Saturday, 7 February 2026

आजमगढ़ अहरौला 2 बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में युवक की मौत, 4 घायल अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल-फुलवरिया मार्ग पर हुआ भीषण हादसा


 आजमगढ़ अहरौला 2 बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में युवक की मौत, 4 घायल



अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल-फुलवरिया मार्ग पर हुआ भीषण हादसा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल-फुलवरिया मार्ग पर गौसपुर गांव के मोड़ के पास शनिवार को दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत में 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार अहरौला थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी बृजमोल यादव अपने मौसा के पुत्र रामप्रवेश (20), निवासी भरमा गांव, थाना पवई के साथ बाइक से दवा लेने माहुल बाजार जा रहा था। बाइक बृजमोल चला रहा था। जैसे ही दोनों माहुल-फुलवरिया मार्ग पर गौसपुर गांव के मोड़ से आगे बढ़े, पीछे से तेज रफ्तार से आ रही दूसरी बाइक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। दूसरी बाइक पर तीन लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार सभी लोग सड़क पर दूर-दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बृजमोल यादव के सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे रामप्रवेश तथा दूसरी बाइक पर सवार बरामदपुर गांव निवासी आसिफ (20), आफताब (21) और शारिक (19) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और माहुल चौकी प्रभारी यश सिंह पटेल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायलों को माहुल स्थित अवध चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने रामप्रवेश की हालत गंभीर देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मंडलीय चिकित्सालय की मोर्चरी में भेज दिया। बताया गया कि मृतक बृजमोल यादव दो भाइयों और तीन बहनों में चौथे नंबर पर था। युवक की असामयिक मौत से गांव में शोक की लहर है।

आजमगढ़ फूलपुर सार्वजनिक कुएँ और तालाबों पर अतिक्रमण, हाईकोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियाँ शनिचर बाजार का वर्षों पुराना कुआँ दबंगों के निशाने पर, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप सोनकर समाज ने सौंपा प्रार्थना पत्र, एसडीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन


 आजमगढ़ फूलपुर सार्वजनिक कुएँ और तालाबों पर अतिक्रमण, हाईकोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियाँ


शनिचर बाजार का वर्षों पुराना कुआँ दबंगों के निशाने पर, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप


सोनकर समाज ने सौंपा प्रार्थना पत्र, एसडीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन


उत्तर प्रदेश आजमगढ़, वर्षों पूर्व उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर स्थित तालाब, पोखरा एवं कुओं को किसी भी दशा में बंद न किए जाने का सख्त आदेश पारित किया गया था, लेकिन राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते आज तक उक्त आदेशों का समुचित अनुपालन नहीं हो सका है। तहसील क्षेत्र में स्थित अनेक सार्वजनिक तालाब, पोखरे और कुएँ धीरे-धीरे अस्तित्व से समाप्त किए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। मंदिर की भूमि पर बने पोखरे हों या पूर्वजों द्वारा निर्मित सार्वजनिक कुएँ, उन पर वंशजों द्वारा अवैध निर्माण कर उन्हें पाटने का सिलसिला लगातार जारी है। शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी क्रम में नगर पंचायत फूलपुर के शनिचर बाजार में स्थित वर्षों पुराना सार्वजनिक कुआँ दबंगों के निशाने पर है। आरोप है कि एक परिवार द्वारा कुएँ की भूमि के साथ-साथ सार्वजनिक रास्ते पर भी अवैध कब्जा किया जा रहा है। 


इस मामले को लेकर सोनकर समाज के लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कुएँ को पाटे जाने से रोकने के लिए 20 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी 2026 तक तहसील समाधान दिवस, जनसुनवाई पोर्टल एवं उपजिलाधिकारी फूलपुर सहित अन्य अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से आक्रोशित सोनकर समुदाय के लोगों ने सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस में पुन: प्रार्थना पत्र सौंपा। इस बार प्रार्थना पत्र के साथ माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति भी संलग्न की गई, जिसमें अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तथा कुएँ एवं सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने की मांग की गई है। 


इस संबंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जाएगा और सार्वजनिक रास्ते को किसी भी हाल में बंद नहीं होने दिया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन अपने आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और सार्वजनिक धरोहरों की रक्षा सुनिश्चित करता है या फिर ऐसे मामले फाइलों में ही दबकर रह जाते हैं।

आजमगढ़ अहरौला हिस्ट्रीशीटर गो-तस्कर बना पुलिस की गोली का शिकार, एक फरार अवैध तमंचा व बिना नंबर की बाइक बरामद घायल अभियुक्त पर हत्या, गैंगस्टर व गोवध समेत 8 संगीन मुकदमे दर्ज


 आजमगढ़ अहरौला हिस्ट्रीशीटर गो-तस्कर बना पुलिस की गोली का शिकार, एक फरार



अवैध तमंचा व बिना नंबर की बाइक बरामद


घायल अभियुक्त पर हत्या, गैंगस्टर व गोवध समेत 8 संगीन मुकदमे दर्ज



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना अहरौला क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और गो-तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक हिस्ट्रीशीटर गो-तस्कर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। 


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में थाना अहरौला पुलिस शुक्रवार सुबह करीब 2:40 बजे रात्रि गश्त, अपराध नियंत्रण एवं संदिग्ध वाहन चेकिंग में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सहराजा मोड़ से निजामपुर की ओर दो गो-तस्कर गोवध की नीयत से जा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी कर मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, लेकिन बदमाशों की ओर से फायरिंग जारी रही। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया। 


घायल अभियुक्त की पहचान जाकिर उर्फ शैफ (38 वर्ष) पुत्र स्व. रफीक कुरैशी निवासी कुरैशी टोला माहुल, थाना अहरौला के रूप में हुई है। वह थाना अहरौला का घोषित हिस्ट्रीशीटर (HS-30A) है। पूछताछ में घायल अभियुक्त ने फरार साथी का नाम दिलशाद उर्फ लालू पुत्र मुस्ताक निवासी कस्बा माहुल बताया है। घायल अभियुक्त को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी फूलपुर से सदर अस्पताल आजमगढ़ रेफर किया गया है। वहीं फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी की गई है। 


मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा .315 बोर, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस तथा बिना नंबर प्लेट की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में घायल अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ सुनियोजित ढंग से गोवध व गौ-तस्करी करता था। वे देर रात सुनसान इलाकों में घूम रहे गोवंश को पकड़कर निर्जन स्थानों पर अवैध रूप से वध करते थे तथा मांस को ऊंचे दामों पर बेचते थे। साक्ष्य मिटाने के लिए अवशेष नदी-नालों में फेंक दिए जाते थे या जमीन में गाड़ दिए जाते थे। कुछ गोवंशों को बिहार सहित अन्य प्रांतों में अवैध रूप से बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ थाना अहरौला पर मु0अ0सं0 029/2026 धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल अभियुक्त जाकिर उर्फ शैफ के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम समेत कुल आठ गंभीर मुकदमे पूर्व से दर्ज बताए गए हैं। मुठभेड़ में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल सहित थाना अहरौला की पुलिस टीम शामिल रही।

आजमगढ़ जहानागंज धरती मां की गोद में समाया देश का लाल तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, देखकर नम हुईं आंखें, शौर्य यात्रा में उमड़ा जनसैलाब


 आजमगढ़ जहानागंज धरती मां की गोद में समाया देश का लाल



तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, देखकर नम हुईं आंखें, शौर्य यात्रा में उमड़ा जनसैलाब



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के जहानागंज विकासखंड के सुहवल गांव निवासी सूबेदार प्रेम शंकर चतुवेर्दी पुत्र रमाकांत चतुवेर्दी देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। वे भारतीय सेना में सूबेदार पद पर तैनात थे और वर्तमान में सिकंदराबाद में ड्यूटी पर कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद सेना द्वारा उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। गुरुवार की रात करीब 11 बजे जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद सूबेदार का पार्थिव शरीर जब सेना के जवानों के काफिले के साथ दो सैन्य वाहनों में उनके पैतृक गांव सुहवल पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। भारत माता की जय, वंदे मातरम् और शहीद अमर रहें के नारों से पूरा गांव और क्षेत्र गूंज उठा। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे गांव से शौर्य यात्रा निकाली गई, जो सुहवल बाजार होते हुए गुजरी। हाथों में तिरंगा लिए लोग पैदल और बाइक से यात्रा में शामिल हुए। देशभक्ति गीतों के बीच पूरा बाजार बंद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जहानागंज थाना पुलिस मुस्तैद रही।


 शहीद सूबेदार प्रेम शंकर चतुवेर्दी का अंतिम संस्कार गाजीपुर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सेना के जवानों ने सलामी दी और तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अग्नि दी गई। वे चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और अपने पीछे तीन पुत्र व एक पुत्री छोड़ गए हैं। खास बात यह है कि उनके दूसरे पुत्र रिशु चतुवेर्दी का कुछ दिन पहले ही भारतीय वायुसेना में चयन हुआ था। बेटे की सफलता की खुशी अभी पूरी तरह आई भी नहीं थी कि पिता के शहीद होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद की शहादत पर पूरा क्षेत्र गर्व और शोक से भर गया है। लोग उन्हें कर्तव्यनिष्ठ, साहसी और देशभक्त सैनिक के रूप में याद कर रहे हैं। आजमगढ़ की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह वीरों की धरती है। शहीद सूबेदार प्रेम शंकर चतुवेर्दी अमर रहें। भारत माता की जय।

उत्तर प्रदेश 4आईपीएस अफसरों का तबादला, शासन ने जारी किए आदेश संबद्ध चल रहे हेमराज मीना को दी गई यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी


 उत्तर प्रदेश 4आईपीएस अफसरों का तबादला, शासन ने जारी किए आदेश


संबद्ध चल रहे हेमराज मीना को दी गई यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी



उत्तर प्रदेश लखनऊ, शासन ने शुक्रवार को डीआईजी रैंक के चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए।


 जारी आदेश के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण संगठन में तैनात अखिलेश कुमार चौरसिया को डीजीपी मुख्यालय में डीआईजी स्थापना के पद पर नियुक्त किया गया है। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त के पद पर तैनात यमुना प्रसाद को पीटीएस मुरादाबाद का डीआईजी बनाया गया है। वहीं, डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध चल रहे डीआईजी हेमराज मीना को यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आॅफ फॉरेंसिक साइंसेज भेजा गया है। मेरठ स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी में तैनात डीआईजी सचिंद्र पटेल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन में नई तैनाती दी गई है। इसके अलावा, एसटीएफ में तैनात एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान को पदोन्नति देते हुए डीआईजी बनाया गया है। शासन के इस फैसले को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है।

Thursday, 5 February 2026

आजमगढ़ बरदह कूटरचना व धोखाधड़ी कर फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार पिता को निःसंतान घोषित कर जमीन अपने नाम कराने का आरोप जान से मारने की धमकी देने का भी दर्ज है मुकदमा

आजमगढ़ बरदह कूटरचना व धोखाधड़ी कर फर्जी वसीयत से जमीन हड़पने वाला अभियुक्त गिरफ्तार



पिता को निःसंतान घोषित कर जमीन अपने नाम कराने का आरोप


जान से मारने की धमकी देने का भी दर्ज है मुकदमा



उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद के थाना बरदह पुलिस ने कूटरचना व धोखाधड़ी के जरिए फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा कराने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देश पर की गई। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सद्दोपट्टी निवासी रिंकू उर्फ रिंकी यादव पुत्री स्वर्गीय लक्षिराम यादव ने 07 दिसंबर 2025 को प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता की मृत्यु के बाद विपक्षीगणों ने साजिश के तहत फर्जी वसीयत तैयार कर उनके पिता को निःसंतान घोषित कर दिया और उनकी जमीन अपने नाम करा ली। जब पीड़िता ने इस संबंध में जानकारी चाही तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में थाना बरदह पर मु0अ0सं0 386/2025 संबंधित धारा के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।


 पुलिस द्वारा की गई विवेचना के क्रम में दिनांक 05 फरवरी 2026 को उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल ने हमराहियों के साथ अभियुक्त पतिराम यादव पुत्र स्वर्गीय कुद्दन उर्फ रामनाथ, निवासी ग्राम बौवापार, थाना बरदह, जनपद आजमगढ़ को उसके घर से सुबह करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध उपरोक्त मुकदमे में विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पटेल एवं हेड कांस्टेबल नागेन्द्र कुमार पटेल शामिल रहे।

 

आजमगढ़ 25 लाख घूस मांगने के आरोपी डीआईओएस का हुआ तबादला अजय कुमार को मिली आजमगढ़ डीआईओएस की जिम्मेदारी


 आजमगढ़ 25 लाख घूस मांगने के आरोपी डीआईओएस का हुआ तबादला



अजय कुमार को मिली आजमगढ़ डीआईओएस की जिम्मेदारी


लखनऊ, उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-6 द्वारा समूह-क श्रेणी के अधिकारियों के तबादले को लेकर आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत उ०प्र० शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा के दो अधिकारियों को नवीन तैनाती प्रदान की गई है।


 शासनादेश के अनुसार वर्तमान में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), आजमगढ़ के पद पर तैनात उपेन्द्र कुमार को सहायक शिक्षा निदेशक (भवन), मुख्यालय प्रयागराज के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वहीं नवप्रोन्नत अधिकारी अजय कुमार, जो अब तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्रावस्ती के पद पर कार्यरत थे, को जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। 


शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी बिना किसी प्रकार का अवकाश लिए, प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही शिक्षा निदेशक (माध्यमिक/बेसिक), एससीईआरटी एवं संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारियों को समय से कार्यमुक्त किया जाए। आदेशों में यह भी कहा गया है कि किसी भी स्तर पर विलंब या आदेश की अवहेलना को अनुशासनहीनता माना जाएगा, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि स्थानांतरित किए गए जिला विद्यालय निरीक्षक उपेन्द्र कुमार पर वेतन भुगतान के एवज में लगभग 25 लाख रुपये की घूस लेने का गंभीर आरोप भी लग चुका है, जिसे लेकर विभागीय स्तर पर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं।