Thursday, 27 March 2025

आजमगढ़ महराजगंज अखिलेश यादव की 5.88 लाख की अवैध सम्पत्ति कुर्क गैंगेस्टर द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन द्वारा क्रय की गई थी जमीन


 आजमगढ़ महराजगंज अखिलेश यादव की 5.88 लाख की अवैध सम्पत्ति कुर्क



गैंगेस्टर द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन द्वारा क्रय की गई थी जमीन



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना द्वारा अपराध व अपराधियों पर अंकुश एवं प्रभावी नियंत्रण बनाये रखने क्रम में 26 मार्च को जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ के आदेशानुसार गैंगेस्टर एक्ट से संबंधित अभियुक्त अखिलेश यादव की 5.88 लाख की अवैध सम्पत्ति को कुर्क किया गया है।


विदित हो कि 18 सितम्बर 2022 को थाना महराजगंज में पंजीकृत मुकदमें में वांछित अभियुक्तों अनिल यादव पुत्र स्व0 जीवधन यादव, संजय यादव पुत्र उदयभान यादव, अखिलेश यादव पुत्र स्व0 जीवधन यादव समस्त निवासी कुढही थाना महराजगंज, अमरनाथ यादव पुत्र स्व0 राजेन्द्र यादव निवासी जजमनजोत थाना महराजगंज, रवि यादव पुत्र मुरारी यादव निवासी आराजी देवारा करखिया थाना रौनापार की विवेचना थानाध्यक्ष रौनापार द्वारा की जा रही थी। उपरोक्त मुकदमे से सम्बंधित अभियुक्त अखिलेश यादव एक शातिर किस्म का अपराधी है, उसके द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन से अपनी पत्नी सुमन देवी के नाम से 11 अप्रैल 2019 को ग्राम कुढ़ही, तहसील सगड़ी में विद्या देवी पत्नी हरिशंकर, निवासी बैदोली, जनपद गोरखपुर की जमीन क्रय किया गया है। राजस्व विभाग द्वारा उक्त जमीन का मूल्य 5,88,000/- रुपया निर्धारित किया गया है। 


विवेचना के क्रम में थानाध्यक्ष द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से अभियुक्त द्वारा उक्त अवैध रुप से क्रय की गयी भूमि को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष 14(1) की कार्यवाही हेतु रिपोर्ट प्रेषित की गयी थी जिसके सम्बन्ध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उक्त जमीन को कुर्क करने हेतु 28 फरवरी 2025 को आदेश जारी किया गया जिसके अनुपालन में 26 मार्च 2025 को नायब तहसीलदार हरैया संजय कुमार राय, थानाध्यक्ष रौनापार व प्र0नि0 महराजगंज की टीम की मौजूदगी में अभियुक्त अखिलेश यादव द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित उक्त सम्पत्ति को कुर्क कराया गया। अभियुक्त अखिलेश यादव पर जनपद के विभिन्न थानों में कुल 9 मुकदमे दर्ज बताये गये हैं।

शाहजहांपुर 4 बच्चों की हत्या कर पिता ने लगाई फांसी धारदार हथियार से रेता मासूमों का गला

 

शाहजहांपुर 4 बच्चों की हत्या कर पिता ने लगाई फांसी



धारदार हथियार से रेता मासूमों का गला



उत्तर प्रदेश, शाहजहांपुर में एक सनसनीखेज वारदात में युवक ने धारदार हथियार से अपने चार बच्चों का गला रेतने के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में युवक के मानसिक रूप से परेशान होने की बात सामने आ रही है। रोजा थाना क्षेत्र के मानपुर चचरी गांव में राजीव कठेरिया (36 वर्ष) अपनी पत्नी कांति देवी और बेटी स्मृति (13 वर्ष), कीर्ति (9 वर्ष), प्रगति (सात वर्ष) और बेटे ऋषभ (पांच वर्ष) के साथ रहता था। कांति देवी बुधवार को गांव करतोली स्थित अपने मायके चली गईं थीं। घर में राजीव और चारों बच्चे थे।


 राजीव के घर के बगल में रह रहे उसके पिता पृथ्वीराज ने बृहस्पतिवार सुबह पोते को चाय पीने के लिए बुलाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई बाहर नहीं निकला तो उन्होंने घर के अंदर झांककर देखा। अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। उनकी रूह कांप गई। चारों बच्चों के गले धारदार हथियार से रेत दिए गए थे। अंदर राजीव साड़ी के फंदे से कुंडे से लटका हुआ था। वे चिल्लाते हुए बाहर आए तो ग्रामीणों की भीड़ लग गई।


 सूचना पाकर एसपी राजेश द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पिता पृथ्वीराज ने बताया कि राजीव के साथ एक साल पहले हादसा हो गया था।


तब से वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। कभी-कभी दिमाग पर गर्मी चढ़ जाती थी तो उल्टी-सीधी हरकत करने लगता था। एसपी राजीव द्विवेदी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। प्रथमदृष्टया युवक के मानसिक दबाव में होने की बात सामने आ रही है।


एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि 36 साल के युवक ने अपने चार बच्चों की हत्या कर दी और खुद भी फंदे से लटककर जान दे दी। युवक मानसिक रूप से परेशान था। पारिवारिक विवाद भी सामने आया है। घटना की जांच कराई जा रही है।

लखनऊ सीएम योगी की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर एंबुलेंस के साथ सीएम आवास में घुसी एनएसजी पूरे फ्लीट के साथ एंबुलेंस पहुंची सिविल अस्पताल


 लखनऊ सीएम योगी की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर एंबुलेंस के साथ सीएम आवास में घुसी एनएसजी



पूरे फ्लीट के साथ एंबुलेंस पहुंची सिविल अस्पताल



उत्तर प्रदेश, लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर बुधवार को एनएसजी के दर्जनों जवान एंबुलेंस के साथ सीएम आवास में घुसे। इसके बाद आवास के अंदर से एक स्ट्रेचर एंबुलेंस पर लाया गया। फिर पूरे फ्लीट के साथ यह एंबुलेंस सिविल अस्पताल पहुंची। यह मॉक ड्रिल सीएम योगी की सुरक्षा को जांचने के लिए बुधवार को की गई। इससे पहले पिछले हफ्ते इसी तरह का अभ्यास बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के लिए उनके आवास पर किया गया था।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के 5 कालीदास मार्ग पर रहते हैं। बुधवार को जिस समय सीएम योगी आगरा में थे, उसी समय उनके आवास पर यह मॉक ड्रिल की गई। इस ड्रिल से परखा गया कि कभी कोई इमरजेंसी आती है तो एनएसजी कितनी तेजी से सभी चीजों को हैंडल करती है। पूरी ड्लि के दौरान न सिर्फ एनएसजी के कमांडो को शामिल किया गया बल्कि अन्य सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर भी शामिल हुए। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।


इमरजेंसी की सूचना के प्रसारण के साथ ही एंबुलेंस और फायर डिपार्टमेंट भी पहुंच गई। ठीक 11.49 बजे एंबुलेंस सीएम आवास से रवाना हुई और एक मिनट के अंदर ही 11.50 पर सिविल अस्पताल पहुंच गई। इसके अलावा यह भी जांचा गया कि सुरक्षा घेरा कितना मजबूत है। मेडिकल इमरजेंसी में कितनी तेजी लाई जा सकती है और सीएम को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास भी किया गया।


एंबुलेंस के सिविल अस्पताल पहुंचने पर सीएम आवास से लाए गए स्ट्रेचर पर व्यक्ति को लिटाकर इमरजेंसी मेडिकल प्रोटोकॉल का अभ्यास भी किया गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी तेजी से एक्श और प्राथमिक इलाज का अभ्यास किया। पूरे ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को भी अलर्ट पर रखा गया। इस दौरान किसी हमले या सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में एक्शन की भी जांच की गई। एक अधिकारी के अनुसार मॉकड्रिल के उद्देश्य आपात कालीन स्थिति में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को मजबूत करना और संभावित खतरों का आकलन करना था। अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की और जरूरी सुधारों पर चर्चा भी की है।