Thursday, 11 June 2026

आजमगढ़ फूलपुर मदरसा आधुनिकीकरण योजना में गबन के मामले में 2 वांछित गिरफ्तार राजकीय धन के दुरुपयोग मामला में पुलिस ने की कार्रवाई


 आजमगढ़ फूलपुर मदरसा आधुनिकीकरण योजना में गबन के मामले में 2 वांछित गिरफ्तार


राजकीय धन के दुरुपयोग मामला में पुलिस ने की कार्रवाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत राजकीय धन के गबन के मामले में थाना फूलपुर पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। दोनों अभियुक्त आर्थिक अपराध शाखा की जांच में प्रकाश में आए थे। पुलिस के अनुसार, राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक कुँवर ब्रम्ह प्रकाश सिंह द्वारा 11 फरवरी 2025 को थाना फूलपुर में लिखित सूचना दी गई थी कि मदरसा अरबिया तहतानिया भीखपुर (मदरसा आईडी-191100096) द्वारा भवन एवं छात्र संख्या से संबंधित तथ्यों को पोर्टल पर गलत तरीके से प्रदर्शित कर मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त राजकीय धनराशि का दुरुपयोग एवं गबन किया गया है। जांच के दौरान मदरसा प्रबंधक रियाज अहमद द्वारा 66 हजार रुपये के राजकीय धन के गबन का मामला सामने आया। इस संबंध में थाना फूलपुर में मु0अ0सं0 69/2025 के अंतर्गत धारा 409, 420, 467, 468 एवं 471 भादवि में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान रियाज अहमद, शरद यादव तथा धर्मेन्द्र कुमार यादव के नाम प्रकाश में आए।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक फूलपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार को अम्बारी चौराहे के पास से वांछित अभियुक्त शरद यादव और धर्मेन्द्र कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में शरद यादव (32) पुत्र स्वर्गीय श्रीकृष्ण बहादुर यादव निवासी रसूलपुर जोखू, पोस्ट अम्बारी तथा धर्मेन्द्र कुमार यादव (45) पुत्र स्वर्गीय सम्पत यादव निवासी इब्राहिमपुर, पोस्ट अम्बारी, थाना फूलपुर शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार, कांस्टेबल दयाशंकर यादव, कांस्टेबल अमरजीत निषाद एवं आरक्षी अमित यादव शामिल रहे।

वाराणसी बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिला नर्सिंग छात्रा का लहूलुहान शव दुष्कर्म की आशंका पर जांच तेज, सहपाठी हिरासत में मृत छात्रा के पिता पुलिस विभाग में हैं तैनात


 वाराणसी बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिला नर्सिंग छात्रा का लहूलुहान शव


दुष्कर्म की आशंका पर जांच तेज, सहपाठी हिरासत में


मृत छात्रा के पिता पुलिस विभाग में हैं तैनात



उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज की जीएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा की बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का लहूलुहान शव कॉलेज के बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर मिला। शरीर पर चोटों के निशान होने के साथ ही प्राइवेट पार्ट के आसपास भी खून लगा होने से दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामले में छात्रा के एक सहपाठी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।


 जानकारी के अनुसार, मृत छात्रा के पिता चंदौली में पुलिस विभाग में तैनात हैं और परिवार सारनाथ क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहता है। छात्रा निजी नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। गर्मी की छुट्टियों के कारण कॉलेज बंद था, फिर भी वह बुधवार सुबह घर से निकली थी। उसने अपनी मां को बताया था कि कॉलेज की ओर से एक गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, जहां उसे जाना है। वह अपने साथ दो लोगों का टिफिन भी लेकर गई थी। सुबह करीब नौ बजे कॉलेज प्रबंधन ने सारनाथ पुलिस को सूचना दी कि बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर एक छात्रा गंभीर हालत में पड़ी मिली है। 


बताया गया कि एक इलेक्ट्रिशियन ने उसे देखा और शोर मचाकर सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। इसके बाद छात्रा को कॉलेज परिसर में संचालित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के बैग की जांच की, जिसमें टिफिन, एप्रन और अन्य सामान मिले, लेकिन मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने कॉलेज परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी निकलवाई जा रही है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए छात्रा के सहपाठी युवक से पूछताछ कर रही है। युवक ने दावा किया है कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे और छात्रा गर्भवती थी। उसका गर्भपात कराया गया था तथा अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। मामले की जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, 10 June 2026

आजमगढ़ एक और हादसा हो गया, अब क्या आजमगढ़ में पेपर लीक' सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट वायरल होते ही सतर्क हुई पुलिस, दो युवकों पर दर्ज हुआ मुकदमा

आजमगढ़ एक और हादसा हो गया, अब क्या आजमगढ़ में पेपर लीक'


सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट वायरल होते ही सतर्क हुई पुलिस, दो युवकों पर दर्ज हुआ मुकदमा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोशल मीडिया पर प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भ्रामक और असत्य सूचनाएं प्रसारित करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और इंस्टाग्राम पर पेपर लीक तथा नकल संबंधी भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में थाना कोतवाली क्षेत्र के चौकी प्रभारी बलरामपुर उपनिरीक्षक मिथिलेश प्रजापति ने तहरीर देकर बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर Nitesh@Abhijee41194761 नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल की गई थी, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा 6 जून 2026 को आयोजित प्रवेश परीक्षा के एक परीक्षा केंद्र पर नकल होने तथा उत्तर कुंजी गलत होने का दावा किया गया था। पुलिस जांच में यह सूचना असत्य एवं भ्रामक पाई गई। पुलिस के अनुसार उक्त पोस्ट से परीक्षार्थियों में आक्रोश और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। मामले में संबंधित आईडी धारक नितेश के विरुद्ध धारा 353(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


 दूसरे मामले में चौकी प्रभारी सिविल लाइन उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार मिश्र ने तहरीर देकर बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 के दौरान इंस्टाग्राम आईडी Inderjeet_gautam_007 से “एक और हादसा हो गया, अब क्या आजमगढ़ में पेपर लीक” शीर्षक से एक पोस्ट प्रसारित की गई थी। जांच में यह पोस्ट भी भ्रामक और असत्य पाई गई। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की पोस्ट से परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों में भ्रम और आक्रोश फैल सकता था। इस मामले में आईडी धारक इन्द्रजीत गौतम के विरुद्ध भी धारा 353(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परीक्षा या संवेदनशील विषय से जुड़ी सूचना को सत्यापित किए बिना सोशल मीडिया पर साझा न करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

Tuesday, 9 June 2026

आजमगढ़ रौनापार थानाध्यक्ष पर जमीन कब्जा कराने व रिश्वत मांगने का आरोप थाना प्रभारी, कांस्टेबल व विपक्षियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग दीवानी में वाद लंबित होने के बावजूद कब्जा कराने का आरोप, एसएसपी से कार्रवाई की गुहार

आजमगढ़ रौनापार थानाध्यक्ष पर जमीन कब्जा कराने व रिश्वत मांगने का आरोप


थाना प्रभारी, कांस्टेबल व विपक्षियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग


दीवानी में वाद लंबित होने के बावजूद कब्जा कराने का आरोप, एसएसपी से कार्रवाई की गुहार



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रौनापार थाना क्षेत्र के खोजौली गांव की निवासी राधिका सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर थाना रौनापार के थानाध्यक्ष, एक कांस्टेबल तथा विपक्षी पक्ष के लोगों पर उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


 प्रार्थना पत्र के अनुसार, विवादित भूमि को लेकर सिविल न्यायालय में वाद विचाराधीन है और निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की तिथि निर्धारित है। आरोप है कि इसके बावजूद विपक्षी देवानंद और दिवाकर ने पुलिस की मौजूदगी में विवादित भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि थानाध्यक्ष रौनापार सुनील कुमार दूबे स्वयं मौके पर मौजूद रहे और भूमि की स्थिति बदलवाने में सहयोग किया।


 राधिका सिंह ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को गालियां दी गईं तथा उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर कराने जैसी धमकियां भी दी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर कोई राजस्व टीम मौजूद नहीं थी, फिर भी पुलिस की मौजूदगी में भूमि पर तीन ट्राली मिट्टी डलवाई गई। प्रार्थना पत्र में कांस्टेबल अवधेश यादव पर भी विपक्षी पक्ष से मिलीभगत और पैसे की मांग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कराने का वीडियो उनके पास उपलब्ध है। पीड़िता ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए थानाध्यक्ष, संबंधित कांस्टेबल तथा विपक्षी पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, पुलिस का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका था।

 

आजमगढ़ कप्तानगंज 20.65 लाख रुपये की जमीन डील में धोखाधड़ी बैनामा के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय से फरार हुए आरोपी, चेक देकर भी भुगतान रोका; पुलिस ने दर्ज किया केस


 आजमगढ़ कप्तानगंज 20.65 लाख रुपये की जमीन डील में धोखाधड़ी


बैनामा के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय से फरार हुए आरोपी, चेक देकर भी भुगतान रोका; पुलिस ने दर्ज किया केस


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर 20.65 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के ओरा गांव निवासी अजीम अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसने ओरा गांव निवासी सत्यवान राय और विनोद राय से आराजी संख्या 803 की भूमि का एक हिस्सा खरीदने के लिए सौदा तय किया था। आरोप है कि जमीन के बदले कुल 20 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान आरटीजीएस एवं अन्य माध्यमों से किया गया। 


शिकायत के अनुसार 12 दिसंबर 2025 को निबंधन कार्यालय निजामाबाद में बैनामे की तैयारी पूरी हो गई थी, लेकिन रजिस्ट्री के दौरान सत्यवान राय, विनोद राय और साहिल राय कथित रूप से बहाना बनाकर कार्यालय से फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित द्वारा कई बार संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले पैसा लौटाने का आश्वासन दिया और चेक भी दिए, लेकिन भुगतान तिथि से पहले ही चेकों को बंद करा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की शिकायत कई बार थाना कप्तानगंज में किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। एसएसपी कार्यालय से प्राप्त निर्देश के बाद कप्तानगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Monday, 8 June 2026

आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


 आजमगढ़ बरदह 3 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा, अंतरजनपदीय शातिर गिरफ्तार



फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी विश्लेषण और तकनीकी जांच से पुलिस ने बरामद किए ₹2.56 लाख, तमंचा व घटना में प्रयुक्त बाइक


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग का एक और सफल उदाहरण सामने आया है। थाना बरदह पुलिस ने यक्ष (YAKSH) ऐप, फेस रिकग्निशन तकनीक, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और मानवीय सूचना के समन्वित उपयोग से 3.22 लाख रुपये की झपटमारी की घटना का सफल अनावरण करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से झपटी गई धनराशि में से 2.56 लाख रुपये नगद, एक अवैध तमंचा, कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। 


पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 को राजपति यादव निवासी खैरपुर जगजीवन, थाना रानी की सराय ने थाना बरदह में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह जौनपुर स्थित देशी शराब की दुकान पर सेल्समैन के रूप में कार्य करता है। 1 जून को शराब बिक्री की 3,22,060 रुपये की धनराशि लेकर आजमगढ़ जा रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने स्वयं को आजमगढ़ जाने वाला बताकर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। ठेकमा बाजार से आगे भगवानपुर नहर पुलिया के पास आरोपी ने बहाने से रुपयों से भरा बैग अपने कब्जे में लिया और मौका पाकर फरार हो गया। 


घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। यक्ष ऐप के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध के फोटो, फेस रिकग्निशन और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान जौनपुर जनपद के चंदवक थाना क्षेत्र निवासी राजेश चौहान के रूप में हुई। सोमवार को मुखबिर की सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने शंकरपुर -हरिश्चंद्रपुर पुलिया क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने झपटमारी की घटना को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 2.56 लाख रुपये नगद, एक देशी तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त होंडा यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ बरदह थाने में झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यक्ष ऐप ने आरोपी की पहचान स्थापित करने और जांच को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका


 उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन


2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का रास्ता साफ, रिक्त पदों के चलते 2012 बैच के अफसरों को भी मिल सकता है मौका



लखनऊ, उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चयन वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को आईएएस पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इन पदों पर पदोन्नति के लिए 10 जून को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित होगी। डीपीसी में वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं तथा संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।


 पदोन्नति के लिए आवंटित 33 पदों के कारण वर्ष 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों के आईएएस बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। वर्ष 2010 बैच में आठ तथा वर्ष 2011 बैच में 21 अधिकारी हैं। दोनों बैचों के अधिकारियों की कुल संख्या 29 होने के कारण चार पद रिक्त बचते हैं। ऐसी स्थिति में वर्ष 2012 बैच के कुछ पीसीएस अधिकारियों को भी आईएएस पदोन्नति का अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें 10 जून को होने वाली डीपीसी बैठक पर टिकी हैं, जिसके बाद पदोन्नति की अंतिम सूची जारी की जाएगी।