Monday, 25 November 2024

गोरखपुर हाथ को गुलाबी रंग से देख फफक कर रो पड़ी दारोगा, एक गलती से हो गई गिरफ्तार पकड़े जाने के बाद घूसे लेने से कर रही थी इन्कार, कैंट थाना पुलिस ने भेजा जेल


 गोरखपुर हाथ को गुलाबी रंग से देख फफक कर रो पड़ी दारोगा, एक गलती से हो गई गिरफ्तार


पकड़े जाने के बाद घूसे लेने से कर रही थी इन्कार, कैंट थाना पुलिस ने भेजा जेल




उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले मे घूस लेते हुए एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ी प्रशिक्षु महिला दारोगा अंकिता खुद को बेकसूर बता कार्रवाई को गलत बता रही थी। उसका कहना था कि महिला से रुपये नहीं लिए हैं उसे फंसाया जा रहा है। एंटी करप्शन की टीम ने शिकायतकर्ता के साथ ही जब उसका भी हाथ पानी से धुलवाया तो उसका रंग गुलाबी हो गया। जिसका नमूमा टीम ने अपने पास रख लिया।भेद खुलने पर निलंबित हुई प्रशिक्षु दारोगा कैंट थाने में फफक कर राेने लगी। शनिवार को उसे दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। 


बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के नया सवलपुर निवासी मनोज पांडेय की पुत्री अंकिता पांडेय वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा के पद पर भर्ती हुई थी। गोरखपुर जिले में तैनाती मिलने के बाद उसे मार्च 2023 में पिपराइच थाने भेजा गया था।


शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम ने मारपीट के मुकदमे से नाम निकालने के लिए 10 हजार रुपये घूस लेने अंकिता को गिरफ्तार करने के बाद कैंट थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। पिपराइच क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रशिक्षु महिला दारोगा की आम शोहरत ठीक नहीं थी। थाने में तैनाती के बाद जितने मुकदमे की विवेचना उसने की है इसकी जांच कराई जाए तो भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आएंगे।सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल कराने के बाद शनिवार को दोपहर बाद कैंट थाना पुलिस ने घूस लेने की आरोपित प्रशिक्षु दारोगा को न्यायालय में पेश किया।



https://www.news9up.com/2024/11/2_23.html

आजमगढ़ नगर कोतवाली वरिष्ठ पत्रकार खुर्रम आलम नोमानी को जान से मारने की धमकी फोन करने वाले ने गिनाये नाम कहा इनसे मांग लो माफी नहीं तो कर देंगे हत्या चार वर्ष पूर्व भाई के ऊपर हो चुका है जानलेवा हमला, कोतवाली में दी तहरीर


 आजमगढ़ नगर कोतवाली वरिष्ठ पत्रकार खुर्रम आलम नोमानी को जान से मारने की धमकी


फोन करने वाले ने गिनाये नाम कहा इनसे मांग लो माफी नहीं तो कर देंगे हत्या


4 वर्ष पूर्व भाई के ऊपर हो चुका है जानलेवा हमला, कोतवाली में दी तहरीर


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी से भयभीत वरिष्ठ पत्रकार ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामला इसलिए भी गंभीर है कि करीब चार वर्ष पूर्व वरिष्ठ पत्रकार के भाई के ऊपर जानलेवा हमला भी हो चुका है। वरिष्ठ पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 


शहर के अराजीबाग निवासी खुर्रम आलम नोमानी जो की मूल रूप से बिंदवल थाना बिलरियागंज के रहने वाले हैं लंबे समय से एक नेशनल न्यूज चैनल के जिला संवाददाता के रूप में कार्यरत है और वरिष्ठ पत्रकार है। बीते 22 नवम्बर 2024 को शाम करीब 5 बजे उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से काल आई। काल करने वाले ने उनका नाम पूछा, और बोला कि तुम्हारी जान मारने की सुपारी मिली है। इसके बाद फोन कट गया। कुछ ही देर बाद पुन: दूसरे नंबर से फोन आया और फोन करने वाले ने बिलरियागंज थाना के विंदवल के कुछ लोगों का नाम लेते हुए कहा कि इन लोगों ने तुम्हारी जान मारने के लिए 3 लाख रुपये की सुपारी मुझे दी हैं। तुम इन लोगों से जाकर माफी मांग लो अगर माफी नहीं मांगी तो मैं तुम्हें जान से मार दूंगा। इसके बाद फोन कट गया। 


धमकी से भयभीत पीड़ित पत्रकार ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को अवगत करते हुए शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। बताते चले कि वर्ष 2020 में वरिष्ठ पत्रकार के भाई के ऊपर भी जानलेवा हमला हो चुका है। इस मामले में एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि फोन पर एक व्यक्ति को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस संबंध में तहरीर प्राप्त हुई है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक करईवाई की जाएगी।

आजमगढ़ बरदह दबंगों ने दूल्हे के गाड़ी पर बोला हमला, की पिटाई बिना विवाह के ही बैरंग वापस लौट आई बारात


 आजमगढ़ बरदह दबंगों ने दूल्हे के गाड़ी पर बोला हमला, की पिटाई



बिना विवाह के ही बैरंग वापस लौट आई बारात




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र में कुछ दबंगों द्वारा दूल्हे की गाड़ी को रोक कर उसके साथ गाली गलौज की गई, जब दूल्हे द्वारा इसका विरोध किया गया तो उक्त दबंगों ने कुछ अन्य लोगों को बुलाकर दूल्हे की गाड़ी पर पत्थर बाजी करवा दी। दूल्हे के चालक ने किसी तरह गाड़ी वहां से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर लेकर चला गया। बारात भी बिना विवाह के बैरंग वापस लौट गई। घटना की सूचना 112 नंबर पुलिस को दी गई।


जनपद की रानी सराय थाना क्षेत्र के पटेल नगर निवासी धर्म प्रकाश गुप्ता के बेटे शिवम गुप्ता का विवाह बरदह थाने के शादीपुर गांव के रहने वाले गोविन्द गुप्ता के यहां तय हुआ था। रविवार को धर्म प्रकाश गुप्ता धूमधाम से अपने बेटे की बारात को लेकर बरदह थाना क्षेत्र के शादीपुर गांव पहुंचे। बारात जैसे ही गांव के मोड़ पर पहुंची वहां पर पहले से मौजूद दो बाइक सवार अज्ञात व्यक्ति दूल्हे को गाली देने लगे। जब इस बात का विरोध गाड़ी ड्राइवर और दूल्हे ने किया तो उक्त बाइक सवारों ने गांव से आधा दर्जन दबंगों को और बुला लिया। 


मौके पर पहुंचे लोगों ने दूल्हे की गाड़ी पर ईंट पत्थर चलाना शुरू कर दिया। जिससे दूल्हे की गाड़ी का शीशा टूट गया। मामले की नजाकत को समझते हुए ड्राइवर गाड़ी बैक कर वापस गंभीरपुर थाना क्षेत्र में आकर अपनी जान बचाई। इस घटना को जानकारी डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं संबंधित थाने और चौकी की पुलिस इस पूरे मामले में मिट्टी डालते नजर आए। घटना के बाद पूरी बारात लौट आई। बताया जा रहा है कि जिस युवती से शिवम का विवाह होना था वह अपने ननिहाल में रहती है। लड़की के नाना गोविन्द गुप्ता अपने घर से यह विवाह कर रहे थे।

गोरखपुर दारोगा-सिपाही को भीड़ ने बंधक बनाकर पीटा, चौकी इंचार्ज की हालत गंभीर 25 हमलावरों की तलाश शुरू, मुकदमा दर्ज


 गोरखपुर दारोगा-सिपाही को भीड़ ने बंधक बनाकर पीटा, चौकी इंचार्ज की हालत गंभीर



25 हमलावरों की तलाश शुरू, मुकदमा दर्ज




 उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां रविवार की शाम दो पक्षों के विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर आरोपियों ने हमला कर दिया। भीड़ ने चौकी इंचार्ज (दारोगा) और सिपाही को बंधक बनाकर पीटा। पिटाई से चौकी इंचार्ज बेहोश हो गए।मौके पर पहुंची थाने की पुलिस ने उन्हें भीड़ के चंगुल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।


 सिकरीगंज थाना क्षेत्र के कनहौली गांव में रविवार की सुबह दो पट्टीदारों के बीच गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर विवाद हो गया। मामला गाली-गलौज तक पहुंचा तो एक पटीदार श्रवण यादव ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनो पक्षों को समझा बुझाकर शांत करा दिया। हालांकि शाम होते होते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने इकट्ठे हो गए। दोनों तरफ से जम कर ईंट-पत्थर चलने लगे तो श्रवण यादव ने इसकी सूचना पुलिस चौकी पर दी। 


आरोप है कि चौकी इंचार्ज (दारोगा) अपने हमराही के साथ जैसे ही उक्त स्थल पर पहुंचे, श्रवण पक्ष के लोगों ने पुलिस पर लेट पहुंचने और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। भीड़ ने चौकी इंचार्ज सहित कांस्टेबल को जमकर पीट दिया। भीड़ उन्हें एक कमरे में ले गई और बंधक बना लिया। किसी ने इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने बमुश्किल दोनों पुलिसकर्मियों को हमलावरों के चंगुल से बाहर निकाला। इस दौरान चौकी इंचार्ज राकेश कुमार की हालत बेहद गंभीर थी, उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सिपाही विनीत कुमार को भी चोटें आई हैं। एसपी साउथ जितेंद्र कुमार का कहना है कि 15 नामजद आरोपियों सहित 25 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश जारी है। लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों को छोड़ा नहीं जाएगा। फिलहाल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मऊ पत्नी की लाश को ठेले से लेकर घर पहुंचा पति तय किया 50 कि0मी0 का रास्ता, मदद के लिए मांगता रहा भीख


 मऊ पत्नी की लाश को ठेले से लेकर घर पहुंचा पति


तय किया 50 कि0मी0 का रास्ता, मदद के लिए मांगता रहा भीख



उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के दादनपुर निवासी अधेड़ महिला का बलिया जिले के नगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, गरीबी में पत्नी की मौत के बाद पति ने मदद की उम्मीद को लेकर लोगों से अपील की, लेकिन कोई सहायता न मिलने पर वह अपनी पत्नी के शव को ठेले पर लादकर लगभग 50 कि0मी0 दूर अपने पैतृक गांव के करीब पहुंचा था। इस बीच, इसकी सूचना मिलने पर घोसी पुलिस ने शव को शववाहिका से भिजवाने के साथ अंतिम संस्कार कराने का पूरा खर्च उठाया।


 बताया जा रहा है कि घोसी कोतवाली क्षेत्र के दादनपुर अहिरौली निवासी गुलाबचंद्र मजदूरी कर अपनी बीमार पत्नी चंद्रमी का उपचार करा रहे थे। बेहतर उपचार की आस में शनिवार को वह अपनी पत्नी के साथ बलिया जिले के नगरा में पहुंचा था,जहां वह डाॅक्टर के बजाए झांड़-फूक के चक्कर में पड़ गया, जहां देर शाम उसकी बीमार पत्नी की मौत हो गई।


 पत्नी की मौत के बाद उसने कोशिश की कि वह अपनी पत्नी के शव को किसी वाहन से घोसी ले जा सके, लेकिन उसके पास रुपये न होने पर उसने पहले मदद की मांग की, लेकिन नाउम्मीद होने पर वह ठेले से शनिवार की रात 12 बजे अपनी पत्नी के शव को घोसी के लिए निकल गया। रविवार की सुबह वह 11 बजे जब घोसी कोतवाली क्षेत्र के रघौली के करीब पहुंचा था घोसी पुलिस को इसकी सूचना मिली। जिस पर पहुंची पुलिस ने जब वृद्ध गुलाबचंद्र से जानकारी ली तो उन्हें वाकया पता चला। जिसके बाद शव को ठेले से हटवाकर शव वाहिका से उसके पैतृक गांव भेजवाने के साथ अंतिम संस्कार के लिए मदद की। अपनी पत्नी को खो चुके गुलाबचंद्र ने बताया कि उनकी चार संतान है, लेकिन वह इस बुढ़ापे में हमसे अलग रहते हैं। वह ही मजदूरी करके अपना और अपनी पत्नी का भरण पोषण करते हुए बीमार पत्नी का उपचार करा रहा था। चिकित्सकों से इलाज कराने के दौरान उसे एक झाड़ फृूक से बीमार पत्नी के ठीक होने के बात सुनकर वह एक आस में बलिया जिले के नगरा पहुंचा था। लेकिन किस्मत ने उसके साथ धोखा दे दिया।