Sunday, 18 January 2026

आजमगढ़ मुबारकपुर पुलिस–बदमाश मुठभेड़, हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गोली लगने से घायल, गिरफ्तार घरेलू विवाद में हत्या के मामले में था नामजद, पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे, तमंचा व कारतूस बरामद


 आजमगढ़ मुबारकपुर पुलिस–बदमाश मुठभेड़, हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गोली लगने से घायल, गिरफ्तार


घरेलू विवाद में हत्या के मामले में था नामजद, पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे, तमंचा व कारतूस बरामद


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में अपराध नियंत्रण एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मुबारकपुर पुलिस और एक वांछित अभियुक्त के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त गोली लगने से घायल हो गया, जिसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार 17 जनवरी 2026 की रात प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि एक वांछित अभियुक्त अमिलो क्षेत्र में मौजूद है।


 सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।घायल अभियुक्त की पहचान सालिम पुत्र हफीजुर्रहमान, निवासी अमिलो, थाना मुबारकपुर, उम्र लगभग 24 वर्ष के रूप में हुई है। उसे तत्काल काबू में लेकर प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर भेजा गया। मौके से एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक मिस जिंदा कारतूस बरामद किया गया। घटना के संबंध में थाना मुबारकपुर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य भी संकलित किए गए। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त सालिम घरेलू विवाद को लेकर हुई एक गंभीर घटना में वांछित था।


 13 जनवरी 2026 की रात घरेलू विवाद और संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से मारपीट की गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल है। इस मामले में अभियुक्त सहित आठ लोगों के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आजमगढ़ मुबारकपुर ट्रक–ट्रेलर–कार की भिड़ंत में 2 की मौत बिहार से बरेली जा रहा था परिवार, घने कोहरे के कारण हुई घटना


 आजमगढ़ मुबारकपुर ट्रक–ट्रेलर–कार की भिड़ंत में 2 की मौत


बिहार से बरेली जा रहा था परिवार, घने कोहरे के कारण हुई घटना



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 254 किलोमीटर पॉइंट पर यह दर्दनाक हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम थी। पहले से खड़े एक ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार ट्रेलर जा टकराया, वहीं ट्रेलर के पीछे चल रही कार भी उससे भिड़ गई।हादसे में ट्रेलर चालक और कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेलर चालक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी।


 कार चालक की पहचान बिहार के लखीसराय निवासी 39 वर्षीय पवन कुमार मेहता के रूप में हुई है। कार में सवार अन्य पांच लोग—37 वर्षीय प्रभात कुमार मेहता, 65 वर्षीय विमला, 45 वर्षीय रमन, 55 वर्षीय बबिता और 49 वर्षीय रूपा मेहता—गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार कार सवार सभी लोग बिहार से बरेली जा रहे थे। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

Saturday, 17 January 2026

आजमगढ़ में भ्रष्टाचार पर SSP की बड़ी कार्रवाई, 16 थानों के 34 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर लगातार शिकायतों और जांच में कदाचार उजागर, पासपोर्ट सेल से जुड़े कर्मी भी चपेट में 19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का तबादला, लंबे समय से जमे कर्मियों पर गिरी गाज


 आजमगढ़ में भ्रष्टाचार पर SSP की बड़ी कार्रवाई, 16 थानों के 34 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर



लगातार शिकायतों और जांच में कदाचार उजागर, पासपोर्ट सेल से जुड़े कर्मी भी चपेट में


19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का तबादला, लंबे समय से जमे कर्मियों पर गिरी गाज



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिले के 16 थानों में तैनात 34 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लंबे समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई पुलिसकर्मी आर्थिक अनियमितताओं और कदाचार में संलिप्त पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं, जो वर्षों से थानों और पुलिस चौकियों पर जमे हुए थे और उन पर अवैध वसूली व आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप थे। एसएसपी ने साफ संदेश दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में सब-इंस्पेक्टर को जेल भेजा जा चुका है और कई पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। 


कार्रवाई के तहत गंभीरपुर थाने के चार पुलिसकर्मियों—योगेंद्र मौर्य (पासपोर्ट सेल), आनंद पांडेय, रत्नेश और सुरेश—को लाइन हाजिर किया गया है। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसके अलावा देवगांव कोतवाली, मुबारकपुर, पवई, दीदारगंज, मेंहनगर, बिलरियागंज, महाराजगंज, अतरौलिया, अहिरौला, तहबरपुर, निजामाबाद, जहानागंज, कप्तानगंज, सरायमीर और रानी की सराय थानों से जुड़े कुल 34 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से 19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण भी किया गया है। इनमें सिधारी, रानी की सराय, कंधरापुर, मुबारकपुर, कोतवाली, रौनापार, अतरौलिया सहित अन्य थाने शामिल हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। वहीं बरदह थाने पर पासपोर्ट कार्य देख रहे अजीत कुशवाहा के खिलाफ भी पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप 3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप



3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के लोनियाडीह गांव में एमडीके ईंट उद्योग के बगल मत्स्य पालन के लिए बने तालाब में एक शव उतराता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर के भाई डब्लू ने अपने सगे भाई बबलू (35) पुत्र मिलटू निवासी बाकलकोल थाना अहिरौला के रूप में की। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को चिकित्सीय परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। 


परिजनों के अनुसार बबलू अपने भाई डब्लू के साथ लोनियाडीह गांव स्थित एमडीके ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। करीब एक माह पूर्व बबलू की पत्नी निशा उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह अत्यधिक शराब का सेवन करने लगा था। बताया गया कि तीन दिन पहले बबलू अचानक भट्ठे से गायब हो गया था। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 


अंतत: शुक्रवार को उसका शव तालाब में मिला। मृतक के भाई डब्लू का कहना है कि संभवत: अत्यधिक शराब के सेवन के कारण बबलू तालाब के गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी फूलपुर सच्चिदानन्द ने बताया कि तालाब से शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा


 आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार



शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा


मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चेवारपुर पूरब (मुसऊपुर) में 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। यह घटना 13 दिसंबर 2025 की है, जब बालक का शव उस स्थान पर मिला था, जहां भैंसें बांधी जाती हैं। उस समय परिजनों ने भैंस के खुर लगने से मौत की आशंका जताई थी और बिना पुलिस को सूचना दिए शव को दफना दिया गया था। कुछ दिनों बाद मृतक की मां रिबिका पत्नी गुलाबचन्द्र ने अपने बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवगांव पुलिस ने जिलाधिकारी से शव उत्खनन की अनुमति मांगी। आदेश मिलने के बाद 14 जनवरी 2026 को मजिस्ट्रेट व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 


डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना देवगांव में मु0अ0सं0 33/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के आधार पर पुलिस ने अभियुक्ता प्रिया पुत्री राजेश निवासी ग्राम चेवार पूरब (मुसऊपुर) को 16 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11.30 बजे उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश सिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार तथा महिला आरक्षी सोनम यादव शामिल रहीं।

Friday, 16 January 2026

आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम नहीं पहुंची गांव...


 आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप 



जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम  नहीं पहुंची गांव...



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के विकास खण्ड तहबरपुर क्षेत्र के ग्राम जमालपुर काजी के ग्राम प्रधान पर ग्राम विकास के नाम पर इंडिया मार्का हैण्ड पम्प की रिबोर,पोल लाइट,नाली निर्माण,सहित अनेकों मद में बिना कार्य कराए फर्जी बाउचर लगाकर धन निकालने का आरोप लगा है।


ग्रामीणों ने बताया की जब इस घपले की जानकारी हुई और जांच पड़ताल किया गया तो 21लाख 11 हजार 728  रूपये का मामला प्रकाश में आया है।जिसको ग्रामीणों ने अपनी बयान हल्फी में भी दिया। और दिनाँक 11/9/2025 को लिखित शिकायत जिलाधिकारी आजमगढ़ से की गयी जिस पर कार्यवाही व जांच कराने के लिए डीपीआरओ आजमगढ़ को निर्देशित किया गया इसी संदर्भ में कमेटी गठित कर भ्रष्टाचार की जांच का आदेश दिया गया। परन्तु जांच कमेटी गांव में न जाकर शिक़ायत करने वालों को जिले पर बुलाकर मामला रफा दफा का दबाव बना रही है।जिसको लेकर शिकायत कर्ताओं में काफी आक्रोश है। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन जहां भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की बात करती है। वहीं भ्रष्टाचार उजागर होने पर कार्यवाही करने के बजाय शिकायत करने वालों को पड़ताड़ित व धमकी दी जा रही है।



आजमगढ़ से अबुल बशर आज़मी की रिपोर्ट।

हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


 हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव


प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ–दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जीजा-साली ने ट्रेन के आगे खड़े होकर आत्महत्या कर ली। हादसा खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास रात करीब सवा दो बजे हुआ। ट्रेन से कटने के कारण दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद परिजन मोर्चरी पहुंचे, जहां तिल और कपड़ों के आधार पर शवों की पहचान की गई। मृतकों की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा निवासी रितेश कुमार सिंह (28) और मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी मुस्कान (23) के रूप में हुई। दोनों आपस में जीजा-साली थे। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने सीओ और कोतवाल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।

 परिजनों के मुताबिक रितेश हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक फैक्ट्री में काम करता था। उसकी शादी जुलाई 2024 में शिवी सिंह से हुई थी, लेकिन बीते कई महीनों से वह घर नहीं आया था। 13 जनवरी 2026 को मुस्कान दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों को संदेह था कि रितेश उसे अपने साथ ले गया है। बुधवार रात रितेश शहर के सुभाषनगर स्थित अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां बैग और मोबाइल छोड़कर जरूरी काम से बाहर जाने की बात कहकर निकल गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मुस्कान को भी उसी इलाके में देखा गया, जिससे दोनों के साथ निकलने की पुष्टि हुई है। लखनऊ–दिल्ली रेल मार्ग पर खंभा नंबर 1173 के पास दोनों ने ट्रेन के आगे खड़े होकर जान दी। इस दौरान हावड़ा से काठगोदाम जा रही बाघ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने शव देखकर ट्रेन रोक दी, जिससे करीब 45 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। घने कोहरे के कारण शव हटाने में भी समय लगा। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अब तक की जांच में प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या का मामला सामने आया है। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।