Thursday, 24 September 2026

आजमगढ़ निजामाबाद पत्नी को फांसी पर लटकाने का आरोपी पति गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज


 आजमगढ़ निजामाबाद पत्नी को फांसी पर लटकाने का आरोपी पति गिरफ्तार



आरोपी के खिलाफ पूर्व में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के बुद्धसेनपुर गांव में पत्नी को मारपीट कर जान से मारने की नीयत से फांसी पर लटकाने के आरोप में पुलिस ने वांछित पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को मोलनापुर नहर पुलिया से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, बुद्धसेनपुर निवासी शशिकला पत्नी राकेश यादव ने 23 सितंबर 2026 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि उसके पति राकेश यादव पुत्र मुन्ना उर्फ मुन्नीलाल यादव ने 9 सितंबर 2026 की रात करीब नौ बजे उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की नीयत से उसे फांसी पर लटका दिया। तहरीर के आधार पर निजामाबाद थाने में मु0अ0सं0 238/2026 संबंधित धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इसी मामले में 24 सितंबर 2026 को उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह ने हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश यादव (33) को सुबह करीब 7:35 बजे मोलनापुर नहर पुलिया से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया।


 पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2021 में भी निजामाबाद थाने में मारपीट, बलवा, तोड़फोड़, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, कांस्टेबल धर्मवीर प्रजापति और रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक पटेल शामिल रहे।

आजमगढ़ अहरौला, एक साथ जलीं 3 चिताएं, बेटी ने चाचा-चाची और भाई को दी मुखाग्नि राजघाट पर एक ही परिवार के 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार देख नम हुईं आंखें भारी पुलिस बल के बीच गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई


 आजमगढ़ अहरौला, एक साथ जलीं 3 चिताएं, बेटी ने चाचा-चाची और भाई को दी मुखाग्नि


राजघाट पर एक ही परिवार के 3 सदस्यों का अंतिम संस्कार देख नम हुईं आंखें


भारी पुलिस बल के बीच गमगीन माहौल में दी गई अंतिम विदाई



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नगर के राजघाट पर बुधवार को ऐसा मार्मिक दृश्य सामने आया, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के मां, पिता और बेटे का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। तीनों शवों को अगल-बगल चिताओं पर रखा गया तो राजघाट का माहौल पूरी तरह गमगीन हो उठा। अंतिम संस्कार के दौरान बीच में बेटे का शव रखा गया, जबकि उसके एक तरफ मां और दूसरी तरफ पिता की चिता सजाई गई। तीनों चिताओं को एक साथ देखकर परिवार के लोगों और रिश्तेदारों का कलेजा भर आया। हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल था। इसी बीच मृतक अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की बेटी वर्षा सिंह राजघाट पहुंचीं। वर्षा ने अपने चाचा, चाची और भाई को मुखाग्नि दी। एक साथ परिवार के तीन सदस्यों को मुखाग्नि देते समय वर्षा को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर गया।


 घटना के बाद से शंभूपुर गांव में भी मातम पसरा हुआ है। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव से लेकर राजघाट तक हर तरफ शोक का माहौल बना रहा। अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका को देखते हुए राजघाट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी पूरे समय सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे। शंभूपुर की इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की तीन चिताओं का एक साथ जलना और बेटी द्वारा अपने चाचा, चाची व भाई को मुखाग्नि देना राजघाट पर मौजूद लोगों के लिए ऐसा दृश्य रहा, जिसे वे लंबे समय तक भुला नहीं सकेंगे।


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आजमगढ़ अहरौला शंभूपुर की 5 मौतों पर उठे सवाल, बेटे की मौत को लेकर आमने-सामने परिवार व पुलिस परिजनों ने पुलिस की गोली से शौर्य की मौत का लगाया आरोप, एसएसपी ने कहा- आरोपी की गोली से घायल हुआ था बच्चा


 आजमगढ़ अहरौला शंभूपुर की 5 मौतों पर उठे सवाल, बेटे की मौत को लेकर आमने-सामने परिवार व पुलिस



परिजनों ने पुलिस की गोली से शौर्य की मौत का लगाया आरोप, एसएसपी ने कहा- आरोपी की गोली से घायल हुआ था बच्चा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई पांच मौतों के मामले में बुधवार को नया मोड़ सामने आया। आरोपी अरविंद सिंह के आठ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की मौत को लेकर परिवार और पुलिस के दावे अलग-अलग हैं। अरविंद की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने आरोप लगाया है कि शौर्य की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि बच्चे को गोली अरविंद ने ही मारी थी और घायल शौर्य की इलाज के दौरान मौत हुई। मामले में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना मंगलवार शाम उस समय हुई जब अरविंद सिंह के घर में कई दिनों से पूजा-अनुष्ठान चल रहा था। बताया गया कि परिवार की ओर से यह आयोजन कराया जा रहा था। शाम को बाजार से घर लौटने के बाद अरविंद का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। 


आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता तथा पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। फायरिंग के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के अंदर एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई घंटे तक उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। बाद में घर के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार जवाबी फायरिंग में अरविंद को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। 


पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, अरविंद की गोली से उसका बेटा शौर्य घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, आरोपी की मां और बहन ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पांच मौतों को लेकर अलग-अलग दावों के बीच अब पोस्टमार्टम और अन्य जांच से घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बताया गया है कि अरविंद के बड़े भाई की भी कुछ वर्ष पहले हत्या हुई थी। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बीच घर में पूजा-अनुष्ठान कराया जा रहा था। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां घटना के कारणों तथा फायरिंग के पूरे क्रम की जांच कर रही हैं।


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Wednesday, 23 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल? पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के विवाद में 5 मौतें... क्या शंभूपुर गोलीकांड के पीछे है यह एंगल?



पंडितों से आधार कार्ड मांगने से लेकर मासूम को भी गोली मारने जैसा कदम....संकेत क्या?


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात ऐसी खूनी वारदात में बदल गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या के बाद अरविंद सिंह बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। पुलिस के अनुसार, कमरे से बाहर निकालने के प्रयास के दौरान उसने अपने एक बच्चे को भी गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई। इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की असली वजह अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। प्रारंभिक तौर पर पूजा को लेकर विवाद और पंडितों से कहासुनी की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियां सामने आने के बाद पुलिस के लिए पारिवारिक और वैवाहिक विवाद समेत ऑनर किलिंग के संभावित एंगल की जांच भी अहम हो गई है। फिलहाल पुलिस ने ऑनर किलिंग की पुष्टि नहीं की है और इस पहलू पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।


 बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम अरविंद बाजार से घर पहुंचा तो वहां पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए पंडित मौजूद थे। घर में उसकी पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। पूजा देखकर अरविंद ने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी बढ़ने के बाद आरोप है कि अरविंद ने घर में रखे हथियार से फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। घटना के दौरान राइफल से भी फायरिंग किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन हथियारों और गोलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। तीन हत्याओं के बाद अरविंद बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। 


सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के सामने चुनौती केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना भी थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और आत्मसमर्पण के लिए बाहर आने को कहा। पुलिस के अनुसार, काफी प्रयास के बावजूद अरविंद बाहर नहीं आया और उसने अपने एक मासूम बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की जान खतरे में देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान अरविंद गोली लगने से घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अब जांच का दायरा केवल पूजा के दौरान हुए विवाद तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अरविंद और उसकी पत्नी के बीच पहले से कोई पारिवारिक या वैवाहिक विवाद था या नहीं। घटना से पहले घर में क्या परिस्थितियां थीं, पूजा किस उद्देश्य से कराई जा रही थी, पंडितों को किसने बुलाया था और अरविंद के पंडितों से आधार कार्ड मांगने के पीछे क्या वजह थी—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। ऑनर किलिंग का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पहली फायरिंग में अरविंद की पत्नी समेत पूजा कराने आए लोगों को निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हत्या का कारण सम्मान या पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा कोई विवाद था। इस एंगल की पुष्टि के लिए पुलिस को परिवार के रिश्तों, पुराने विवादों, मोबाइल फोन, बातचीत और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी। 


अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से हथियार और फायरिंग से जुड़े अन्य साक्ष्य संकलित किए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि शंभूपुर की इस खूनी वारदात की असली वजह क्या थी। पूजा के विवाद से शुरू हुई घटना के पीछे कहीं कोई पुराना पारिवारिक राज तो नहीं था—यह सवाल फिलहाल जांच के केंद्र में है।


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आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड 2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

आजमगढ़ अहरौला 5 मौतों से हिला जनपद, पूजा से शुरू हुआ विवाद बना खूनी कांड



2 बच्चों की जान बचाने में सफल रही पुलिस, रात भर मौके पर डटे रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात बेहद गंभीर घटनाक्रम में बदल गया। पुलिस के अनुसार, अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता और पूजा कराने आए दो पंडितों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी बच्चों के साथ कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे बच्चों सहित बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। पूजा कराने के लिए चार पंडित मौजूद थे। घर में अरविंद की पत्नी बबीता और बच्चे भी थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली और उनसे आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर अरविंद और पंडितों के बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अरविंद ने घर में रखी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई।


 मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित के शामिल होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि फायरिंग में किन-किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ और कितनी गोलियां चलीं, इसकी पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, नवीन अरोड़ा के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण किया। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ एसओजी और फॉरेंसिक टीम को भी लगाया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को उसके बच्चों सहित कमरे से सुरक्षित बाहर निकालने की थी। पुलिस टीम ने आरोपी को समझाने और बाहर आने के लिए चेतावनी देने का प्रयास किया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पुलिस ने आरोपी अरविंद को बच्चों सहित कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। पर्याप्त चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने अपने एक बच्चे को गोली मार दी। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इसमें आरोपी अरविंद घायल हो गया। आरोपी और घायल बच्चे को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, उपचार के दौरान आरोपी अरविंद और उसके घायल बच्चे की मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद शंभूपुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की घेराबंदी कर फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए। एसओजी टीम और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। पूरे घटनाक्रम में पहले अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की गोली लगने से मौत हुई। इसके बाद आरोपी की फायरिंग में एक बच्चा घायल हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद घायल हुआ। अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी और उसके घायल बच्चे की भी मौत हो गई। इस तरह घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस बल मौके पर मौजूद है। एसओजी और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य संकलन में जुटी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के वास्तविक कारण, फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों, गोलियों की संख्या और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत स्थिति फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

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Tuesday, 22 September 2026

आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


 आजमगढ़ अहरौला पूजा के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, पत्नी समेत 3 की मौत



आधार कार्ड मांगने को लेकर पंडितों से हुआ विवाद, पिस्टल से फायरिंग का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित महेंद्र पाठक और एक अन्य पंडित शामिल बताए जा रहे हैं।


 प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। घर में चार पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता, एक बेटा और एक बेटी मौजूद थे। शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचा। घर में पूजा होते देखकर उसने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद उसने पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। 


प्रारंभिक जानकारी में राइफल से भी एक गोली चलाए जाने की बात सामने आ रही है। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। घटना के कारणों और मौतों की आधिकारिक स्थिति पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।


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उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


 उत्तर प्रदेश में 14 जिलों के डीएम सहित 34 आईएएस अफसरों का हुआ तबादला



दूसरे दिन भी जारी रहा प्रशासनिक फेरबदल, पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी मिली तैनाती


लखनऊ, प्रदेश सरकार ने लगातार दूसरे दिन सोमवार देर रात बड़े स्तर पर आईएएस अफसरों के तबादले किए। 14 जिलों के जिलाधिकारियों समेत कुल 34 आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, कानपुर नगर, संतकबीरनगर, पीलीभीत, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर में नए जिलाधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पीसीएस से आईएएस बने अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। अनुनय झा को हरदोई से स्थानांतरित कर मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है, जबकि राहुल पांडेय को विशेष सचिव राज्य कर से हरदोई का जिलाधिकारी बनाया गया है। एम अरुन्मोली को आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा से डीएम एटा की जिम्मेदारी दी गई है। 


संजय चौहान को अमेठी से कुशीनगर और महेंद्र तंवर को कुशीनगर से कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है। अनुज मलिक को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से डीएम संतकबीरनगर, आलोक कुमार को संतकबीरनगर से पीलीभीत और ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत से बलिया भेजा गया है। शशांक चौधरी को अमेठी, दिव्यांशु पटेल को बागपत, प्रभास कुमार को महोबा, उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर, सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस और अशोक कुमार को हमीरपुर का डीएम बनाया गया है। 


इसके अलावा हिमांशु कौशिक को नगर आयुक्त मुरादाबाद, विजय कुमार सिंह को सीडीओ मिर्जापुर, संतोष बहादुर सिंह को सीडीओ मैनपुरी, विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा विजय कुमार को आगरा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा नियुक्त किया गया है। तबादलों की सूची सोमवार देर रात जारी की गई।