Thursday, 22 January 2026

मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात


 मुरादाबाद प्रेम संबंध के चलते युवक-युवती की पीट-पीटकर हत्या


शव बोरी में भरकर नदी किनारे दबाए, 3 भाई नामजद, गांव में तनाव, पुलिस-पीएसी तैनात



उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में प्रेम संबंध के चलते युवक और युवती की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दोनों अलग-अलग समुदाय से थे और बीते दो वर्षों से प्रेम संबंध में थे। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और एहतियातन भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात कर दी गई है।


एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह के अनुसार, पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर निवासी मो. हनीफ का 27 वर्षीय बेटा अरमान गांव के ही गनपत सैनी की 20 वर्षीय बेटी काजल से प्रेम करता था। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे अरमान अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा। इसी दौरान काजल के तीन भाइयों, माता और पिता ने दोनों को पकड़ लिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की गई और सिर पर फावड़ा मारकर दोनों की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को बोरी में बंद किया और करीब दो किलोमीटर दूर बाबा नीम करौली मंदिर के पास गागन नदी किनारे गड्ढा खोदकर दबा दिया। रात करीब 12 बजे दोनों की पिटाई के दौरान चीख-पुकार भी सुनी गई, लेकिन ठंड और गलतफहमी के चलते ग्रामीण बाहर नहीं निकले।


 घटना का खुलासा तब हुआ जब अरमान के पिता मो. हनीफ ने बेटे की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी और पड़ोसी परिवार पर शक जताया। पुलिस ने जांच शुरू कर युवती के पिता व भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने दोनों शव बरामद कर लिए हैं और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। पहले युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई और शक अरमान व उसके परिवार पर डाला गया, ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके। बाद में जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। मो. हनीफ की तहरीर पर युवती के तीन भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव की मिश्रित आबादी को देखते हुए पाकबड़ा के साथ-साथ सिविल लाइंस, मझोला और मुंढापांडे थाना क्षेत्र से भी पुलिस बल बुलाया गया है। गांव की गलियों में लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर


 आजमगढ़ 2 थाना प्रभारियों का तबादला, एक उपनिरीक्षक लाइन हाजिर



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 अनिल कुमार ने जनपद पुलिस में तैनात निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। 


जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक जय प्रकाश जो अब तक प्रभारी विशेष चोरी अनावरण टीम के रूप में कार्यरत थे, उन्हें प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर तैनात किया गया है। वहीं निरीक्षक राकेश कुमार सिंह जो अब तक प्रभारी निरीक्षक दीदारगंज के पद पर कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण कर उन्हें प्रभारी निरीक्षक पवई बनाया गया है।


 इसी क्रम में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार मिश्र, जो थानाध्यक्ष पवई के पद पर तैनात थे, उनका स्थानांतरण कर पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।



Wednesday, 21 January 2026

आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन 22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग


 आजमगढ़ वीआईपी भ्रमण के चलते जनपद में किया गया रूट डायवर्जन



22 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक भारी व अन्य वाहनों के बदले जाएंगे मार्ग



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में 22 जनवरी 2026 को प्रस्तावित वीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा आंशिक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। यह डायवर्जन प्रात: 10.00 बजे से 14.00 बजे तक प्रभावी रहेगा। 


जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार पंचदेव चौराहा से कोई भी दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन पुलिस लाइन गेट की ओर नहीं जाएगा, बल्कि सिविल लाइन होते हुए अग्रसेन चौराहा अथवा बंधे की ओर जाएगा।


 इसी प्रकार अग्रसेन तिराहा से कोई भी वाहन कलेक्ट्रेट एवं ट्रेजरी की ओर नहीं जाएगा, बल्कि दास फर्नीचर तिराहा, कोतवाली या बंधे की ओर मोड़ दिया जाएगा। 


गांधी तिराहा से ट्रेजरी की ओर जाने वाले वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। ये वाहन रैदोपुर अथवा काली चौरा की ओर से होकर जाएंगे। वहीं रैदोपुर तिराहा से नेहरू हॉल की ओर वाहनों का आवागमन बंद रहेगा और वाहनों को गांधी तिराहा अथवा सिधारी पुल की ओर भेजा जाएगा।


 इसी क्रम में छतवारा चौराहा से किसी भी बड़े वाहन को हाइडिल चौराहे की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन बेलइसा चौराहा होते हुए अपने गंतव्य को जाएंगे। बागेश्वर चौराहा से चार पहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों को बंधा मोड़ तिराहा की ओर जाने से रोका गया है, जिन्हें हरवंशपुर तिराहा के रास्ते भेजा जाएगा। 


नरौली तिराहा से भी चारपहिया, मालवाहक एवं बड़े वाहनों का बंधा मोड़ की ओर जाना प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन पहलवान तिराहा व हरवंशपुर तिराहा होकर जाएंगे। शारदा तिराहा से किसी भी चारपहिया, मालवाहक अथवा बड़े वाहन को गिरिजाघर चौराहे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि रैदोपुर तिराहा और काली चौरा के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।


 नोट: उपरोक्त रूट डायवर्जन 22 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें तथा यातायात पुलिस का सहयोग करें।

आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम ₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप


 आजमगढ़ थाना कोतवाली अमीन की हत्या में आया जिले का चर्चित का नाम



₹70 लाख की वसूली विवाद में हत्या का आरोप



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में तहसील सदर में तैनात अमीन सुरेश उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या मामला में मृतक के पुत्र विकास उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के अनुसार उनके पिता सुरेश उपाध्याय 17 जनवरी 2026 को अचानक लापता हो गए थे, जिसकी लिखित सूचना उसी दिन थाना कोतवाली में दी गई थी। सुरेश उपाध्याय तहसील सदर में अमीन के पद पर कार्यरत थे और वसूली के सिलसिले में लगभग 70 लाख रुपये की आरसी लेकर रूबी सिंह पुत्री चंद्रशेखर सिंह, निवासी मोहल्ला रैदोपुर, के घर गए थे।


 परिजनों का आरोप है कि रूबी सिंह के घर पर उनके चाचा ने यह कहते हुए धमकी दी कि “गलत जगह हाथ डाले हो, इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” बाद में यह जानकारी मिली कि रूबी सिंह ने अपना नाम बदलकर आकांक्षा रख लिया है और ओमप्रकाश सिंह निवासी अहिरौला से विवाह कर लिया है। जब अमीन सुरेश उपाध्याय ओमप्रकाश सिंह के पास वसूली के लिए पहुंचे तो वहां से भी उन्हें गंभीर धमकी दी गई। परिजनों के मुताबिक धमकियों के बाद सुरेश उपाध्याय लगातार भयभीत रहते थे और परिजनों से कहते थे कि ओमप्रकाश सिंह, रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और रूबी सिंह के चाचा अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं, जिनसे बच पाना मुश्किल है। विकास उपाध्याय ने आशंका जताई है कि ओमप्रकाश सिंह, भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह (ठेकमा) तथा रूबी सिंह उर्फ आकांक्षा और उनके चाचा ने मिलकर उनके पिता का अपहरण कर हत्या कर दी और शव को सिधारी स्थित बसपा कार्यालय के पीछे फेंक दिया।


 इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने ओमप्रकाश सिंह, रुबी सिंह उर्फ आकांक्षा, रुबी सिंह के चाचा नाम अज्ञात सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक के निर्देश पर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


https://www.news9up.com/2026/01/17.html

Tuesday, 20 January 2026

आजमगढ़ सिधारी लापता अमीन का मिला शव 17 जनवरी को वसूली कार्य के लिए निकले थे, पहुंची पुलिस


 आजमगढ़ सिधारी लापता अमीन का मिला शव



17 जनवरी को वसूली कार्य के लिए निकले थे, पहुंची पुलिस



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित बसपा कार्यालय से कुछ दूर पर लापता अमीन सुरेश उपाध्याय का शव मिलने के बाद सनसनी मच गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस कानूनी कार्यवाही में जुट गयी। बता दें कि तहसील सदर आजमगढ़ में अमीन के पद पर कार्यरत सुरेश उपाध्याय (58 वर्ष) बीते शुक्रवार 17 जनवरी 2026 को प्रात: लगभग 10:22 बजे तहसील सदर में उपस्थित थे और इसके बाद वसूली कार्य के लिए चौक एवं सिधारी क्षेत्र की ओर निकले थे, लेकिन देर शाम तक वे अपने घर वापस नहीं पहुंचे।


 जिनकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार को सिधारी थाना क्षेत्र स्थित बसपा कार्यालय से कुछ दूरी पर उनका शव मिलने से सनसनी मच गयी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस कानूनी कार्यवाही में जुट गयी।


https://www.news9up.com/2026/01/70.html

सहारनपुर संग्रह अमीन सहित पूरे परिवार को गोली मार कर उतारा मौत के घाट किराए के मकान में हुई दिल दहला देने वाली घटना मृतकों में संग्रह अमीन, पत्नी, मां और 2 नाबालिग बेटे शामिल


 सहारनपुर संग्रह अमीन सहित पूरे परिवार को गोली मार कर उतारा मौत के घाट


किराए के मकान में हुई दिल दहला देने वाली घटना


मृतकों में संग्रह अमीन, पत्नी, मां और 2 नाबालिग बेटे शामिल



उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के सरसावा कस्बे में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किराए के मकान में संग्रह अमीन और उनके परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव बरामद किए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी मां विद्यावती (70), पत्नी अंजिता (35) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। 


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी पर गोली लगी थी, जबकि उनकी मां, पत्नी और दोनों बेटों को माथे पर गोली मारी गई है।सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन शुरू किया। पुलिस के अनुसार अशोक नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर तैनात थे और परिवार के साथ सरसावा कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे। घटनास्थल से एक तमंचा भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच आत्महत्या की आशंका के आधार पर कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही घटना के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।

Monday, 19 January 2026

आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला 5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला


 आजमगढ़ नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 7 साल की सश्रम कैद



बहला-फुसलाकर किशोरी को भगाने और दुष्कर्म का मामला


5 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया फैसला



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। पाक्सो कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा का आदेश दिया है। पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। 


अभियोजन के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली नाबालिग किशोरी, जो अपने ननिहाल में रह रही थी, को 27 मई 2015 को आरोपी सुरजीत राम बहला-फुसलाकर भगा ले गया। इसके बाद आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस द्वारा जांच पूरी कर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश मिश्रा, एडीजीसी दौलत यादव एवं वंश गोपाल सिंह उर्फ पप्पू सिंह एडवोकेट ने कुल पांच गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सुरजीत राम को सात वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।