Saturday, 18 July 2026

आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार 50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी


 आजमगढ़ कोतवाली 3.14 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा, फर्जी कस्टम अधिकारी सहित 2 गिरफ्तार



50 से 90 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 2.63 करोड़ रुपये हड़पे, रुपये मांगने पर दी जान से मारने की धमकी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद की कोतवाली पुलिस ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतने, भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराने और बाद में रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार को कंधरापुर बाजार से गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 


पुलिस के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के अनंतपुरा कटरा निवासी शेखर श्रीवास्तव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि मातवरगंज स्थित नगर पालिका मार्केट के एक फ्लैट में रहने वाले विकास राय शर्मा, विशाल राय, अनिल कुमार शर्मा, अद्भुत राय शर्मा, अंशु सिंह और ममता शर्मा संगठित रूप से निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करते हैं। शिकायत के मुताबिक विकास राय शर्मा स्वयं को कस्टम विभाग का कर्मचारी बताता था और फर्जी कस्टम आईडी तथा कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास हासिल करता था। उसने अपने एक रिश्तेदार को दिल्ली में कस्टम कमिश्नर बताते हुए तांबा, कपड़ा, सोना और मोबाइल के कारोबार में निवेश कराने पर 50 से 90 प्रतिशत तक लाभ दिलाने का दावा किया।


 शिकायतकर्ता के अनुसार शुरुआत में भरोसा कायम करने के लिए आरोपियों ने कुछ लाभांश वापस भी किया, जिससे विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद शेखर श्रीवास्तव, उनके भाई जयंत श्रीवास्तव और पिता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग तिथियों में आरोपियों के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये निवेश कर दिए। आरोप है कि आरोपियों ने केवल 51 लाख रुपये वापस किए, जबकि शेष 2 करोड़ 63 लाख रुपये हड़प लिए। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना कोतवाली पर मुकदमा अपराध संख्या 377/2026 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 352, 351(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को महिला उपनिरीक्षक शशि सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कंधरापुर बाजार से दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास राय (30) और विशाल राय (34) निवासी ग्राम जोल्हापुर, थाना कंधरापुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। दोनों वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के एक फ्लैट में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस का कहना है कि निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी

आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में क्लीनचिट पाए 2 आरोपी तलब, विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश



अदालत ने डीजीपी व एसएसपी से मांगी रिपोर्ट, विवेचना में पक्षपात और लापरवाही पर जताई नाराजगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के एक मुकदमे में नामजद दो आरोपियों को चार्जशीट से बाहर कर क्लीनचिट देने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को बतौर अभियुक्त न्यायालय में तलब किया है। साथ ही विवेचना में घोर लापरवाही, पक्षपातपूर्ण रवैये, उदासीनता और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का प्रथमदृष्टया संकेत मिलने पर अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विवेचक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र का है।


 अभियोजन के अनुसार, अतरडीहा निवासी योगेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके बड़े भाई तेजवीर सिंह ने इब्राहिमपुर निवासी रामाश्रय चौरसिया को गाय खरीदने के लिए अग्रिम धनराशि दी थी। 16 सितंबर 2024 को जब तेजवीर सिंह अपने भाई के साथ रामाश्रय के घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि गाय देवकली तारन निवासी रमेश दुबे को बेच दी गई है। इसके बाद तेजवीर सिंह जब रमेश दुबे से बातचीत करने गए तो रास्ते में पठान बस्ती के पास विवाद हो गया।


 आरोप है कि इसी विवाद के दौरान तेजवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में योगेंद्र सिंह ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की, लेकिन नामजद आरोपी रमेश दुबे और अमित दुबे का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया। मुकदमे के विचारण के दौरान वादी योगेंद्र सिंह ने अपने अधिवक्ता विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह तथा जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद विवेचक ने जानबूझकर दुर्भावनावश दोनों आरोपियों को क्लीनचिट दे दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए रमेश दुबे और अमित दुबे को बतौर अभियुक्त 22 जुलाई 2026 को न्यायालय में तलब करने का आदेश दिया। साथ ही विवेचक की भूमिका की जांच कर उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी और एसएसपी को दिए हैं।

 

आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


 आजमगढ़ पवई महिला पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार



पैर में लगी गोली, तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ की कार्रवाई की कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा 220 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। 


पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को पवई कस्बे में एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी सुजीत मौर्य महिला को एकतरफा पसंद करता था और लंबे समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना की रात महिला के घर में चोरी-छिपे घुसने के बाद उसने महिला की गर्दन पर लगातार दो वार और हाथ पर एक वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इस मामले में थाना पवई में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गठित पुलिस टीम शुक्रवार-शनिवार की रात क्षेत्र में गश्त और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी दोबारा तमंचा लोड करने लगा। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने महिला पर हमला करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेज दिया। घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे के अलावा पुलिस टीम पर फायरिंग और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आजमगढ़ जिला कारागार में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत चोरी के मामले में 3 दिन पहले भेजा गया था जेल जेल प्रशासन ने बीमारी और नशे की लत बताई वजह


 आजमगढ़ जिला कारागार में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत


चोरी के मामले में 3 दिन पहले भेजा गया था जेल


जेल प्रशासन ने बीमारी और नशे की लत बताई वजह



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में चोरी के आरोप में निरुद्ध एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र स्थित नया चौक निवासी 24 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 


जानकारी के अनुसार, विक्रम के खिलाफ जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी इस मामले में जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर रिहा हो गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नियमित रूप से न्यायालय में पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले उसे उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया था। 


जेलर विजय कुमार पांडेय ने बताया कि विक्रम नशे का आदी था तथा उसमें डाउन सिंड्रोम से संबंधित लक्षण भी पाए गए थे। जेल में नशा नहीं मिलने के कारण वह बेचैन रहता था और भ्रम की स्थिति में भी था। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल चिकित्सक द्वारा रेफर किए जाने के बाद उसे कारागार पुलिस की अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब साढ़े आठ बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई। वहीं, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। उन्होंने कहा कि मात्र तीन दिन के भीतर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ कार के अंदर मिला दरोगा का शव कार से शराब की बोतल बरामद, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस


 लखनऊ कार के अंदर मिला दरोगा का शव



कार से शराब की बोतल बरामद, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस



उत्तर प्रदेश लखनऊ, राजधानी लखनऊ में गाजीपुर थाने की सर्वोदयनगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार उर्फ अजय ठाकुर (36) का शव शुक्रवार दोपहर पारा थाना क्षेत्र के मोहान रोड पर उनकी कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। कार अंदर से लॉक थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला। 


प्रारंभिक आशंका ब्रेन हैमरेज या दिल का दौरा पड़ने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस के अनुसार, अजय कुमार मूल रूप से हापुड़ जिले के मेहताब सेन (इंद्रगढ़ी) के निवासी थे। वर्तमान में वह पारा क्षेत्र के हंसखेड़ा स्थित विनायकपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। वह वर्ष 2021 से 2024 तक पारा थाने में भी तैनात रह चुके थे।


 बताया गया कि गुरुवार दोपहर से वह चौकी नहीं पहुंचे थे। चौकी प्रभारी सचिन कौशिक सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शुक्रवार को सर्विलांस के जरिए उनके मोबाइल की लोकेशन बुद्धेश्वर चौराहे से पहले मोहान रोड पर मिली। इसके बाद गाजीपुर और पारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, जहां उनकी कार सड़क किनारे खड़ी मिली। कार के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस ने पीछे का शीशा तोड़कर देखा तो चालक सीट पर अजय कुमार का शव पड़ा था। उनका चेहरा काला पड़ चुका था तथा नाक और मुंह से खून निकल रहा था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कार के भीतर शराब की एक बोतल भी बरामद की है।


 डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनकी पत्नी कोमल लगभग एक माह पहले बच्चों के साथ हापुड़ गई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दरोगा की कार गुरुवार दोपहर से ही मोहान रोड किनारे खड़ी थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।

Friday, 17 July 2026

आजमगढ़ जीयनपुर,सिधारी, एसएसपी ने सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को किया निलंबित विभागीय जांच के आदेश; अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी


 आजमगढ़ जीयनपुर,सिधारी, एसएसपी ने सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को किया निलंबित


विभागीय जांच के आदेश; अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार लगातार कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक एवं एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।


 पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना जीयनपुर में तैनात उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य ने एक विवेचना में बिना उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाए गंभीर धाराओं में परिवर्तन कर दिया। इसे विवेचना में घोर लापरवाही तथा विभागीय आदेशों की अवहेलना मानते हुए उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं थाना सिधारी में तैनात मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार पर ड्यूटी के दौरान स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता एवं पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप पाया गया। इस मामले में भी तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।


 एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनपद पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Wednesday, 15 July 2026

आजमगढ़ देवगांव सीएमओ के औचक निरीक्षण में 3 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, वेतन रोकने के निर्देश सीएचसी और लालगंज संयुक्त चिकित्सालय का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा


 आजमगढ़ देवगांव सीएमओ के औचक निरीक्षण में 3 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, वेतन रोकने के निर्देश



सीएचसी और लालगंज संयुक्त चिकित्सालय का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवगांव तथा 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के पंजीकरण और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएचसी देवगांव में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिली और अधिकांश चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। 


हालांकि उपस्थिति पंजिका की जांच में कनिष्ठ सहायक विवेकानंद तिवारी तथा मेडिकल आफिसर डॉ. फणीस और डॉ. राजेश कुमार बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने तीनों से स्पष्टीकरण तलब करने और अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीएमओ ने 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का निरीक्षण किया। यहां चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक मिली। मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उन्होंने पंजीकरण में हो रही असुविधा दूर करने के लिए तत्काल एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए। डॉ. वर्मा ने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनधिकृत अनुपस्थिति, लापरवाही या स्वास्थ्य सेवाओं में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित एवं औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।