Saturday, 24 January 2026

आजमगढ़ बूढ़नपुर महिला लेखपाल को रात में दी अश्लील गालियां घर पहुंचकर दरवाजा पीटने और काटकर फेंक देने की धमकी से महिला कर्मचारी दहशत में

आजमगढ़ बूढ़नपुर महिला लेखपाल को रात में दी अश्लील गालियां



घर पहुंचकर दरवाजा पीटने और काटकर फेंक देने की धमकी से महिला कर्मचारी दहशत में



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में तैनात एक महिला लेखपाल के साथ रात्रि के समय अश्लील गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की मांग की है। पीड़िता श्वेता तिवारी पत्नी रामसूरत वर्तमान में तहसील बूढ़नपुर के गोपालीपट्टी हल्के में लेखपाल पद पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार 22 जनवरी 2026 की रात करीब 8:47 बजे ग्राम गोपालीपट्टी निवासी जैनेन्द्र सिंह ने मोबाइल फोन पर बार-बार कॉल किया। कॉल उठाने पर आरोपी ने अपनी पुत्री के EWS प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। इस पर लेखपाल ने शासकीय नियमों के अनुसार आवश्यक अभिलेख पूरे न होने की जानकारी देते हुए अगले कार्यदिवस में तहसील आने को कहा और रात्रि समय में कॉल न करने का अनुरोध किया। इतनी बात पर आरोपी उग्र हो गया और कथित रूप से अत्यंत अश्लील, आपत्तिजनक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।


 पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने दबंगई दिखाते हुए गांव के अन्य लोगों को भी फोन कर उनके विरुद्ध अपमानजनक बातें कहीं, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि 23 जनवरी 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी लेखपाल के आवास पर पहुंचा और दरवाजा जोर-जोर से पीटते हुए धमकी दी। शोर सुनकर लोगों के एकत्र होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने इसे एक महिला शासकीय कर्मचारी का घोर अपमान बताते हुए कहा कि आरोपी की हरकतें आपराधिक भयादोहन, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने पुलिस से तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। महिला लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा

आजमगढ़ लालगंज शुद्ध पानी के नाम पर लापरवाही, 2 वाटर यूनिटों के लाइसेंस निलंबित



एफडीए की सघन जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर, जनस्वास्थ्य पर खतरा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शुद्ध और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के दावे के साथ बाजार में बोतलबंद पानी की आपूर्ति कर रही दो वाटर यूनिटों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कड़ी कार्रवाई की है। सघन जांच अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अद्विक इंटरप्राइजेज लालगंज और रजवाड़ा इंटरप्राइजेज लालगंज के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। इन दोनों यूनिटों से प्रतिदिन 500 से अधिक बोतलें जिले की विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों पर सप्लाई की जा रही थीं।


 विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद में कुल सात वाटर सप्लाई यूनिट पंजीकृत हैं, जिनमें से दो पहले से बंद हैं। एफडीए की टीम ने शेष पांच यूनिटों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उत्पादन प्रक्रिया, प्लांट की स्वच्छता, मशीनों की साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की गुणवत्ता से संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई। निरीक्षण में सामने आया कि वर्ष 2025 में लाइसेंस प्राप्त इन दोनों यूनिटों के संचालक कर्मचारियों की अनिवार्य मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके। साथ ही पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित आवश्यक वाटर एनालिसिस रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा यूनिट परिसरों में साफ-सफाई की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। एफडीए टीम ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए दोनों यूनिटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। वहीं अन्य तीन वाटर यूनिटों की स्थिति जांच में सामान्य पाई गई।

आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय


 आजमगढ़ जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास, अपराध नियंत्रण में आएगी तेजी : पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन


आजमगढ़ में शुरू हुई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा, अब मोबाइल से दें अपराध की सूचना


वाराणसी रेंज के बाद आजमगढ़ में विस्तार, 23 जनवरी से 24×7 रहेगी सक्रिय



आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट सेवा अब और जिलों में विस्तार पा रही है। वाराणसी रेंज के जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जनपदों में सफल संचालन के बाद यह सेवा 23 जनवरी से जनपद आजमगढ़ में भी शुरू कर दी गई है। ‘पुलिस सतर्क मित्र’ एक WhatsApp-आधारित ऑटोमेटेड चैटबोट है, जिसके माध्यम से आम नागरिक गोपनीय और सुरक्षित तरीके से अपराधों और अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की आवश्यकता नहीं है, केवल WhatsApp के जरिए 7839860411 नंबर पर संदेश भेजना होता है। सेवा का उपयोग बेहद सरल है। नागरिक WhatsApp पर “Hi” भेजकर बातचीत शुरू कर सकते हैं, इसके बाद बोट भाषा चयन कराता है और क्रमशः घटना का प्रकार, स्थान, समय जैसी जानकारियाँ पूछता है। जरूरत पड़ने पर फोटो, वीडियो, ऑडियो या सीसीटीवी फुटेज भी साझा की जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं की जांच पुलिस अधिकारी करते हैं और आवश्यक कार्रवाई की जाती है, जिसकी स्वचालित फीडबैक सूचना देने वाले को भी मिलती है। इस बोट के जरिए गौ-तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, महिला व बाल अपराध, मानव तस्करी, पुलिस भ्रष्टाचार, अवैध खनन सहित कई गंभीर मामलों की सूचना दी जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान और मोबाइल नंबर पुलिस को दिखाई नहीं देते, जिससे लोग बिना किसी डर के अपने आसपास की अवैध गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ‘पुलिस सतर्क मित्र’ का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सुरक्षित संवाद स्थापित करना और तकनीक के माध्यम से अपराध पर तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


 एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा, “‘पुलिस सतर्क मित्र’ WhatsApp बोट उत्तर प्रदेश पुलिस की एक तकनीक-आधारित और जनहितकारी पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को बिना भय और बिना पहचान उजागर किए अपराध व अवैध गतिविधियों की सूचना देने का सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है। वाराणसी रेंज में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद इसे आजमगढ़ जनपद में भी लागू किया गया है। हमें विश्वास है कि इस माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “सूचना देने वाले की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और प्रत्येक प्राप्त सूचना पर गंभीरता से जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए चेतावनी और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग

आजमगढ़ सरायमीर वाहन चेकिंग के बीच सवालों के घेरे में खाकी, बिना डिजिटल नंबर प्लेट और बीमा के दौड़ती दिखी दरोगा की बुलेट



आम जनता पर सख्ती, लेकिन नियम तोड़ने पर पुलिसकर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं?


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो-तस्वीरों के बाद उठी निष्पक्ष जांच की मांग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देश पर जनपद में चल रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के बीच एक मामला सामने आया है, जिसने विभागीय अनुशासन और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजमगढ़-लखनऊ मार्ग पर सरायमीर थाना क्षेत्र में एक दरोगा की बुलेट मोटरसाइकिल बिना डिजिटल नंबर प्लेट और वैध बीमा के दौड़ती नजर आई, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित दरोगा सरायमीर कस्बे में नियमित रूप से वाहन चेकिंग अभियान में सक्रिय रहते हैं और नियमों के उल्लंघन पर आम नागरिकों के चालान काटते देखे जाते हैं। वहीं उनकी स्वयं की बाइक पर न तो डिजिटल नंबर प्लेट लगी थी और न ही वैध बीमा पाया गया। ऑनलाइन जांच में बाइक का बीमा भी अमान्य बताया गया।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान आम नागरिकों से डिजिटल नंबर प्लेट न होने पर 5 से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, बीमा न होने पर 2 से 4 हजार रुपये तक का फाइन और कई मामलों में वाहन सीज तक किए जा रहे हैं। ऐसे में जब खुद कानून के रखवाले नियमों का पालन नहीं करते दिखें, तो जनता में असंतोष और अविश्वास स्वाभाविक है। इस प्रकरण ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि क्या कानून सबके लिए समान है। लोगों का कहना है कि यदि आम जनता से नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है, तो वही मानक पुलिसकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होने चाहिए। जनता अब पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है, ताकि कानून का तराजू सभी के लिए बराबर रहे, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी हो या कोई भी अधिकारी हो।

 

Friday, 23 January 2026

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली

आजमगढ़ फूलपुर दिनदहाड़े शिक्षक की मोटर साइकिल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल




वीआरसी जाते समय हुई वारदात, मौके से फरार हुए चोर, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली 




उत्तर प्रदेश आजमगढ़ जनपद  फूलपुर खंड शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत फूलपुर–माहुल मार्ग पर दिनदहाड़े मोटरसाइकिल चोरी की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बुधवार 21 तारीख को सुबह लगभग 11:30 बजे ग्राम सहजेरपुर के पास अज्ञात चोरों ने एक अध्यापक की मोटरसाइकिल चोरी कर ली, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, कम्पोजिट विद्यालय मख्खापुर में तैनात अध्यापक जितेन्द्र कुमार मिश्र बुधवार को समय से विद्यालय पहुँचे थे। सवा 11 बजे वे अपनी मोटरसाइकिल (संख्या यूपी 45 एएन 1010) से वीआरसी कार्यालय, खंड शिक्षा कार्यालय फूलपुर के लिए निकले। रास्ते में ग्राम सहजेरपुर के पास सड़क किनारे मोटरसाइकिल खड़ी कर वे लघुशंका के लिए रुके। कुछ ही देर बाद लौटने पर देखा तो उनकी मोटरसाइकिल मौके से गायब थी। दिनदहाड़े हुई इस घटना से अध्यापक स्तब्ध रह गए। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल फूलपुर कोतवाली को घटना से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम, जिसमें एक उपनिरीक्षक व दो सिपाही शामिल थे, मौके पर पहुँची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस पीड़ित अध्यापक को थाने ले गई, जहाँ उन्हें आश्वस्त किया गया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है और मोटर साइकिल शीघ्र बरामद कर ली जाएगी। वहीं, पीड़ित जितेन्द्र कुमार मिश्र ने जनसुनवाई पोर्टल पर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक मुकदमा पंजीकृत नहीं हो सका था। इस मामले में थाना प्रभारी सच्चिदानंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश


 आजमगढ़ गंभीरपुर पुलिस बनकर चेकिंग के नाम पर दुकानदार से ₹7 हजार की लूट, इलाके में हड़कंप


गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव की घटना


सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, व्यापारियों में भय और आक्रोश




उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनारस रोड स्थित मोहम्मदपुर गांव में सैनिक ढाबा के पास एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक शख्स ने चेकिंग के बहाने एक छोटे दुकानदार से ₹7,000 रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गया। पीड़ित दुकानदार की पहचान इकराम अहमद, निवासी ग्राम सार्सेना खालसा के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में छोटी सी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पीड़ित के अनुसार, बीते दिन दोपहर के समय एक अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर पहुंचा और स्वयं को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी। आरोपी ने रौब दिखाते हुए नियम-कानून का हवाला दिया और डराकर दुकानदार के पर्स से ₹7,000 रुपये निकाल लिए। अचानक हुई इस घटना से दुकानदार घबरा गया और इसी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साहस दिखाते हुए सीधे गंभीरपुर थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी। 


पीड़ित ने पुलिस को आरोपी की गतिविधियों, बातचीत के अंदाज़ और घटना स्थल से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र के छोटे व्यापारियों में डर और आक्रोश का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस बनकर खुलेआम लूट कर सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि फर्जी पुलिस बनकर अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे

गोरखपुर इस लड़की के सामने DSP-दरोगा हुए भी न्यूड



अंशिका ने रंगदारी न मिलने पर मैनेजर के दोस्त को मारी गोली, मामले में 12 पुलिसकर्मी फंसे



उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मदिन के जश्न के दौरान युवक को गोली मारने वाली युवती का चौंकाने वाला आपराधिक चेहरा सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवती अंशिका एक शातिर ब्लैकमेलर है, जो बीते पांच वर्षों से लोगों को अश्लील वीडियो कॉल के जरिए फंसाकर उनसे पैसे वसूलती थी।


 सूत्रों के मुताबिक, अंशिका के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह पहले लोगों से संपर्क करती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती और कॉल को रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम ऐंठती थी। पुलिस का दावा है कि अंशिका ने पिछले पांच साल में करीब 150 लोगों को ब्लैकमेल किया है। इनमें अयोध्या के एक DSP, गीडा थाना प्रभारी सहित 12 से अधिक पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और बैंक लेन-देन के जरिए पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


 घटना 20 जनवरी की है, जब अंशिका अपने दोस्तों के साथ मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि अंशिका ने मैनेजर पर पिस्टल तान दी। छीना-झपटी के दौरान गोली चल गई, जो मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस ने अंशिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके साथी बंटी वर्मा समेत पांच आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।