आजमगढ़ डबल मर्डर केस में 7 दोषियों को उम्रकैद
प्रधानी चुनाव विवाद में 2020 में हुई थी दोहरी हत्या, प्रत्येक दोषी पर ₹1.01 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर एक लाख एक हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादिनी संतरा देवी निवासी अकबेलपुर नाउपुर थाना देवगांव 13 अगस्त 2020 को अपने पति हीरालाल उर्फ मिठाई और बेटों विनोद यादव व तेज कुमार यादव के साथ दवा लेने लालगंज बाजार गई थीं। वापस लौटते समय घोड़सहना गांव में फेंकू यादव के घर के सामने आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बताया गया कि सुरेन्द्र पुत्र फेंकू यादव और प्रदीप उर्फ दिलीप ने हीरालाल और तेज कुमार को प्रधानी चुनाव के संबंध में बातचीत के बहाने घर के अंदर बुला लिया, जबकि संतरा देवी और उनका बेटा विनोद बाहर ही खड़े रहे। इसी दौरान अन्य आरोपी—लाल बहादुर, अजय यादव, उमेश यादव, रणजीत और कमली देवी भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि बातचीत के दौरान ही प्रदीप उर्फ दिलीप और सुरेन्द्र ने हीरालाल को गोली मार दी। घटना देख तेज कुमार भागने लगे, लेकिन अन्य आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और लाल बहादुर व रणजीत ने गोली मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान एक आरोपी फेंकू यादव की मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी, दीपक कुमार मिश्रा और सुधन प्रसाद एडवोकेट ने पैरवी करते हुए कुल आठ गवाह न्यायालय में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रदीप उर्फ दिलीप, सुरेन्द्र, लाल बहादुर, उमेश यादव, अजय यादव, रणजीत और कमली देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।






