Saturday, 10 January 2026

आजमगढ़ देवगांव पुलिस मुठभेड़, 2 शातिर अपराधी गोली लगने से हुए घायल देवगांव–गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, कैथीशंकरपुर पुलिया के पास हुई मुठभेड़ दोनों बदमाशों के पैरों में लगी गोली, अवैध तमंचे, कारतूस और पिकअप वाहन बरामद

आजमगढ़ देवगांव पुलिस मुठभेड़, 2 शातिर अपराधी गोली लगने से हुए घायल



देवगांव–गम्भीरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, कैथीशंकरपुर पुलिया के पास हुई मुठभेड़


दोनों बदमाशों के पैरों में लगी गोली, अवैध तमंचे, कारतूस और पिकअप वाहन बरामद



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में थाना देवगांव और गम्भीरपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित पशुओं की चोरी, वाहन चोरी और गौकशी में लिप्त दो अंतर्जनपदीय शातिर अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ कैथीशंकरपुर पुलिया के पास कच्ची सड़क पर हुई, जहां बदमाश पिकअप वाहन से बसही से लालगंज की ओर जा रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश पाण्डेय के पर्यवेक्षण में 9/10 जनवरी 2026 की रात करीब 1:40 बजे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का इशारा किया गया, जिस पर वाहन सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया।


 पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिससे वे घायल होकर मौके पर ही काबू में आ गए। घायल अपराधियों की पहचान हारून उर्फ नाटे उर्फ करिया पुत्र मुख्तार निवासी मुहम्मदपुर थाना गम्भीरपुर (उम्र 32 वर्ष) और मो. आजिम पुत्र अयाज उर्फ मुन्ना निवासी कस्बा देवगांव (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों को उपचार के लिए सदर अस्पताल आजमगढ़ भेजा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मिस कारतूस तथा एक पिकअप वाहन बरामद किया है।


 पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी संगठित गिरोह के रूप में पशु चोरी, वाहन चोरी और गौकशी की घटनाओं को अंजाम देते थे। दिन में रेकी और रात में चोरी किए गए वाहनों से पशुओं की चोरी कर उन्हें निर्जन स्थानों पर काटकर मांस बेचने की योजना बनाते थे। पुलिस के अनुसार, घायल दोनों बदमाशों के खिलाफ आजमगढ़, जौनपुर, रायबरेली सहित अन्य जनपदों में 50 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गौवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और चोरी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। देवगांव थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय पशु तस्करों और अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है।

 

आजमगढ़ निजामाबाद अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की हुई मौत निजामाबाद थाना क्षेत्र के असिलपुर में हादसा, दो युवक गंभीर रूप से घायल


 आजमगढ़ निजामाबाद अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की हुई मौत



निजामाबाद थाना क्षेत्र के असिलपुर में हादसा, दो युवक गंभीर रूप से घायल



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़, आजमगढ़–लखनऊ मार्ग पर निजामाबाद थाना क्षेत्र के असिलपुर गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोलनापुर गांव निवासी शिवा बेनवंशी (25 वर्ष) पुत्र राम अवध बेनवंशी, अपने साथियों नितेश यादव (19 वर्ष) पुत्र रमेश यादव तथा प्रवीण बेनवंशी (18 वर्ष) पुत्र झीनक के साथ बाइक से फरिहा बाजार मोबाइल बनवाने गए थे। मोबाइल ठीक कराकर घर लौटते समय जैसे ही वे असिलपुर के पास पहुंचे, तभी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। 


स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदपुर ले जाया गया, जहां तैनात चिकित्सक डॉ. शिवानी ने शिवा बेनवंशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल नितेश यादव की हालत नाजुक देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि प्रवीण बेनवंशी का इलाज किया जा रहा है। बताया गया कि मृतक शिवा बेनवंशी तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और मुंबई में रहकर नौकरी करता था। करीब दो माह पूर्व कमर में चोट लगने के कारण वह इलाज कराने गांव आया हुआ था। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में शोक की लहर है।

Friday, 9 January 2026

आजमगढ़ फिर चर्चा में आया जनपद का यह थाना पीड़ित ने कहा किसी भी अनहोनी के लिए दरोगा होंगे जिम्मेदार, एसएसपी को सौंपा ज्ञापन


 आजमगढ़ फिर चर्चा में आया जनपद का यह थाना



पीड़ित ने कहा किसी भी अनहोनी के लिए दरोगा होंगे जिम्मेदार, एसएसपी को सौंपा ज्ञापन



उत्तर प्रदेश, आजमगढ़, थाना क्षेत्र में हुई बड़ी से बड़ी चोरियों का खुलासा न कर पाने और आये दिन हो रही चोरी सहित छिनैती की घटनाएं होने के लिए चर्चित जनपद का रानी की सराय थाना क्षेत्र एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस अधीक्षक डा० अनिल कुमार को शिकायती पत्र देने पहुंचे पत्रकारों के समूह ने थाना रानी की सराय में हो रही गैर कानूनी गतिविधियों से अवगत कराया। मामला थाना रानी की सराय के सब इंसपेक्टर द्वारा पत्रकार के साथ बदसलूकी का है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिये गये ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अवैध रूप से जमीन कब्जा किए जाने की सूचना पर खबर कवरेज के लिए पहुंचे एक अखबार के ब्यूरो चीफ शिव प्रकाश चतुर्वेदी जब वीडियो बना रहे थे, तभी रानी की सराय थाने में तैनात दरोगा सुनील यादव ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और भद्दी-भारी गालियां देते हुए सारी पत्रकारिता निकाल देने की धमकी दी। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों के बीच-बचाव के बावजूद दरोगा लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते रहे। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उन्होंने तत्काल इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ॰ अनिल कुमार को दी, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। 


शिव प्रकाश चतुर्वेदी का आरोप है कि रानी की सराय थाने के एसएचओ सुनील कुमार सिंह और एएसआई सुनील कुमार यादव द्वारा भी उन्हें अपमानित किया गया। घटना से आहत होकर शिव प्रकाश चतुर्वेदी ने कई वरिष्ठ पत्रकारों के साथ शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। शिव प्रकाश चतुर्वेदी ने कहा है कि यदि दो दिनों के भीतर दरोगा सुनील यादव पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे किसी भी कानूनी व संवधौनिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दरोगा की होगी।

आजमगढ़ डीएम ने इन स्कूल वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने का दिया निर्देश सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, 48 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, अवैध कट बंद करने व फिटनेस जांच के निर्देश


 आजमगढ़ डीएम ने इन स्कूल वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने का दिया निर्देश



सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, 48 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, अवैध कट बंद करने व फिटनेस जांच के निर्देश



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की उपस्थिति में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में दिए गए निदेर्शों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में ब्लैक स्पॉट का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है और आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जा रही है। नेशनल हाईवे पर कुल 48 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 14 ब्लैक स्पॉट पर रंबल स्ट्रिप, साइनेज लगाए जा चुके हैं, जबकि स्पीड ब्रेकर बनाने की प्रक्रिया जारी है। हाईवे पर चिन्हित पुलियों पर साइनेज और पेंटिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।


 डीएम ने आरटीओ, पुलिस एवं पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम गठित कर कार्यों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी नेशनल हाईवे पर किए गए 15 अवैध कट बंद कर दिए गए हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि ब्लैक स्पॉट की सूची सभी संबंधित विभाग आपस में साझा करें, जिसमें एंबुलेंस नंबर, क्रेन-कटर वाहन चालक का नाम व मोबाइल नंबर तथा एनएच के पीडी का संपर्क विवरण भी शामिल हो। स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनफिट पाए जाने वाले वाहनों को 15 दिन का समय दिया जाए और इसके बाद भी फिटनेस प्रमाण पत्र न देने पर पंजीकरण निरस्त किया जाए।


 वाहन चालानों की वसूली की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन वाहनों का बार-बार चालान हुआ है, उनकी फिटनेस, प्रदूषण और चालक के लाइसेंस की जांच कराई जाए तथा ऐसे टॉप-10 वाहनों को सीज कर इसकी जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जाए। डीएम ने सड़क सुरक्षा माह के दौरान आमजन को जागरूक करने एवं वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने एआरटीओ (प्रवर्तन) को अभियान चलाकर सरकारी व निजी बस चालकों की आंखों की जांच, आवश्यकतानुसार चश्मा वितरण तथा अन्य कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पीडब्ल्यूडी को वन विभाग से समन्वय कर ग्रामीण सड़कों पर लटक रहे पेड़ों व झाड़ियों की छंटाई कराने का निर्देश दिया।


 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि यदि अवैध कट बंद होने के बाद दोबारा बनाए जाते हैं तो इसकी सूचना संबंधित थानों को तत्काल दी जाए। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक), एआरटीओ और एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाईवे पर ऐसे स्थान भी चिन्हित किए जाएं, जहां वास्तव में कट की आवश्यकता है, ताकि वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाली पेट्रोलिंग गाड़ियों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय कर सड़क सुरक्षा से संबंधित संदेश प्रसारित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिला अधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक, एआरटीओ प्रवर्तन अतुल यादव, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, जिला विद्यालय निरीक्षक, एनएचएआई के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Thursday, 8 January 2026

आजमगढ़ भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने दी आत्मदाह की धमकी, मचा हाहाकार छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट चौराहा, भूमि विवाद में पुलिस पर अवैध कब्जा कराने का आरोप


 आजमगढ़ भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने दी आत्मदाह की धमकी, मचा हाहाकार



छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट चौराहा, भूमि विवाद में पुलिस पर अवैध कब्जा कराने का आरोप


उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा द्वारा आत्मदाह की धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर शहर कोतवाल सहित भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गयी। पूरा कलेक्ट्रेट छावनी में तब्दील हो गया। शहर कोतवाल भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा को मनाने में लगे रहे। इस बावत हरिवंश मिश्रा ने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम-क्यामपुर में स्थित एक भूमि का मामला है। जिलाधिकारी के आदेश पर तहसील प्रशासन द्वारा नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल एवं पुलिस बल की मौजूदगी में पैमाइश की गई थी, जिसमें संबंधित भूमि चिन्हित की गई थी। इसके बावजूद आरोप है कि उक्त भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कराया जा रहा है।

 पीड़ित हरिबंश मिश्रा ने आरोप लगाया है कि रानी की सराय थाना प्रभारी विपक्षी के प्रभाव में आकर कार्रवाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार उनके भाई ईश्वर शरण मिश्रा को थाने ले जाकर अपमानित किया गया। 8 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन पर कब्जा कराने का प्रयास किया गया। जब पीड़ित ने लेखपाल व कानूनगो की रिपोर्ट का हवाला दिया तो थाना प्रभारी द्वारा उसे मानने से इनकार कर दिया गया। 


पीड़ित का कहना है कि उप जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि मौके पर कोई कब्जा नहीं करेगा, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन विपक्षी के पक्ष में खड़ा है और उनके भाई को थाने में बैठा लिया गया है। हरिबंश मिश्रा ने कहा कि लगातार सुनवाई न होने और उत्पीड़न से वे मानसिक रूप से अत्यंत आहत हैं और आत्मदाह के लिए विवश हैं। फिलहाल कलेक्ट्रेट चौराहे पर गहमा गहमी की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्र को मनाने की कोशिश जारी थी।

आजमगढ़ नकल के मामलों पर सख्ती, परीक्षा वर्ष 2026 के लिए कई प्रधानाचार्य व शिक्षक डिबार 3 वर्ष की डिबार अवधि, 2026 की परीक्षा में परीक्षक नहीं बन सकेंगे दोषी अधिकारी


 आजमगढ़ नकल के मामलों पर सख्ती, परीक्षा वर्ष 2026 के लिए कई प्रधानाचार्य व शिक्षक डिबार


3 वर्ष की डिबार अवधि, 2026 की परीक्षा में परीक्षक नहीं बन सकेंगे दोषी अधिकारी



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परीक्षा वर्ष 2026 के लिए परीक्षकों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस क्रम में परिषद ने विगत वर्षों में नकल के मामलों में दोषी पाए गए केंद्र व्यवस्थापकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की है। परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार ऐसे अधिकारियों को तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है, जिसके चलते वे वर्ष 2026 की परीक्षा में परीक्षक के रूप में नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे। 


जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद की दो संस्थाओं के केंद्र व्यवस्थापक/प्रधानाचार्यों को सूची से बाहर किया गया है, जिन्हें परीक्षा वर्ष 2023 में अनुचित साधन प्रयोग के मामलों में दोषी पाया गया था। इनमें श्री कृष्ण गीता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, लालगंज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह तथा चिल्ड्रेन पब्लिक इंटर कॉलेज, देवगांव के प्रधानाचार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त श्री गिरिधारी तिलकधारी इंटर कॉलेज, बिलरियागंज के प्रधानाचार्य श्रीकांत को आजीवन डिबार किया गया है। वहीं चंद्रभानु इंटर कॉलेज, मुसरियापुर नैनीजोर की सहायक अध्यापक एवं कक्ष निरीक्षक रहीं सरिता वर्मा को भी डिबार कर दिया गया है।


 डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि डिबार किए गए किसी भी शिक्षक या अधिकारी की परीक्षा ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने और नकल जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिबार सूची का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

उत्तर प्रदेश ...तो टल सकता है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव बाधा बन सकता है यह कारण, पंचायतीराज मंत्री का दावा


 उत्तर प्रदेश ...तो टल सकता है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव



बाधा बन सकता है यह कारण, पंचायतीराज मंत्री का दावा


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर होंगे या टलेंगे, इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह अब तक राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है। आयोग के अभाव में पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की प्रक्रिया तय नहीं हो पा रही है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर दावा किया है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय अप्रैल-मई में ही कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज विभाग की ओर से छह सदस्यीय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, हालांकि अभी तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।


 जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अनुसूचित जाति की आबादी 20.6982 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 0.5677 प्रतिशत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इसी अनुपात में सीटें आरक्षित की जाएंगी। वहीं ओबीसी वर्ग का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार प्रदेश की ग्रामीण आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 53.33 प्रतिशत बताई गई थी, जिसके आधार पर वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय किया गया था। नियमों के अनुसार किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27 प्रतिशत से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षित नहीं किए जा सकते। यदि किसी क्षेत्र में यह प्रतिशत 27 से कम है, तो उसी अनुपात में आरक्षण लागू होगा।


 प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य है। नगर निकाय चुनावों के दौरान ओबीसी आबादी के आंकड़ों को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी आबादी का सर्वे करेगा और रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद ही आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि आयोग गठन में हो रही देरी को लेकर वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उनका दावा है कि आयोग के गठन के दो माह के भीतर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।