Tuesday, 26 May 2026

आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


 आजमगढ़ बिलरियागंज 2 अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 26.9 किलो गांजा और ऑटो बरामद



छत्तीसगढ़ से लाकर बिक्री की थी तैयारी, कीमत करीब छ: लाख


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के बिलरियागंज थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 26 किलो 900 ग्राम नाजायज गांजा तथा तस्करी में प्रयुक्त एक ऑटो बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत करीब छह लाख रुपये आंकी गई है। 


पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 25 मई 2026 को थानाध्यक्ष बिलरियागंज अमित कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति ऑटो से गांजा लेकर गुलवा गौरी नहर मार्ग की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छिछोरी नहर ट्यूबेल के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक वाहन मोड़कर भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को पकड़ लिया।


 पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अमरजीत पाण्डेय निवासी गोपालगंज, बिहार तथा हरेन्द्र कुशवाहा निवासी कुशीनगर के रूप में बताई। क्षेत्राधिकारी सगड़ी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर अमरजीत पाण्डेय के पास से 16 किलो 515 ग्राम तथा हरेन्द्र कुशवाहा के पास से 10 किलो 385 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कुल बरामद गांजा 26 किलो 900 ग्राम पाया गया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ऑटो संख्या BR28L1774 को भी कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा छत्तीसगढ़ से लेकर बिक्री के लिए जा रहे थे। इस मामले में बिलरियागंज थाना पर संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी और बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

Monday, 25 May 2026

आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड


 आजमगढ़ जमीन विवाद में युवक की हत्या मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद



एंटी करप्शन कोर्ट ने सुनाई सजा, प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 38-38 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही ने सोमवार को सुनाया।


 अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मोहम्मद जीशान निवासी कुकड़ीपुर थाना पवई की गांव के याहिया से पुरानी जमीनी रंजिश चल रही थी। इसी विवाद को लेकर 11 जून 2020 की शाम करीब छह बजे आरोपी याहिया, मोहम्मद पुत्र सुकुरुल्लाह और मोहम्मद होजैफा ने वादी के भाई कासिम अहमद तथा चाचा अनीस और लतीफ पर चापड़, लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल कासिम अहमद की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने अदालत में कुल आठ गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत 26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


 उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह बढ़ा


पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने के संकेत


26 मई को समाप्त हो रहा था ग्राम पंचायतों का कार्यकाल


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने के चलते प्रदेश सरकार ने सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। पंचायती राज विभाग ने सोमवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। प्रदेश की 57 हजार 694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। सरकार के इस फैसले के बाद वर्तमान ग्राम प्रधान चुनाव होने तक अपने पद पर बने रहेंगे। ग्राम प्रधान संगठनों ने भी मांग की थी कि नए चुनाव होने तक मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी जाए। 


बताया जा रहा है कि यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश में प्रशासनिक समिति बनाए जाने की व्यवस्था लागू होगी। सूत्रों के अनुसार, अब पंचायत चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना है। प्रदेश में जनवरी-फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसके चलते पंचायत चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल टलती नजर आ रही है। इधर, पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी कर दिया है।


 पंचायतीराज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। आयोग में सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह माह के लिए की गई है। यह आयोग पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े आंकड़ों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को आयोग गठन की अधिसूचना जारी की थी। आयोग के गठन के साथ ही पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल


 जौनपुर दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 


एक लाख का था इनाम, मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी घायल



उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहा मुख्य आरोपी रवि यादव सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। रवि यादव पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के हाथ में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। 


पुलिस के अनुसार खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के पास पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम को रवि यादव के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।


 मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी। वहीं खेतासराय थाना प्रभारी श्रीप्रकाश शुक्ला और एसओजी टीम के सदस्य प्रवीण यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। गौरतलब है कि 1 मई 2026 को 25 वर्षीय आजाद बिंद की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह बारात लेकर शादी के लिए जा रहा था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया था। इनमें प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। घटना के बाद से पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर समेत नेपाल तक छापेमारी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों प्रदीप बिंद और भोले राजभर की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


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आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


 आजमगढ़ हाय रे रूपाली! न तो जमीन मिली न ही पैसा


अवैध प्लाटिंग के जाल में फंस रही जनता, टूट रहे घर बनाने के सपने


रूपाली डेवलपर काली चौरा पर पहुंचे सैकड़ो पीड़ित, थमा दिया तथाकथित इकरारनामा


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। कृषि योग्य और विवादित जमीनों को नियमों के विपरीत आवासीय प्लाट बताकर बेचने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। इस अवैध कारोबार में आम लोगों की गाढ़ी कमाई फंस रही है और वर्षों बाद भी उन्हें न तो जमीन पर कब्जा मिल पा रहा है और न ही कोई ठोस समाधान। सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे मामलों में न प्रशासन की सख्ती दिखाई देती है और न ही शासन का प्रभावी हस्तक्षेप। रविवार को शहर के रैदोपुर काली चौरा क्षेत्र में उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब रूपाली डेवलपर नाम से कारोबार करने वाली फर्म के कार्यालय के सामने बड़ी संख्या में प्लाट खरीदार पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार नरौली के दक्षिण स्थित रामपुर राजस्व गांव में वर्षों पहले रूपाली डेवलपर द्वारा बड़े पैमाने पर प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन आज तक कई खरीदारों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। 


बताया जा रहा है कि मामले को शांत कराने के लिए रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता पुत्र पीपी गुप्ता निवासी कुर्मी टोला, आजमगढ़ द्वारा करीब 30 से 35 लोगों को 20 रुपये के स्टांप पर इकरारनामा बनाकर चेक सौंपे गए। इकरारनामे में उल्लेख किया गया है कि यदि 1 सितंबर 2026 तक खरीदारों को जमीन पर कब्जा मिल जाता है तो संबंधित चेक वापस कर दिया जाएगा। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यदि तय समय तक कब्जा नहीं मिला तो खरीदार उस चेक का क्या करेंगे और उन्हें क्या राहत मिलेगी। यही नहीं, इकरारनामे की भाषा और प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जमीन पहले से विवादित थी तो उसकी प्लाटिंग और बिक्री कैसे की गई। आखिर बिना स्पष्ट स्वामित्व और विवाद निपटारे के आम लोगों को प्लाट बेचने की अनुमति किस आधार पर दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में कई जगह कृषि भूमि, बाढ़ क्षेत्र और विवादित जमीनों को आवासीय प्लाट बताकर बेचा जा रहा है। न तो मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था। ऐसे में लोग अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर भी असुरक्षित और विवादित जमीनों के मालिक बन रहे हैं। इस पूरे मामले पर रूपाली डेवलपर से जुड़े रत्नाकर गुप्ता ने कहा कि वर्षों पहले प्लाटिंग कर जमीनें बेची गई थीं, लेकिन कुछ हिस्सेदारों द्वारा विवाद खड़ा कर दिए जाने के कारण कब्जा नहीं मिल पाया। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के भरोसे के लिए ही इकरारनामा और चेक दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी फर्म कानपुर में पंजीकृत है और पूरे उत्तर प्रदेश में कारोबार के लिए मान्य है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध प्लाटिंग और विवादित जमीनों के इस कारोबार पर आखिर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा और क्या वर्षों से परेशान खरीदारों को कभी वास्तविक राहत मिल पाएगी।

Saturday, 23 May 2026

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम

आजमगढ़ सिधारी जिला आबकारी कार्यालय की ₹7.60 लाख प्रतिभूति राशि हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



एफडी की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर खाते में ट्रांसफर कराई गई थी रकम


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने जिला आबकारी कार्यालय में जमा ₹7.60 लाख की प्रतिभूति राशि हड़पने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने सावधि जमा रसीदों की छायाप्रति और बैंक कर्मियों से मिलीभगत कर धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी। आरोपी को भदुली अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक प्रभारी आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर आजमगढ़ प्रभु नारायण सिंह की तहरीर पर थाना सिधारी में मुकदमा दर्ज किया गया था। 


आरोप था कि राजेन्द्र सिंह और उसके पुत्र संजीत सिंह निवासी ग्राम नेवादा थाना कप्तानगंज ने जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में प्रतिभूति के रूप में जमा एफडी की धनराशि कपटपूर्ण तरीके से अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। इस मामले में थाना सिधारी पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। शुक्रवार को उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त भदुली अंडरपास के पास मौजूद है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने अभियुक्त संजीत सिंह (40) को गिरफ्तार कर लिया।


 पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पिता राजेन्द्र सिंह के नाम से देशी शराब की दुकान का लाइसेंस था, जो फरवरी 2026 में निरस्त हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता के साथ यूनियन बैंक शाखा कटघर पहुंचकर एफडी की दूसरी प्रति के आधार पर ₹7.60 लाख की धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार राय एवं कांस्टेबल रणवीर यादव शामिल रहे।


https://www.news9up.com/2026/05/760000.html

 

आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी


 आजमगढ़ अहरौला संदिग्ध हालात में विवाहिता की हुई मौत



पति पर शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, पुलिस व फोरेंसिक टीम जांच में जुटी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत अहरौला थाना के निजामपुर गांव में बीती रात एक 35 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि मायके पक्ष ने पति पर शराब के नशे में मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार पवई थाना क्षेत्र के अंडिका गांव निवासी विद्यार्थी की शादी कई वर्ष पूर्व निजामपुर गांव निवासी धर्मेंद्र के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि धर्मेंद्र शराब के नशे में घर पहुंचा और पत्नी के साथ मारपीट की। विवाद के बाद विवाहिता मानसिक रूप से आहत हो गई और उसने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ खा लिया। कीटनाशक सेवन के कुछ देर बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


 विवाहिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद गांव में भी शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतका अपने पीछे दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गई है। मां की असमय मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती थी, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही अहरौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम और श्वान दल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी कब्जे में ली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। इस संबंध में शनिवार दोपहर करीब एक बजे अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला कीटनाशक सेवन से मौत का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।