Monday, 25 May 2026

जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल


 जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 


एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल



उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहा मुख्य आरोपी रवि यादव सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के हाथ में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। 


पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को रवि यादव के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


 मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के सदस्य प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि 1 मई 2026 को 25 वर्षीय आजाद बिंद की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह बारात लेकर शादी के लिए जा रहा था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इनमें प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत नेपाल तक छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


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आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


 आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा


अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने


रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। कृषि योग्य और विवादित जमीनों को नियमों के विपरीत आवासीय प्लाट बताकर बेचने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध कारोबार में आम लोगों की गाढ़ी कमाई फंस रही है और वर्षों बाद भी उन्हें न तो जमीन पर कब्जा मिल पा रहा है और न ही कोई ठोस समाधान। सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे मामलों में न प्रशासन की सख्ती दिखाई देती है और न ही शासन का प्रभावी हस्तक्षेप। रविवार को शहर के रैदोपुर काली चौरा क्षेत्र में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब रूपाली डेवलपर नाम से कारोबार करने वाली फर्म के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में प्लाट खरीदार पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार नरौली के दक्षिण स्थित रामपुर राजस्व गांव में वर्षों पहले रूपाली डेवलपर द्वारा बड़े पैमाने पर प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन आज तक कई खरीदारों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। 


बताया जा रहा है कि मामले को शांत कराने के लिए रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता पुत्र पीपी गुप्ता निवासी कुर्मी टोला, आजमगढ़ द्वारा करीब 30 से 35 लोगों को 20 रुपये के स्टांप पर इकरारनामा बनाकर चेक सौंपे गए। इकरारनामे में उल्लेख किया गया है कि यदि 1 सितंबर 2026 तक खरीदारों को जमीन पर कब्जा मिल जाता है तो संबंधित चेक वापस कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि तय समय तक कब्जा नहीं मिला तो खरीदार उस चेक का क्या करेंगे और उन्हें क्या राहत मिलेगी। यही नहीं, इकरारनामे की भाषा और प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जमीन पहले से विवादित थी तो उसकी प्लाटिंग और बिक्री कैसे की गई। आखिर बिना स्पष्ट स्वामित्व और विवाद निपटारे के आम लोगों को प्लाट बेचने की अनुमति किस आधार पर दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह कृषि भूमि, बाढ़ क्षेत्र और विवादित जमीनों को आवासीय प्लाट बताकर बेचा जा रहा है। न तो मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था। ऐसे में लोग अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर भी असुरक्षित और विवादित जमीनों के मालिक बन रहे हैं। इस पूरे मामले पर रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता ने कहा कि वर्षों पहले प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन कुछ हिस्सेदारों द्वारा विवाद खड़ा कर दिए जाने के कारण कब्जा नहीं मिल पाया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के भरोसे के लिए ही इकरारनामा और चेक दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी फर्म कानपुर में पंजीकृत है और पूरे उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए मान्य है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध प्लाटिंग और विवादित जमीनों के इस कारोबार पर आखिर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा और क्या वर्षों से परेशान खरीदारों को कभी वास्तविक राहत मिल पाएगी।

Saturday, 23 May 2026

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने जिला आबकारी कार्यालय में जमा ₹7.60 लाख की प्रतिभूति राशि हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने सावधि जमा रसीदों की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी। आरोपी को भदुली अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर आजमगढ़ प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। 


आरोप था कि राजेन्द्र सिंह और उसके पुत्र संजीत सिंह निवासी ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में प्रतिभूति के रूप में जमा एफडी की धनराशि कपटपूर्ण तरीके से अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। इस मामले में थाना सिधारी पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। शुक्रवार को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त भदुली अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने अभियुक्त संजीत सिंह (40) को गिरफ्तार कर लिया।


 पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता राजेन्द्र सिंह के नाम से देशी शराब की दुकान का लाइसेंस था, जो फरवरी 2026 में निरस्त हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता के साथ यूनियन बैंक शाखा कटघर पहुंचकर एफडी की दूसरी प्रति के आधार पर ₹7.60 लाख की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार राय एवं कांस्टेबल रणवीर यादव शामिल रहे।


https://www.news9up.com/2026/05/760000.html

 

आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी


 आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत



पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत अहरौला थाना के निजामपुर गांव में बीती रात एक 35 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मायके पक्ष ने पति पर शराब के नशे में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार पवई थाना क्षेत्र के अंडिका गांव निवासी विद्यार्थी की शादी कई वर्ष पूर्व निजामपुर गांव निवासी धर्मेंद्र के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि धर्मेंद्र शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ मारपीट की। विवाद के बाद विवाहिता मानसिक रूप से आहत हो गई और उसने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ खा लिया। कीटनाशक सेवन के कुछ देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 विवाहिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद गांव में भी शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतका अपने पीछे दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गई है। मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही अहरौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और श्वान दल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी कब्जे में ली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। इस संबंध में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला कीटनाशक सेवन से मौत का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


 आजमगढ़ सरायमीर हिस्ट्रीशीटर एहसान खान गिरफ्तार


सोशल मीडिया पर असलहों का वीडियो वायरल करने का आरोप


हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे हैं दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सरायमीर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध असलहों के साथ वीडियो वायरल कर दहशत फैलाने वाले एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस .315 बोर तथा एक जिंदा कारतूस .303 बोर बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एससी/एसटी एक्ट समेत 25 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

 पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश कुमार चौबे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान सूचना मिली कि थाना सरायमीर का हिस्ट्रीशीटर एहसान खान निवासी छित्तेपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने पास तीन अवैध असलहे होने की बात कह रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था। 

सूचना यह भी मिली कि आरोपी जौनपुर जनपद के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ौर गांव में मौजूद है और किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसने एक अवैध तमंचा और कारतूस ग्राम छित्तेपुर स्थित सलीम की बाग में बंद पड़े ट्यूबेल में छिपा रखे हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मौके से तमंचा और कारतूस बरामद कर लिया। बरामद हथियारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज न दिखा पाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया।

आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार 12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार


 आजमगढ़ कप्तानगंज पुलिस मुठभेड़ में गोकशी गिरोह का हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गिरफ्तार


12 मई की गोकशी घटना में था वांछित, पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में दबोचा गया, एक साथी फरार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और गोकशी में संलिप्त बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर गोतस्कर घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घायल बदमाश के कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्त गोवध, चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित और हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में थाना कप्तानगंज पुलिस बीती रात क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, वाहन चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 12 मई 2026 को ग्राम कुशमहरा स्थित सीएचसी छितुवा के पीछे प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की घटना में शामिल दो बदमाश बाइक से धरौली मोड़ कूड़ाघर की तरफ आ रहे हैं और पुनः किसी गोकशी की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। 


सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कप्तानगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखकर बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद बदमाश फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। गिरफ्तार घायल अभियुक्त की पहचान आरिफ उर्फ फुसी पुत्र यूनुस निवासी सारैन थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वहीं फरार बदमाश की पहचान आजाद पुत्र फिरोज निवासी मेहियापार थाना अहरौला के रूप में की गई है। घायल आरिफ को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।


 पुलिस पूछताछ में आरिफ ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाते थे और वहां उनका वध कर मांस की बिक्री करते थे। घटना के बाद पशुओं के अवशेष नदी, नालों या खेतों में फेंक देते थे अथवा जमीन में गाड़ देते थे ताकि पुलिस को भनक न लग सके। पुलिस से बचने के लिए गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरिफ उर्फ फुसी पर गोवध निवारण अधिनियम, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना कप्तानगंज में उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम के तहत पहले से मुकदमा दर्ज था। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ पुलिस पर फायरिंग और आर्म्स एक्ट की धाराओं में नया मुकदमा भी दर्ज किया है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट टीम ने पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की। पुलिस फरार अभियुक्त की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

Friday, 22 May 2026

आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


 आजमगढ़ रानी की सराय नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेज तैयार कर युवाओं से ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास से आरोपियों को दबोचते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष रानी की सराय के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। मामले में 20 मई 2026 को थाना रानी की सराय में प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस संबंध में मु0अ0सं0 123/2026 संबंधित धारा में विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेन्द्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव एवं मुन्ना शर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। गुरुवार को व0उ0नि0 सुशील कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव दिलौरी खेल मैदान के पास मौजूद हैं। 


सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को सुबह करीब 10:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राहुल कुमार निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय, राकेश यादव निवासी अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर थाना गंभीरपुर तथा प्रदीप यादव निवासी कोईलारी खुर्द थाना रानी की सराय के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में व0उ0नि0 सुशील कुमार, हे0का0 धनंजय राय एवं हे0का0 दिनेश यादव शामिल रहे।