Wednesday, 20 November 2024

लखनऊ उत्तर प्रदेश के 15 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति 15 पदों के लिए भेजे कुल 46 नाम


 लखनऊ उत्तर प्रदेश के 15 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति


15 पदों के लिए भेजे कुल 46 नाम



 उत्तर प्रदेश के 15 पीसीएस अधिकारी जल्द ही आईएएस कैडर में पदोन्नति पा सकते हैं। इनमें वर्ष 2002, 2004, 2006 और वर्ष 2008 बैच के पीसीएस अधिकारियों के नामों पर चर्चा होगी। नियुक्ति विभाग ने 15 पदों के लिए कुल 46 नाम भेजे हैं। संघ लोक सेवा आयोग की अनुमति मिलने पर विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि पिछले साल की तरह इस बार भी लखनऊ में ही पदोन्नति के लिए डीपीसी हो सकती है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 के लिए सलेक्ट लिस्ट में 10 रिक्तियां दी हैं। इसके अलावा पांच पद पहले के खाली हैं। इसलिए आईएएस के कुल 15 पदों के लिए पदोन्नतियां दी जाएंगी। नियुक्ति विभाग ने इन 15 पदों के लिए एक-एक नाम पर विचार करते हुए प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में उन नामों को भी भेजा गया है, जिनके नाम पर पिछले वर्ष भी डीपीसी में विचार किया गया था, लेकिन सहमति नहीं बन पाई थी। इनमें कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ किसी तरह की जांच चल रही थी और उन्हें पदोन्नति नहीं मिल पाई थी।


उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस बार डीपीसी में वर्ष 2002 की अंजू कटियार, वर्ष 2004 के अमर पाल सिंह, वर्ष 2006 व वर्ष 2008 के अधिकारियों आलोक कुमार वर्मा, बलराम सिंह, भानु प्रताप यादव, दयानंद प्रसाद, देवी प्रसाद पाल, गुलाब चंद्र व जयनाथ यादव के नाम पर विचार किया जाएगा। इसके साथ अंजू लता, राजेश कुमार सिंह, राम सुरेश वर्मा, रणविजय सिंह, विधान जायसवाल, विनोद कुमार गौर व शैलेंद्र कुमार भाटिया के नाम पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि वरिष्ठता के आधार पर वरीयता क्रम से ऊपर वालों के नामों पर विचार-विमर्श के बाद सहमति बन सकती है। हालांकि, जिनके खिलाफ जांच चल रही है, उनके नाम बाहर किए जाने की पूरी संभावना है।

प्रतापगढ़ दुल्हन की हत्या के बाद खुद को मारी गोली, दोनों की हुई मौत


 प्रतापगढ़ दुल्हन की हत्या के बाद खुद को मारी गोली, दोनों की हुई मौत




उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कोहड़ौर के मदाफरपुर बाजार में मंगलवार भोर में सिरफिरे आशिक ने नवविवाहिता को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा दिया। दोनों की मौत हो गई। चार दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी। सोमवार को ही ससुराल से मायके आई थी।


 कोहड़ौर के चंदुआडीह निवासी पप्पू वर्मा परिवार के साथ मदाफरपुर बाजार में किराए के मकान में रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी ज्योति वर्मा (22) की शादी 15 नवंबर 2024 को अमेठी के पीपरपुर थाना इलाके के रेवणा निवासी जितेंद्र प्रताप पटेल के साथ हुई थी। मंगलवार भोर में करीब साढ़े पांच बजे ज्योति शौच के लिए घर के पीछे मोबाइल टावर की ओर निकली। कुछ देर बाद फायर की आवाज सुन पुलिसकर्मी बाजार के लोगों के साथ टावर की ओर पहुंचे। देखा तो ज्योति खून से लथपथ पड़ी थी। सिर, कमर व हाथ में गहरे घाव के निशान थे। करीब मे ही मोबाइल मिला। खबर मिलने पर परिजन भी पहुंच गए।


 आनन-फानन उसे उपचार के लिए सीएचसी कोहड़ौर फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां से प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही ज्योति ने दम तोड़ दिया। इधर, छानबीन के दौरान पुलिस को करीब 200 मीटर दूर नहर के पास खेत में एक युवक का शव मिला। उसकी पहचान उदयराज वर्मा (23) के रूप में हुई। डॉ. अनिल कुमार, एसपी ने बताया कि दोनों के बीच कई वर्षों से नजदीकी रिश्ते थे। युवती की हत्या के बाद आरोपी ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की छानबीन की जा रही है।

मऊ अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, एक की मौत, एक घायल खंभे से टकराने के बाद गड्ढे में कार पलटने से हुआ हादसा


 मऊ अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, एक की मौत, एक घायल


खंभे से टकराने के बाद गड्ढे में कार पलटने से हुआ हादसा



उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर थानांतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर 273.3 किलोमीटर की लोकेशन पर रात करीब 10 बजे एक कार अनियंत्रित होकर सर्विस रोड के किनारे स्थित खंभे से टकराई और गड्ढे में पलट गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों युवक सर्विस रोड से घर लौट रहे थे। अचानक कार अनियंत्रित होकर खंभे को तोड़ते हुए सर्विस रोड और एक्सप्रेसवे के बीच बने गड्ढे में पलट गई। 


हादसे में वरुण यादव (25), निवासी माहपुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके साथी धर्मेंद्र पासवान (28), निवासी समसाबाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया गया। स्विफ्ट डिजायर कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन मौके पर तीसरा व्यक्ति नहीं मिला। वरुण यादव के पिता लल्लू यादव किसान हैं और उनका परिवार गरीबी में संघर्ष कर रहा था। वरुण ने अपनी मेहनत से वाराणसी में एक रेस्टोरेंट खोला था। घर की खुशियों के बीच यह दुखद घटना परिवार को तोड़ कर रख गई। मां की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं, और पिता को गहरा सदमा लगा है। घटना की सूचना मिलते ही रानीपुर थाने की पुलिस और क्षेत्राधिकारी डॉ. अजय विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल युवक का इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।