के दृष्टिगत छह शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए। भारतीय शस्त्र अधिनियम-1959 की धारा 17(3) के तहत 15 सितंबर 2026 को पारित आदेशों में आपराधिक अभियोग, शस्त्रों के उपयोग, पुलिस आख्या और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया गया। वहीं, एक अन्य मामले में लाइसेंसी की मृत्यु हो जाने के कारण लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में शस्त्र लाइसेंसों की समीक्षा और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के क्रम में की गई है। 


थाना गंभीरपुर क्षेत्र के ग्राम कमरावां निवासी मो. आरिफ पुत्र अब्दुल वहाब के राइफल संख्या 75-0941, लाइसेंस संख्या 418/2005 और रिवॉल्वर संख्या 6696, लाइसेंस संख्या 270 के दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2012 और 2018 के विभिन्न आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामला विशेष न्यायालय पॉक्सो में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस आख्या में शस्त्र खरीदने के बाद कुल 150 कारतूस खरीदे जाने और तीन कारतूस अवशेष होने का भी उल्लेख किया गया। आदेश के अनुसार हर्ष फायरिंग और शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन को लोक सुरक्षा एवं लोकशांति से जुड़ा आधार मानते हुए दोनों लाइसेंस निरस्त किए गए। 


थाना कोतवाली क्षेत्र के पुरा जोधी निवासी मनजीत उर्फ रंजीत सिंह पुत्र स्व. यदुनन्दन सिंह का एनपीबी राइफल संख्या AB-972506 और लाइसेंस संख्या 148/98 भी निरस्त किया गया है। उनके विरुद्ध लखनऊ के जानकीपुरम थाने में वर्ष 2020 में धारा 307 आईपीसी और आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। पुलिस आख्या के मुताबिक मामला विचाराधीन है और संबंधित राइफल 30 मई 2020 से थाना जानकीपुरम में जमा है।


 थाना महराजगंज के सिकन्दरपुर निवासी मो. फैसल पुत्र मो. हम्माद का एनपीबी राइफल लाइसेंस भी निरस्त किया गया है। आदेश में उनके खिलाफ वर्ष 2018 और 2022 के चार आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। पुलिस आख्या में लाइसेंसी शस्त्र से संबंधित फायरिंग और कारतूसों के उपयोग का भी उल्लेख किया गया है। 


थाना बरदह क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी निवासी अशरफ जुमा/जमो पुत्र रुस्तम अली का डीबीबीएल गन संख्या 7940 और लाइसेंस संख्या 6051 निरस्त किया गया। आदेश में वर्ष 1994 से 2020 तक दर्ज कई आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, आयुध अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले भी शामिल हैं। पुलिस आख्या में कई अभियोग लंबित होने और उन्हें इतिहासशीटर के रूप में दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया। 


थाना निजामाबाद के बैसर संसारपुर निवासी जिलेदार यादव पुत्र बासुदेव यादव का एसबीबीएल गन संख्या N23189 और लाइसेंस संख्या 99/2002 भी निरस्त किया गया। उनके विरुद्ध वर्ष 2025 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने तथा आरोप-पत्र न्यायालय भेजे जाने की जानकारी पुलिस आख्या में दी गई है। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में वर्ष 2003 से 2025 तक कुल 125 कारतूस खरीदे जाने और 17 कारतूस शेष होने का उल्लेख किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद लोक सुरक्षा एवं लोकशांति के दृष्टिगत लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया। 


थाना फूलपुर के विशेसा गांव निवासी असहद उर्फ चुन्नू शेख पुत्र हारून के रिवॉल्वर संख्या 115101254 और लाइसेंस संख्या 361/08 के संबंध में भी कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ वर्ष 2016 में फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने का उल्लेख है। हालांकि कार्रवाई के दौरान उनकी 4 सितंबर 2024 को मृत्यु होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय ने मृत्यु के कारण शस्त्र लाइसेंस को स्वतः समाप्त मानते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी। साथ ही लाइसेंस पंजिका में ‘शस्त्र लाइसेंस निरस्त’ अंकित करने और भविष्य में इसका नवीनीकरण नहीं करने के निर्देश दिए गए। 


जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त किए जाने का अंकन लाइसेंस पंजिका में करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित शस्त्र कार्यालय और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस के अनुसार, शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और लोक सुरक्षा एवं लोकशांति प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आजमगढ़ में पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 9 NBW वारंटी गिरफ्तार मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह पुलिस ने की कार्रवाई


 आजमगढ़ में पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 9 NBW वारंटी गिरफ्तार



मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह पुलिस ने की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गैर-जमानती वारंट (NBW) से संबंधित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को आजमगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौ वारंटियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को जनपद के विभिन्न थानों की पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों के अनुपालन में अभियान चलाया। इस दौरान कुल नौ NBW वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में मुबारकपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया और बरदह थाना क्षेत्रों से संबंधित वारंटी शामिल हैं।


 पुलिस का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंटों के शत-प्रतिशत अनुपालन और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। आजमगढ़ पुलिस के मुताबिक अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

Saturday, 19 September 2026

आजमगढ़ फूलपुर, शराब के नशे में पोखरे में डूबा युवक, मौत वैसाडीह गांव में शाम को उतराता मिला शव, परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार


 आजमगढ़ फूलपुर, शराब के नशे में पोखरे में डूबा युवक, मौत



वैसाडीह गांव में शाम को उतराता मिला शव, परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के वैसाडीह गांव में शुक्रवार शाम पोखरे में डूबने से 25 वर्षीय युवक बिरेन्द्र चौहान की मौत हो गई। शाम करीब साढ़े सात बजे पोखरे में शव उतराता देखकर ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दी गई। बताया गया कि बिरेन्द्र तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। 


ग्रामीणों के अनुसार वह शराब का सेवन करता था। शुक्रवार सुबह से ही उसने शराब पी रखी थी। शाम को वह वैसाडीह गांव के चौराहे के पास स्थित पोखरे में कूद गया। इसके बाद वह बाहर नहीं निकल सका और डूबने से उसकी मौत हो गई। ग्रामीण शव को घर ले गए, जहां परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। बिरेन्द्र के दोनों भाई रोजी-रोटी के सिलसिले में दिल्ली और पंजाब में रहते हैं। उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। घर में उसकी मां और परिवार की महिलाएं हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।


 इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली फूलपुर देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से घटना की सूचना दी गई थी। परिजन किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते हैं और उनकी ओर से कोई लिखित सूचना भी नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार युवक शराब के नशे में पोखरे में डूब गया।

Friday, 18 September 2026

आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


 आजमगढ़ गंभीरपुर, कक्षा 5 तक पढ़ा, फिर बना फर्जी CO, शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹90 हजार ठगे



डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल, 2 फर्जी पुलिस आईडी और कूटरचित ठेका आवंटन पत्र बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कक्षा पांच तक पढ़े आरोपी ने डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर लोगों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अपना प्रभाव जमाता था। आरोपी ने शराब का ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹3.20 लाख की मांग की और ₹90 हजार नगद ले लिए थे। सिधारी थाना क्षेत्र के सादीसराय निवासी रविप्रकाश ने 17 सितंबर 2026 को गंभीरपुर थाने में शिकायत दी थी। आरोप है कि संजय नामक व्यक्ति ने स्वयं को पुलिस का सीओ अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ₹3.20 लाख की मांग की। 30 अगस्त 2026 को उसने ₹90 हजार नगद ले लिए थे। शेष रकम 2 सितंबर 2026 तक देने की बात कही गई थी।


 पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोबाइल फोन से वीडियो कॉल की। संदेह होने पर वादी ने आरोपी के बारे में जानकारी की तो उसके पुलिस अधिकारी नहीं होने का पता चला। इसके बाद गंभीरपुर थाने में मु0अ0सं0 226/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में 18 सितंबर 2026 को गंभीरपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना व आरोपी की लोकेशन के आधार पर रानीपुर रजमों मोड़ के पास से संजय पुत्र स्व. श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गंभीरपुर, उम्र करीब 40 वर्ष को दोपहर करीब 12:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का कूटरचित आवंटन पत्र, डिप्टी एसपी की पुलिस वर्दी का एक सेट और मोबाइल फोन बरामद किया गया। 


पुलिस के अनुसार, आरोपी डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था और खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। वह अपने कथित पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर शराब का ठेका, नौकरी आदि दिलाने का भरोसा देता था और इसके नाम पर रकम हासिल करता था। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार


 आजमगढ़ तहबरपुर दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भागे बदमाश, ग्रामीणों ने पीछा कर 2 को दबोचा



वायरल वीडियो में बैग से कथित तमंचा-पिस्टल और कारतूस मिलने का दावा, 2 आरोपी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के तहबरपुर थाना क्षेत्र के मंझारी बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े आभूषण की दुकान से गहना लेकर भाग रहे बदमाशों का ग्रामीणों ने पीछा कर दो आरोपियों को पकड़ लिया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बदमाशों के पकड़े जाने और ग्रामीणों द्वारा उनकी तलाशी लिए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।


 स्थानीय लोगों के मुताबिक, चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से मंझारी बाजार पहुंचे थे। आरोप है कि बदमाश आनंद सेठ की आभूषण की दुकान पर गए और वहां से सोने की चेन लेकर भागने लगे। दुकान से बदमाशों के निकलते ही शोर मच गया। आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्रामीण उनके पीछे दौड़ पड़े। बताया गया कि बदमाश भागते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास तक पहुंच गए। पीछा कर रहे ग्रामीणों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और पुलिस को सूचना दी। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ग्रामीण पकड़े गए आरोपी के बैग की तलाशी लेते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बैग से तमंचा, पिस्टल, बांका और कारतूस मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही वस्तुओं की बरामदगी और उनकी वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।


 एक अन्य वीडियो में ग्रामीण खेतों में एक आरोपी का पीछा करते और उसे पकड़ते नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपियों को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह भी मंझारी बाजार में घटना की चर्चा होती रही। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही दुकान से ले जाए गए आभूषण की कीमत, आरोपियों की भूमिका और वायरल वीडियो में कथित असलहों की बरामदगी की भी जांच की जा रही है।

Thursday, 17 September 2026

आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश 5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


 आजमगढ़ 2 माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति नियम विरुद्ध, निरस्तीकरण के निर्देश



5 वर्ष की मौलिक सेवा व अन्य अर्हताएं पूरी न होने का मामला


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दो अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की प्रवक्ता पद पर हुई पदोन्नति को जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया है। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज तुलसीनगर के सहायक अध्यापक राजकुमार की इतिहास प्रवक्ता तथा गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों के सहायक अध्यापक सुनील कुमार की गणित प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के मामले में संबंधित अधिकारियों को निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार आर्य ने बताया कि दोनों मामलों में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विंध्येश्वरी इंटर कॉलेज में इतिहास प्रवक्ता हौसिला प्रसाद वर्मा के 31 मार्च 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद पद रिक्त हुआ था। राजकुमार ने आठ फरवरी 2020 को विद्यालय में कला अध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में राजकुमार की शैक्षिक योग्यता बीए चित्रकला, एमए चित्रकला और वर्ष 2024 में इतिहास विषय से एमए दर्ज पाई गई। जांच अधिकारी के अनुसार वह बीएड उत्तीर्ण नहीं हैं। साथ ही प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य अर्हताओं को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई। इसी आधार पर आठ अगस्त 2026 को इतिहास प्रवक्ता पद पर हुई उनकी पदोन्नति को नियम विरुद्ध माना गया।



 वहीं, गयादीन जायसवाल इंटर कॉलेज खुरासों में गणित प्रवक्ता धनंजय पांडेय के आठ जुलाई 2025 को गोरखपुर स्थानांतरण के बाद पद रिक्त हुआ था। सुनील कुमार ने विद्यालय में एक सितंबर 2020 को कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में पाया गया कि रिक्ति की तिथि तक उनकी सहायता प्राप्त विद्यालय में पांच वर्ष की लगातार मौलिक सेवा पूरी नहीं हुई थी। सुनील कुमार की ओर से वित्तविहीन विद्यालय में एक अप्रैल 2018 से 29 अगस्त 2020 तक अध्यापन का अनुभव प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया गया था। जांच में इस सेवा को पदोन्नति के लिए मान्य नहीं माना गया। रिपोर्ट के अनुसार यह सेवा उनके सेवा अभिलेख में दर्ज नहीं थी और सक्षम स्तर से प्रतिहस्ताक्षरित अथवा सत्यापित भी नहीं थी। जांच पत्र में वित्तविहीन विद्यालय की सेवा को अंशकालिक सेवा की श्रेणी में बताते हुए उसे सहायता प्राप्त विद्यालय की मौलिक सेवा के साथ जोड़ना नियमसंगत नहीं माना गया।


इसके अलावा गणित प्रवक्ता का रिक्त पद सीधी भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अधियाचित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके बावजूद चयन आयोग और निदेशालय से अनापत्ति लिए बिना पद को पदोन्नति के माध्यम से भरने को भी जांच में अनियमित माना गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थी के आने पर उसी पद को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जेडी राजेश कुमार आर्य ने बताया कि शासनादेश 28 अप्रैल 2025 और इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में निर्धारित व्यवस्था के तहत संबंधित पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद दोनों पदोन्नतियां निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Wednesday, 16 September 2026

आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन



निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की आजमगढ़ इकाई ने जनहित, सामाजिक न्याय और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में गोंडा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण समेत चार सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। 


जिलाध्यक्ष धर्मवीर भारती की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि गोंडा में विनोद साहनी और रमेश कोरी तथा अयोध्या में राम लगन मौर्य की हत्या के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद के काफिले को 13 सितंबर 2026 को बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल में रोके जाने के बाद पथराव और हिंसक हमले की शिकायत सामने आई थी। पार्टी ने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। 


पार्टी ने पंचायत सहायकों की मांगों तथा 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण का समाधान कराने और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट शेषनाथ राव जिला अध्यक्ष भीम आर्मी, एडवोकेट संजय कुमार, एडवोकेट एके आनंद (मंडल प्रभारी भाईचारा) मंडल आजमगढ़, एडवोकेट सहिलेश कुमार जिला उपाध्यक्ष एएसपी, जनार्दन एडवोकेट सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।