Saturday, 17 January 2026

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप 3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका

आजमगढ़ फूलपुर तालाब से ईंट-भट्ठा मजदूर का शव बरामद, मचा हड़कंप



3 दिन से लापता था मजदूर, अधिक शराब सेवन से हादसे की आशंका



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र के लोनियाडीह गांव में एमडीके ईंट उद्योग के बगल मत्स्य पालन के लिए बने तालाब में एक शव उतराता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर के भाई डब्लू ने अपने सगे भाई बबलू (35) पुत्र मिलटू निवासी बाकलकोल थाना अहिरौला के रूप में की। शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को चिकित्सीय परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। 


परिजनों के अनुसार बबलू अपने भाई डब्लू के साथ लोनियाडीह गांव स्थित एमडीके ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। करीब एक माह पूर्व बबलू की पत्नी निशा उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह अत्यधिक शराब का सेवन करने लगा था। बताया गया कि तीन दिन पहले बबलू अचानक भट्ठे से गायब हो गया था। उसकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 


अंतत: शुक्रवार को उसका शव तालाब में मिला। मृतक के भाई डब्लू का कहना है कि संभवत: अत्यधिक शराब के सेवन के कारण बबलू तालाब के गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी फूलपुर सच्चिदानन्द ने बताया कि तालाब से शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा


 आजमगढ़ देवगांव 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत मामले में युवती गिरफ्तार



शव को कब्र से निकालकर हुए पोस्टमार्टम के बाद हत्या की पुष्टि, दर्ज हुआ मुकदमा


मृतक की मां की शिकायत पर हुई कार्रवाई, आरोपी को घर के सामने से दबोचा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चेवारपुर पूरब (मुसऊपुर) में 3 वर्षीय बालक की संदिग्ध मृत्यु के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। यह घटना 13 दिसंबर 2025 की है, जब बालक का शव उस स्थान पर मिला था, जहां भैंसें बांधी जाती हैं। उस समय परिजनों ने भैंस के खुर लगने से मौत की आशंका जताई थी और बिना पुलिस को सूचना दिए शव को दफना दिया गया था। कुछ दिनों बाद मृतक की मां रिबिका पत्नी गुलाबचन्द्र ने अपने बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवगांव पुलिस ने जिलाधिकारी से शव उत्खनन की अनुमति मांगी। आदेश मिलने के बाद 14 जनवरी 2026 को मजिस्ट्रेट व क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कर शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 


डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना देवगांव में मु0अ0सं0 33/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के आधार पर पुलिस ने अभियुक्ता प्रिया पुत्री राजेश निवासी ग्राम चेवार पूरब (मुसऊपुर) को 16 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11.30 बजे उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश सिंह, कांस्टेबल शैलेन्द्र कुमार तथा महिला आरक्षी सोनम यादव शामिल रहीं।

Friday, 16 January 2026

आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम नहीं पहुंची गांव...


 आजमगढ़ तहबरपुर विकास के नाम पर प्रधान पर लाखों रुपये गबन करने का आरोप 



जिलाधिकारी आजमगढ़ ने ग्रामीणों की शिकायत पर जांच के दिये आदेश पर गठित टीम  नहीं पहुंची गांव...



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के विकास खण्ड तहबरपुर क्षेत्र के ग्राम जमालपुर काजी के ग्राम प्रधान पर ग्राम विकास के नाम पर इंडिया मार्का हैण्ड पम्प की रिबोर,पोल लाइट,नाली निर्माण,सहित अनेकों मद में बिना कार्य कराए फर्जी बाउचर लगाकर धन निकालने का आरोप लगा है।


ग्रामीणों ने बताया की जब इस घपले की जानकारी हुई और जांच पड़ताल किया गया तो 21लाख 11 हजार 728  रूपये का मामला प्रकाश में आया है।जिसको ग्रामीणों ने अपनी बयान हल्फी में भी दिया। और दिनाँक 11/9/2025 को लिखित शिकायत जिलाधिकारी आजमगढ़ से की गयी जिस पर कार्यवाही व जांच कराने के लिए डीपीआरओ आजमगढ़ को निर्देशित किया गया इसी संदर्भ में कमेटी गठित कर भ्रष्टाचार की जांच का आदेश दिया गया। परन्तु जांच कमेटी गांव में न जाकर शिक़ायत करने वालों को जिले पर बुलाकर मामला रफा दफा का दबाव बना रही है।जिसको लेकर शिकायत कर्ताओं में काफी आक्रोश है। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन जहां भ्रष्टाचार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने की बात करती है। वहीं भ्रष्टाचार उजागर होने पर कार्यवाही करने के बजाय शिकायत करने वालों को पड़ताड़ित व धमकी दी जा रही है।



आजमगढ़ से अबुल बशर आज़मी की रिपोर्ट।

हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


 हरदोई जीजा-साली ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिले शव


प्रेम प्रसंग में आत्महत्या की आशंका, सोशल मीडिया से हुई पहचान


उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ–दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां जीजा-साली ने ट्रेन के आगे खड़े होकर आत्महत्या कर ली। हादसा खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास रात करीब सवा दो बजे हुआ। ट्रेन से कटने के कारण दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए थे। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद परिजन मोर्चरी पहुंचे, जहां तिल और कपड़ों के आधार पर शवों की पहचान की गई। मृतकों की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा निवासी रितेश कुमार सिंह (28) और मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी मुस्कान (23) के रूप में हुई। दोनों आपस में जीजा-साली थे। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने सीओ और कोतवाल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।

 परिजनों के मुताबिक रितेश हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक फैक्ट्री में काम करता था। उसकी शादी जुलाई 2024 में शिवी सिंह से हुई थी, लेकिन बीते कई महीनों से वह घर नहीं आया था। 13 जनवरी 2026 को मुस्कान दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों को संदेह था कि रितेश उसे अपने साथ ले गया है। बुधवार रात रितेश शहर के सुभाषनगर स्थित अपनी बुआ के घर पहुंचा, जहां बैग और मोबाइल छोड़कर जरूरी काम से बाहर जाने की बात कहकर निकल गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मुस्कान को भी उसी इलाके में देखा गया, जिससे दोनों के साथ निकलने की पुष्टि हुई है। लखनऊ–दिल्ली रेल मार्ग पर खंभा नंबर 1173 के पास दोनों ने ट्रेन के आगे खड़े होकर जान दी। इस दौरान हावड़ा से काठगोदाम जा रही बाघ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने शव देखकर ट्रेन रोक दी, जिससे करीब 45 मिनट तक ट्रेन खड़ी रही। घने कोहरे के कारण शव हटाने में भी समय लगा। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अब तक की जांच में प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या का मामला सामने आया है। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।

Thursday, 15 January 2026

आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़ टेलीग्राम के जरिए चीनी हैंडलरों के लिए काम करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, ₹6.32 लाख नकद व स्कॉर्पियो बरामद USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजी जा रही थी ठगी की रकम, अब तक 10–15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा


 आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़


टेलीग्राम के जरिए चीनी हैंडलरों के लिए काम करने वाले 2 शातिर गिरफ्तार, ₹6.32 लाख नकद व स्कॉर्पियो बरामद


USDT क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजी जा रही थी ठगी की रकम, अब तक 10–15 करोड़ के लेनदेन का खुलासा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ₹6.32 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, कैश काउंटिंग मशीन, विदेशी सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। इससे पूर्व इसी गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। 


दिनांक 14 जनवरी 2026 की रात साइबर थाना टीम ने लखनऊ के गोड़म्बा क्षेत्र से दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार यह मामला 18 सितंबर 2025 को प्रकाश में आया था, जब रौनापार थाना क्षेत्र निवासी भूपेन्द्रनाथ यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके पुत्र को टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से “WOOCOMMERCE” नामक कंपनी के लिए ऑनलाइन काम का झांसा दिया गया। प्रोडक्ट बूस्टिंग के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में ₹12.64 लाख जमा कराकर ठगी की गई। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि अभियुक्त टेलीग्राम आईडी के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर भारतीय बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद एटीएम और चेक के जरिए नकद निकालकर उसे USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजा जाता था। 


पुलिस के मुताबिक मुख्य अभियुक्त अभिषेक गुप्ता द्वारा अब तक 10 से 15 करोड़ रुपये की रकम क्रिप्टो करेंसी में ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक गुप्ता निवासी जानकीपुरम, लखनऊ और शाश्वत अवस्थी निवासी इंदिरा नगर, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद समस्त सामग्री को सील कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है। आजमगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लालचपूर्ण ऑनलाइन ऑफर, अज्ञात लिंक या टेलीग्राम/व्हाट्सएप संदेशों से सतर्क रहें और साइबर ठगी की सूचना तत्काल 1930 या नजदीकी साइबर थाना को दें।

आजमगढ़ कप्तानगंज पिता को गोली मारने की कहानी का पदार्फाश, बेटा ही निकला साजिशकर्ता फर्जी फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास, जलती लकड़ी से जलाया था पिता का पैर मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हिस्ट्रीशीटर सहयोगी फरार, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराएं बढ़ीं


 आजमगढ़ कप्तानगंज पिता को गोली मारने की कहानी का पदार्फाश, बेटा ही निकला साजिशकर्ता


फर्जी फायरिंग कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास, जलती लकड़ी से जलाया था पिता का पैर


मुख्य आरोपी गिरफ्तार, हिस्ट्रीशीटर सहयोगी फरार, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराएं बढ़ीं



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के थाना कप्तानगंज क्षेत्र में पिता को गोली मारने की झूठी घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस मामले का वादी ही पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार, फर्जी फायरिंग कर और अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की कहानी गढ़ी गई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस के मुताबिक 6 जनवरी 2026 को गुलशन उर्फ फौरेबी पुत्र लालमन कन्नौजिया निवासी ग्राम खालिसपुर ने थाना कप्तानगंज में तहरीर दी थी कि दो अज्ञात बाइक सवारों ने उसके पिता लालमन कन्नौजिया के पैर में गोली मार दी है। इस तहरीर पर थाना कप्तानगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।


 विवेचना के दौरान तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना पूरी तरह फर्जी थी। जांच में खुलासा हुआ कि गुलशन उर्फ फौरेबी ने अपने सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू (थाना अहरौला का हिस्ट्रीशीटर) के साथ मिलकर अपने घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद अपने पिता के पैर को जलती लकड़ी से जलाकर गोली लगने की अफवाह फैलाई और डायल 112 पर सूचना देकर झूठा अभियोग पंजीकृत कराया। पुलिस ने वादी द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कर प्रशासन को गुमराह करने के मामले में बीएनएस की कई धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ा दी हैं।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के मार्गदर्शन में थाना कप्तानगंज पुलिस ने आरोपी गुलशन उर्फ फौरेबी को 15 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस का खोखा भी बरामद किया गया है। इस प्रकरण में सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

आजमगढ़ अतरौलिया 75 लाख की बड़ी चोरी, मचा हड़कंप, पुलिसिया कार्यशैली पर उठे सवाल अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव का मामला, डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची


 आजमगढ़ अतरौलिया 75 लाख की बड़ी चोरी, मचा हड़कंप, पुलिसिया कार्यशैली पर उठे सवाल



अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव का मामला, डॉग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के जोगीपुर गांव में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया है। गांव निवासी शैलेंद्र तिवारी के घर के पीछे की खिड़की तोड़कर चोर घर में दाखिल हुए और लाखों रुपये के जेवरात, नकदी समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। परिजनों के अनुसार चोरी की कुल रकम लगभग 70 से 75 लाख रुपये आंकी जा रही है, जिसमें करीब 40 हजार रुपये नकद शामिल हैं। पीड़ित शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य रात का भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सो गए थे। रात करीब 11 बजे के बाद चोरों ने उस कमरे की खिड़की तोड़ दी, जिसमें जेवरात और नकदी रखी हुई थी। चोर लगभग 70 लाख रुपये के जेवरात, 40 हजार रुपये नकद और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। सुबह करीब चार बजे जब शैलेंद्र तिवारी की नींद खुली और वह ब्रश लेने के लिए कमरे में पहुंचे, तो खिड़की टूटी देख सारा सामान गायब मिला।


 पीड़ित शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि पारिवारिक गहनों के साथ बेटियों की शादी के लिए तैयार किए गए जेवरात थे। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई थी। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात में पुलिस की गश्त नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यदि नियमित गश्त होती तो इतनी बड़ी चोरी की घटना को रोका जा सकता था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द खुलासे का आश्वासन दे रही है।