Saturday, 29 March 2025

आजमगढ़ मुबारकपुर गैंगस्टर एक्ट में वांछित शातिर अभियुक्त रामाश्रय चौरसिया गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 9 मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ मुबारकपुर गैंगस्टर एक्ट में वांछित शातिर अभियुक्त रामाश्रय चौरसिया गिरफ्तार



अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 9 मुकदमे हैं दर्ज



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना मुबारकपुर पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित शातिर अपराधी रामाश्रय चौरसिया उर्फ मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 9 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं, जिनमें गंभीर अपराध शामिल होना बताया गया हैं। यह गिरफ्तारी आज दोपहर करीब 12:50 बजे इब्राहिमपुर स्थित उसके घर से की गई। मुबारकपुर थाना प्रभारी निरीक्षक निहार नंदन कुमार ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण और अभिलेखों की जांच के दौरान इस संगठित अपराधी गिरोह की जानकारी प्राप्त की थी।


 जांच में पता चला कि गैंग लीडर सुरेश दुबे अपने सह-अभियुक्तों रणजीत दुबे उर्फ बबलू, प्रवीण दुबे, विनीत दुबे और रामाश्रय चौरसिया के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह संचालित कर रहा था। यह गिरोह जनपद स्तर पर सक्रिय था और आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह के खिलाफ थाना मुबारकपुर पर मुकदमा दर्ज है। जिसकी जांच थाना जहानागंज के प्रभारी निरीक्षक द्वारा की जा रही है।


पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की दहशत के कारण आम लोग इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने या गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। जनहित में इस गिरोह पर अंकुश लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की संयुक्त बैठक में 20 मार्च को गैंग चार्ट को अनुमोदित किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त रामाश्रय चौरसिया उर्फ मुल्ला का आपराधिक इतिहास लंबा बताया गया है।

आजमगढ़ एक हत्यारोपी को आजीवन कारावास, 2 बरी लूट की घटना को अंजाम देने के बाद मारी थी गोली

आजमगढ़ एक हत्यारोपी को आजीवन कारावास, 2 बरी



लूट की घटना को अंजाम देने के बाद मारी थी गोली



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे लूट के बाद हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास तथा चालीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में दो आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 3 जैनेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को सुनाया। 


अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा सुनील तिवारी निवासी मुड़हर ने 12 सितंबर 2006 को थाना गंभीरपुर पर सूचना दी की उनके पिता बनारसी तिवारी को महेंद्र यादव निवासी बिजौली थाना बरदह ने गोली मार दी है। उन्हें ठेकमा ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया है।


 इस सूचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। बनारसी तिवारी ने थानाध्यक्ष कृष्णमोहन सिंह को बताया कि महेंद्र यादव को उन्होंने कुछ रुपए उधार दिए थे महेंद्र यादव ने जानबूझकर देर से पैसा उन्हें दिया जब मैं अपने गांव की सरहद में प्रवेश कर रहा था तब दो लोगों ने रास्ता रोक लिया और कट्टा सटा कर रुपया छीनने लगे। जब मैं उन दोनों को देखा तो पहचान गया कि यह शिवानंद राय निवासी हरिश्चंदपट्टी थाना गंभीरपुर और मिजार्पुर के प्रधान अजय राय उर्फ शुद्धू राय थे। पहचान लिए जाने के बाद शिवानंद ने बनारसी तिवारी को गोली मार दी। इसके बाद घायल बनारसी तिवारी को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी ले जाते समय बनारसी तिवारी की मौत हो गयी।


पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अजय राय तथा शिवानंद राय के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। बाद में अदालत में महेंद्र यादव को भी बतौर मुलजिम विचारण के लिए तलब किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अश्विनी राय ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी शिवानंद राय को आजीवन कारावास तथा चालीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में अजय राय उर्फ शुद्धू राय तथा महेंद्र यादव को दोष मुक्त कर दिया।

 

आजमगढ़ मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख अयोग्य घोषित कोर्ट ने नए सिरे से चुनाव कराने का सरकार को दिया निर्देश


 आजमगढ़ मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख अयोग्य घोषित



कोर्ट ने नए सिरे से चुनाव कराने का सरकार को दिया निर्देश



उत्तर प्रदेश, प्रयागराज/आजमगढ़ इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख यशवंत शर्मा को अयोग्य घोषित कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने सर्वेश कुमार जायसवाल की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख के पद को रिक्त घोषित करते हुए नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश सरकार को दिया है। 


हाईकोर्ट ने कहा कि यशवंत शर्मा मूल रूप से सुरहन गांव के निवासी थे और वहां से क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। बाद में वे क्षेत्र पंचायत के प्रमुख भी चुने गए। 22 जुलाई 2022 को सुरहन ग्राम सभा का मार्टीनगंज नगर पंचायत में विलय हो गया। इसके बाद यशवंत शर्मा ने सुरहन ग्राम सभा छोड़कर पड़ोसी औरंगाबाद ग्राम पंचायत के मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया और भादो क्षेत्र पंचायत से सदस्य निर्वाचित हुए। इसके आधार पर उन्होंने बिना नए सिरे से चुनाव हुए मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख के पद पर काबिज होने का प्रयास किया, जिसे कोर्ट ने अवैध माना। याचिकाकर्ता सर्वेश कुमार जायसवाल, जो डेमरी मखदुमपुर से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, ने यशवंत शर्मा को ब्लॉक प्रमुख पद पर बने रहने से रोकने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।


 उन्होंने यशवंत की गिरफ्तारी के लिए वारंट रिट भी दाखिल की थी और इस पद को रिक्त घोषित कर नए चुनाव की मांग की थी। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इस आदेश के बाद अब मार्टीनगंज ब्लॉक प्रमुख के पद के लिए नए सिरे से चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।

आजमगढ़ पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास पैसे के हिसाब को लेकर मिट्टी का तेल डालकर लगा दी थी आग


 आजमगढ़ पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास



पैसे के हिसाब को लेकर मिट्टी का तेल डालकर लगा दी थी आग



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़ पत्नी की हत्या के एक सनसनीखेज मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो, जैनुद्दीन अंसारी ने आरोपी पति प्रहलाद को आजीवन कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला सुनवाई पूरी होने के बाद दिया गया।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता मीना, जो राम बहादुर निवासी महरौड़ा, थाना खेतासराय, जौनपुर की पुत्री थी, की शादी 2003 में प्रहलाद (निवासी लसड़ा खुर्द, थाना बरदह, आजमगढ़) के साथ हुई थी। वर्ष 2013 में प्रहलाद ने कुछ जमीन बेची थी। जमीन बेचने से मिले पैसों का हिसाब मांगने पर नाराज होकर प्रहलाद ने 10 दिसंबर 2013 को अपनी पत्नी मीना पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।


गंभीर रूप से झुलसी मीना को पहले जौनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के एक अस्पताल में ले जाया गया। हालांकि, मीना के पिता के पास इलाज के लिए पर्याप्त धन नहीं था, जिसके चलते चार दिन बाद वे उसे घर ले गए। 15 दिसंबर 2013 को मीना ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने जांच पूरी कर प्रहलाद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पाण्डेय और निर्मल कुमार शर्मा ने नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रहलाद को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

आजमगढ़ मुबारकपुर/सिधारी बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 बाल श्रमिक मुक्त कराए गए विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों की जांच की गई


 आजमगढ़ मुबारकपुर/सिधारी बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 बाल श्रमिक मुक्त कराए गए



विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों की जांच की गई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद मे बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अखिल भारतीय बाल बचाव एवं पुनर्वास अभियान के तहत आजमगढ़ जिले में शुक्रवार को एक व्यापक अभियान चलाया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश के महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), नई दिल्ली के निदेर्शों के तहत संचालित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व और नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) के पर्यवेक्षण में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (ए.एच.टी.) और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के मुबारकपुर और सिधारी थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी की। इस दौरान कस्बा मुबारकपुर, सठियांव और सिधारी क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों की जांच की गई।


अभियान के दौरान कुल 10 बाल श्रमिकों को कार्य करते हुए पाया गया। इन बच्चों को मौके पर ही उनके परिजनों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया और परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में बच्चों से बाल श्रम न कराया जाए। साथ ही, संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ श्रम अधिनियम के उल्लंघन के तहत श्रम विभाग द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी की गई। संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आम जनता को बाल श्रम के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, बेकरियों, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों पर बाल श्रम न कराने से संबंधित पोस्टर चस्पा किए गए। इसके अलावा, आपात सहायता के लिए शासन और प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों जैसे 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 आदि के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।


इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रोहित प्रताप और विशाल श्रीवास्तव, थाना ए.एच.टी. के उपनिरीक्षक उमेश कुमार, कांस्टेबल आशीष प्रताप सिंह और महिला कांस्टेबल सुप्रिया पाल शामिल रहे। यह अभियान बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने का संकल्प जताया है।