Friday, 5 June 2026

लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी


 लखनऊ, आईजी समेत 6 आईपीएस अधिकारियों के तबादले



देवीपाटन, मिजार्पुर और कानपुर रेंज में नई तैनाती, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी



लखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए डीजीपी मुख्यालय ने एक आईजी और छह डीआईजी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न रेंजों और महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (एनएसजी) में तैनात होने के बाद उनकी जगह सीआईडी में तैनात डीआईजी अशोक कुमार चतुर्थ को देवीपाटन रेंज का नया आईजी बनाया गया है। अमित पाठक को राज्य सरकार जल्द ही एनएसजी में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कार्यमुक्त कर सकती है। वहीं मिजार्पुर रेंज के डीआईजी राकेश प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद पीटीएस मेरठ की प्रधानाचार्य पूनम को मिजार्पुर रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पीटीएस मुरादाबाद में तैनात डीआईजी यमुना प्रसाद को कानपुर रेंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


कानपुर रेंज के डीआईजी हरीश चन्द्र का तबादला भ्रष्टाचार निवारण संगठन में किया गया है। वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में तैनात रहे रवि शंकर छवि को वापस बुलाए जाने के बाद डीजीपी मुख्यालय में डीआईजी लोक शिकायत के पद पर नियुक्त किया गया है। वह वापसी के बाद से प्रतीक्षारत चल रहे थे। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण संगठन में तैनात डीआईजी सचिंद्र पटेल को आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश 50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी


 आजमगढ़ 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ पुलिस की दबिश



50 पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन, डोजियर अपडेट कर निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस द्वारा चार दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के मार्गदर्शन में सर्किल नगर क्षेत्र में सोमवार से गुरुवार तक चले इस अभियान के दौरान 500 कुख्यात अपराधियों के यहां एक साथ दबिश देकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।


 पुलिस के अनुसार अभियान में उन अपराधियों को चिन्हित किया गया था, जो पूर्व में लूट, डकैती, जानलेवा हमला, परीक्षा में नकल कराने, तस्करी समेत अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों और सामाजिक स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए विशेष रणनीति के तहत प्रतिदिन 50 पुलिस टीमों का गठन किया गया। प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षियों को शामिल किया गया था। अभियान के दौरान सभी पुलिस टीमों को विस्तृत ब्रीफिंग देने के बाद एक साथ कोतवाली से रवाना किया गया। इसके बाद चिन्हित अपराधियों के घरों और ठिकानों पर पहुंचकर उनका भौतिक सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान पुलिस ने उनके रहन-सहन, आजीविका, सामाजिक व्यवहार, वर्तमान गतिविधियों तथा आपराधिक प्रवृत्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्रित की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे व्यक्ति अब सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं या फिर दोबारा अपराध जगत से जुड़कर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं। सत्यापन के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रत्येक अपराधी का डोजियर तैयार एवं अद्यतन किया गया है। 


पुलिस का कहना है कि जिन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी अथवा जिनके पुन: अपराध में सक्रिय होने की जानकारी मिलेगी, उनके विरुद्ध आवश्यकतानुसार निरोधात्मक एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के माध्यम से पुलिस ने अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जनपद में अपराध नियंत्रण और आमजन को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर चलाए जाते रहेंगे। पुलिस द्वारा अपराधियों की निगरानी, सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर 18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद

आजमगढ़ जीयनपुर 5 जिलों में फर्जी जमानत का बड़ा खेल उजागर


18 अभियुक्तों की जमानत कराने वाला आरोपी गिरफ्तार


फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, मोहरें और आधार कार्ड बरामद



उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जनपद में गंभीर आपराधिक मामलों में बंद अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों के सहारे पांच जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की जमानत कराई थी। उसके कब्जे से विभिन्न मोहरें, आधार कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


 पुलिस के मुताबिक 30 मई 2026 को चौकी प्रभारी कचहरी, थाना कोतवाली नगर द्वारा सूचना दी गई थी कि कुछ तथाकथित जमानतदार आर्थिक लाभ के उद्देश्य से हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध अभियुक्तों की जमानत फर्जी अभिलेखों के आधार पर करा रहे हैं। जांच के दौरान एक ही व्यक्ति द्वारा कई अभियुक्तों की जमानत एक ही दस्तावेज के आधार पर कराए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जीयनपुर पुलिस ने मामले में वांछित अभियुक्त दयाराम पुत्र जानकी प्रसाद निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को 3 जून की रात जमसर स्थित रॉयल स्टार ढाबा के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और विवेचना में खुलासा हुआ कि दयाराम ने अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और गोरखपुर जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराई थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से आठ विभिन्न मोहरें, एक इंक पैड, चार खतौनी की प्रतियां, आठ आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

 

आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


 आजमगढ़ 2 कोटेदारों पर कालाबाजारी का मुकदमा, लाखों रुपये का खाद्यान्न गबन उजागर


डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में दो उचित दर विक्रेताओं द्वारा सरकारी खाद्यान्न और चीनी की कालाबाजारी किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार विकास खंड अहिरौला की ग्राम पंचायत भटौली के उचित दर विक्रेता रामप्रीत यादव की दुकान की जांच पूर्ति निरीक्षक अहिरौला द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए आवंटित 20.94 क्विंटल गेहूं तथा 63.51 क्विंटल चावल की कालाबाजारी कर दी गई। मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना अहिरौला में रामप्रीत यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। 


इसी प्रकार विकास खंड एवं तहसील मेंहनगर के ग्राम पंचायत पलिया सोफिगंज के उचित दर विक्रेता कल्पनाथ राजभर की दुकान की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान 16.73 क्विंटल गेहूं, 57.38 क्विंटल चावल तथा 9 किलोग्राम चीनी का स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप नहीं मिला। आरोप है कि उक्त खाद्यान्न और चीनी की स्वहित में कालाबाजारी की गई, जो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण के नियंत्रण का विनियमन) आदेश-2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक मेंहनगर द्वारा थाना मेंहनगर में कल्पनाथ राजभर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Thursday, 4 June 2026

गाजीपुर एक लाख का इनामी कमलेश चौधरी पुलिस मुठभेड़ में ढेर पुलिस और बदमाश के बीच कई राउंड फायरिंग, स्वाट टीम प्रभारी घायल


 गाजीपुर एक लाख का इनामी कमलेश चौधरी पुलिस मुठभेड़ में ढेर


पुलिस और बदमाश के बीच कई राउंड फायरिंग, स्वाट टीम प्रभारी घायल


उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की हत्या के मामले में वांछित एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कमलेश चौधरी की बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। शहर कोतवाली क्षेत्र के पवहारी बाबा आश्रम, कुर्था के पास हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कमलेश चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि बदमाश की गोली लगने से स्वाट प्रभारी रोहित मिश्रा भी घायल हो गए। घायल कमलेश चौधरी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं स्वाट टीम प्रभारी रोहित मिश्रा के हाथ में गोली लगी है और उनका उपचार जारी है। 


गौरतलब है कि अष्टभुजी कॉलोनी निवासी होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की बीते शुक्रवार देर रात उनके होटल के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, आलोक दुबे, सोनू यादव, कमलेश चौधरी समेत तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण ने आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जबकि एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने कमलेश चौधरी पर इनाम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें और एसटीएफ लगातार दबिश दे रही थीं। बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली कि हत्या में शामिल कमलेश चौधरी करंडा क्षेत्र की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, जिसके दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई। मौके पर एसपी सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।

Wednesday, 3 June 2026

आजमगढ़ निजामाबाद 32 लाख की जमीन धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन रजिस्ट्री के नाम पर की थी ठगी


 आजमगढ़ निजामाबाद 32 लाख की जमीन धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार



फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन रजिस्ट्री के नाम पर की थी ठगी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जमीन रजिस्ट्री कराने के नाम पर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में निजामाबाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 


पुलिस के अनुसार, थाना निजामाबाद क्षेत्र के फरिहा निवासी शादाब आलम ने 26 मार्च 2025 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके रिश्तेदार साजिद पुत्र इश्तियाक अहमद ने उसे लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर एहशान अहमद और साजिद हसन से मिलवाया था। आरोप है कि दोनों ने करीब डेढ़ वर्ष के दौरान नकद, आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से उससे कुल 32 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। वादी का आरोप है कि जब उसने जमीन की रजिस्ट्री कराने की मांग की तो आरोपितों ने एक फर्जी जमीन मालिक प्रस्तुत कर कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की। मामले की जानकारी होने पर जब उसने अपनी धनराशि वापस मांगी तो आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, एक आरोपी ने फर्जी हस्ताक्षर कर छह लाख रुपये का चेक भी दिया। तहरीर के आधार पर थाना निजामाबाद में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। 


विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा एवं उनकी टीम ने मंगलवार को चकिया मोड़ से आरोपी एहशान अहमद पुत्र इम्तियाज निवासी चकिया हुसैनाबाद, थाना निजामाबाद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की उम्र 44 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी धारा 138 एनआई एक्ट के दो मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक चित्रांशु मिश्रा, कांस्टेबल रवि मौर्य एवं आरक्षी कन्हैया गुप्ता शामिल रहे। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूमि क्रय-विक्रय से पहले संबंधित अभिलेखों और स्वामित्व की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

आजमगढ़ महराजगंज, त्रिभुवन पाण्डेय हत्याकांड में गैंगस्टर एक्ट की बड़ी कार्रवाई, 3 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार संगठित गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर एक्ट में जेल भेजे गए आरोपी


 आजमगढ़ महराजगंज, त्रिभुवन पाण्डेय हत्याकांड में गैंगस्टर एक्ट की बड़ी कार्रवाई, 3 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार



संगठित गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर एक्ट में जेल भेजे गए आरोपी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के महराजगंज थाना क्षेत्र में चर्चित त्रिभुवन पाण्डेय हत्याकांड से जुड़े संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट में वांछित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।


 पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर 2025 को थाना महराजगंज क्षेत्र में त्रिभुवन पाण्डेय की हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर यह पाया कि जमीनी विवाद को लेकर त्रिभुवन पाण्डेय की हत्या की गई थी। जांच में रामभवन पाण्डेय, आदित्य पाण्डेय, दीनदयाल पाण्डेय और अमरनाथ यादव की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी एक संगठित आपराधिक गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे और आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से गंभीर अपराधों को अंजाम देते थे।


 पुलिस के अनुसार इनके आपराधिक कृत्यों के कारण क्षेत्र में भय और आतंक का वातावरण व्याप्त था। इसी आधार पर गिरोह का गैंग चार्ट तैयार कर सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त किया गया तथा 2 जून 2026 को थाना महराजगंज में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2(ख)(i)/3(1) के अंतर्गत मुकदमा संख्या 122/2026 दर्ज किया गया।


 पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम आराजी जजमनजोत में दबिश दी। बुधवार की सुबह लगभग 4:50 बजे पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित तीन अभियुक्तों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान नियमानुसार तलाशी ली गई, लेकिन आरोपियों के पास से कोई अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों में अमरनाथ यादव पुत्र स्वर्गीय राजेन्द्र यादव, रामभवन पाण्डेय पुत्र स्वर्गीय बजरंगी पाण्डेय तथा आदित्य पाण्डेय पुत्र रामभवन पाण्डेय निवासी ग्राम आराजी जजमनजोत थाना महराजगंज शामिल हैं। 


पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुराग कुमार, उपनिरीक्षक अवधेश कुमार यादव, कांस्टेबल अजीत कुमार सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार तथा रिजर्व कांस्टेबल कुशल कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।