Friday, 6 November 2026

आजमगढ़ फूलपुर स्विफ्ट कार की टक्कर से 3 की मौत, 7 घायल ओवरटेक करने के प्रयास में तेज रफ्तार कार ने टेंपो को मारी जोरदार टक्कर, टेंपो के उड़े परखच्चे


 आजमगढ़ फूलपुर स्विफ्ट कार की टक्कर से 3 की मौत, 7 घायल


ओवरटेक करने के प्रयास में तेज रफ्तार कार ने टेंपो को मारी जोरदार टक्कर, टेंपो के उड़े परखच्चे



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के बेलसिया गांव के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। ओवरटेक करने के प्रयास में तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने सामने चल रहे टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

इस दुर्घटना में प्रमिला (51) पत्नी स्वर्गीय राजनाथ चौहान निवासी मकसुदिया और दिनेश (45) पुत्र पतिराज हरिजन निवासी नियाउज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अंतर्ध्यानी (60) पत्नी राम लवटन गौड़ निवासी करौजा ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी पांच बेटियां हैं।


हादसे में घायल लोगों में मो. अतहर (19) पुत्र अशहर और मो. उमैर (17) पुत्र आशिफ निवासी लखमापुर, थाना पवई, यूसुफ (19) पुत्र आफताब आलम निवासी टेऊंगा, फूलपुर, शादान (17) पुत्र मुन्ना निवासी उदपुर, मुस्तकीन (23) पुत्र खलील अहमद निवासी मुड़ियार ईदगाह तथा मो. अशरफ (38) पुत्र मो. इसहाक निवासी पलियाअदाई, फूलपुर शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि टेंपो में पांच लोग सवार थे, जिनमें तीन की मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए। वहीं स्विफ्ट कार में चालक समेत चार लोग सवार थे। वे भी हादसे में घायल हो गए।


 घटना की सूचना मिलते ही अंबारी पुलिस चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद फूलपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई की। हादसे में जान गंवाने वाली प्रमिला के पति की दो वर्ष पूर्व कैंसर से मौत हो चुकी थी। परिवार में उनके दो बेटे योगेंद्र (20), नागेंद्र (18) और दो बेटियां करीना (17), रबीना (16) हैं। मां की मौत से चारों बच्चों के सिर से ममता का साया उठ गया। परिवार पहले ही पिता को खो चुका था, अब इस हादसे ने उनका सहारा भी छीन लिया। वहीं दिनेश की मौत से उनकी पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनेश के कोई संतान नहीं थी। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस संबंध में फूलपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

आजमगढ़। त्योहारों को लेकर आजमगढ़ पुलिस अलर्ट, एसएसपी ने किया पैदल गश्त 116 स्थानों पर सघन चेकिंग, 2,476 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच; 778 वाहनों का चालान और दो वाहन सीज, 600 से 700 पुलिसकर्मी निगरानी में तैनात


 आजमगढ़। त्योहारों को लेकर आजमगढ़ पुलिस अलर्ट, एसएसपी ने किया पैदल गश्त


116 स्थानों पर सघन चेकिंग, 2,476 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच; 778 वाहनों का चालान और दो वाहन सीज, 600 से 700 पुलिसकर्मी निगरानी में तैनात


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए आजमगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने थाना कोतवाली क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल के साथ पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने आमजन और व्यापारियों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया तथा सभी से आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।


एसएसपी के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में भीड़भाड़ वाले एवं पूर्व से चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को जिले के 116 चिन्हित स्थानों पर चेकिंग करते हुए 2,476 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। वहीं यातायात नियमों के उल्लंघन एवं अन्य अनियमितताओं के चलते 778 वाहनों का चालान किया गया तथा दो वाहनों को सीज किया गया।


पेशेवर एवं आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। इसके तहत लगभग 600 से 700 पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों एवं वर्दी में निगरानी के लिए सक्रिय किया गया है। पुलिस टीमें लगातार संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में वरिष्ठ एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ पीस कमेटी की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से पुलिस आमजन के साथ संवाद और समन्वय स्थापित कर रही है, ताकि जनपद में आपसी भाईचारा एवं सौहार्द का वातावरण बना रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी नागरिकों को आगामी त्योहारों की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि सभी लोग त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।


आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा सभी त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Thursday, 5 November 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर 323 किलो अवैध पटाखों के मामले में मुख्य आरोपी गुलाब गुप्ता हिरासत में मकान से बरामद हुए थे 14 बोरियों में भरे पटाखे, करीब 50 हजार रुपये आंकी गई थी कीमत


 आजमगढ़ मुबारकपुर  323 किलो अवैध पटाखों के मामले में मुख्य आरोपी गुलाब गुप्ता हिरासत में


मकान से बरामद हुए थे 14 बोरियों में भरे पटाखे, करीब 50 हजार रुपये आंकी गई थी कीमत


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के मामले में फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए अभियुक्त की पहचान पुरारानी निवासी गुलाब गुप्ता (35) पुत्र स्वर्गीय कन्हैयालाल गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 4 नवंबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, बीते 29 अक्टूबर 2026 को उपनिरीक्षक प्रदीप बाजपेयी पुलिस टीम के साथ मुबारकपुर कस्बे के ग्राम पुरारानी स्थित एक आवासीय मकान में छापेमारी करने पहुंचे थे। इस दौरान मकान में किराये पर रह रहे गुलाब गुप्ता द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के अवैध पटाखों का भंडारण कर उनकी बिक्री किए जाने का मामला सामने आया था। पुलिस की छापेमारी के दौरान अभियुक्त मौके से फरार हो गया था। मौके की तलाशी लेने पर पुलिस ने विभिन्न प्रकार के पटाखों से भरी 14 बोरियां बरामद की थीं। इनका कुल वजन लगभग 323 किलोग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई थी। बरामदगी के आधार पर थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0 381/2026 अंतर्गत धारा विस्फोटक अधिनियम 1884 की धारा 5/9बी में मुकदमा दर्ज किया गया था।

 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में प्रभारी निरीक्षक शशिचन्द्र चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना जारी है। अवैध पटाखों की आपूर्ति के स्रोत और इस कारोबार में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शशिचन्द्र चौधरी, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा तथा चौकी प्रभारी कस्बा मुबारकपुर सहित थाना पुलिस के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

Wednesday, 4 November 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर, बाइक पर मिला प्रॉपर्टी डीलर का खून से लथपथ शव भूमि विवाद में लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप


 आजमगढ़ मुबारकपुर, बाइक पर मिला प्रॉपर्टी डीलर का खून से लथपथ शव


भूमि विवाद में लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बिजरवा गांव के पास आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार की रात बाइक पर एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बिजरवा गांव निवासी 35 वर्षीय मुकेश यादव के रूप में हुई है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। परिजनों ने भूमि विवाद को लेकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


 मृतक के भाई अरविंद यादव के अनुसार, गांव के कुछ लोगों से परिवार का काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था। इस मामले के निस्तारण के लिए मुकेश ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आॅनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई थी। मंगलवार की रात अरविंद अपने भाई मुकेश और शैलेश के साथ बिजरवा स्थित पुराने मकान पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। कुछ देर बाद मुकेश बाइक से नए मकान के लिए निकले। आरोप है कि बिजरवा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास के पास पहुंचते ही विपक्षियों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले के दौरान मुकेश ने शोर मचाया तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। राहगीरों से घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल मुकेश को आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के भाई ने हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।


 घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुबारकपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ कोतवाली, 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी गिरफ्तार 18 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा, दीपावली पर मुंबई से आते ही आया पुलिस की चंगुल में, न्यायालय में पेशी के दौरान हुआ था फरार


 आजमगढ़ कोतवाली, 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी गिरफ्तार


18 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा, दीपावली पर मुंबई से आते ही आया पुलिस की चंगुल में, न्यायालय में पेशी के दौरान हुआ था फरार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की कोतवाली पुलिस ने 18 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में जेल में बंद रहने के दौरान वर्ष 2008 में न्यायालय में पेशी के लिए ले जाते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ अभियुक्त दीपावली के त्योहार पर मुंबई से आजमगढ़ पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया।


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त राकेश पाण्डेय उर्फ राजू (45) पुत्र रामानन्द पाण्डेय, निवासी खुरशु, थाना देवगांव, आजमगढ़ का रहने वाला है। उसके खिलाफ वर्ष 2004 में देवगांव थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जिला कारागार आजमगढ़ में विचाराधीन बंदी था।


बताया जाता है कि 29 अप्रैल 2008 को न्यायालय में पेशी के दौरान राकेश पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद थाना कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 504/2008, धारा 223/224 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। काफी समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।


बुधवार, 4 नवंबर 2026 को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय और उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने प्राइवेट बस अड्डे से दोपहर करीब 2:30 बजे इनामी अभियुक्त राकेश पाण्डेय उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वर्ष 2008 में पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। बाद में वह मुंबई चला गया और वहां किराये के मकान में रहने लगा। दीपावली के त्योहार पर मुंबई से आजमगढ़ आने के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए आगे की बात अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में रखने की बात कही।

इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी, कांस्टेबल मनीष, अखिलेश कुशवाहा और महिला कांस्टेबल प्रियंका सिंह सहित पुलिस टीम शामिल रही। साथ ही चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस टीम ने भी सहयोग किया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ गंभीरपुर एडीजी के आने की सूचना पर थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण शाहरुख हत्याकांड, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की उठाई मांग


 आजमगढ़ गंभीरपुर एडीजी के आने की सूचना पर थाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण


शाहरुख हत्याकांड, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की उठाई मांग


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव की नट बस्ती निवासी 30 वर्षीय शाहरुख खान हत्याकांड का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। हत्यारों की गिरफ्तारी और हत्या की वजह सामने न आने से मृतक के परिजनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा के गंभीरपुर थाने में निरीक्षण की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष थाने पहुंच गए। परिजनों को उम्मीद थी कि एडीजी से मुलाकात कर वे अपनी पीड़ा और पुलिस की कथित लापरवाही से अवगत कराएंगे, लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।


मृतक के परिजनों ने गंभीरपुर पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शाहरुख के लापता होने की सूचना घटना से एक दिन पहले ही डायल 112 और थाने पर दी गई थी। परिजन थाने पहुंचकर तहरीर भी दे चुके थे और शाहरुख को खोजने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस उसी समय सक्रियता दिखाती तो शायद शाहरुख की जान बचाई जा सकती थी।


गौरतलब है कि गौरी गांव निवासी मुस्तफा के पुत्र शाहरुख खान बोलने में असमर्थ थे और पाव रोटी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। बीते 27 तारीख की शाम वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन 28 तारीख की सुबह गांव की नट बस्ती के पास बहा में उनका गला रेता हुआ शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और थाने का घेराव करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी।


हत्याकांड की जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य भी अहम माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि शाहरुख के बाएं हाथ की बंद मुट्ठी में कुछ बाल मिले थे। इसके अलावा घटनास्थल से बरामद धारदार हथियार और मृतक के गले में मिला दुपट्टा भी जांच के दायरे में है। पुलिस की फोरेंसिक टीम इन साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाने के बावजूद अब तक पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।


इस बीच सूत्रों के हवाले से बेकरी मालिक अरशद और नदीम गनी समेत करीब आधा दर्जन लोगों से पूछताछ किए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि पुलिस घटना के बाद से गौरी गांव और नट बस्ती के सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है। परिजनों का दावा है कि करीब एक दर्जन लोगों से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। हालांकि, पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी अथवा हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूछताछ के दायरे में आए लोगों की हत्याकांड में संलिप्तता भी अभी प्रमाणित नहीं हुई है।


परिजनों का आरोप है कि घटना के शुरुआती चार दिनों तक पुलिस परिवार के सदस्यों से ही पूछताछ करती रही। उनका सवाल है कि जब घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं और कई लोगों से पूछताछ भी हो रही है, तो आखिर हत्यारों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है?


बुधवार को एडीजी के निरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सामने अपनी बात रखने से जांच में तेजी आएगी और हत्याकांड का जल्द पर्दाफाश होगा। लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।


फिलहाल शाहरुख हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। एक सप्ताह गुजरने के बाद भी हत्या की वजह और आरोपियों का पता नहीं चल सका है। वहीं, पीड़ित परिवार अब पुलिस के आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। परिजनों की मांग है कि निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाए।

आजमगढ़ कप्तानगंज मानसिक रूप से अस्वस्थ गुमशुदा महिला को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा पुलिस की मानवीय पहल, पहचान कर परिजनों से कराया संपर्क; महिला के मिलने पर परिवार ने जताया आभार


 आजमगढ़ कप्तानगंज मानसिक रूप से अस्वस्थ गुमशुदा महिला को पुलिस ने सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा



पुलिस की मानवीय पहल, पहचान कर परिजनों से कराया संपर्क; महिला के मिलने पर परिवार ने जताया आभार


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ एक गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के इस प्रयास से परेशान परिजनों को बड़ी राहत मिली।


 प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक नवंबर 2026 को आजमगढ़ जनपद की निवासी महिला बिना किसी को बताए घर से कहीं चली गई थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। इसी बीच दो नवंबर की रात 8:53 बजे यूपी-112 पर सूचना मिली कि एक अज्ञात महिला एक घर पहुंची है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपना नाम और पता बताने में असमर्थ है। सूचना मिलते ही पीआरवी 7149 (इवेंट संख्या 25775) के पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर थाना कप्तानगंज पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद उपनिरीक्षक रामनिहाल वर्मा, महिला उपनिरीक्षक नेहा पटेल, महिला आरक्षी समीक्षा मौर्य एवं महिला आरक्षी मधु मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर महिला को सकुशल थाने लाया। पुलिस टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किया। अथक प्रयासों के बाद महिला की पहचान सुनिश्चित हुई और उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया गया। आवश्यक सत्यापन एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीन नवंबर 2026 को महिला को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय से परेशान परिजनों ने महिला के सकुशल मिलने पर आजमगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।