आजमगढ़ मुबारकपुर/सिधारी बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 10 बाल श्रमिक मुक्त कराए गए
विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों की जांच की गई
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद मे बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अखिल भारतीय बाल बचाव एवं पुनर्वास अभियान के तहत आजमगढ़ जिले में शुक्रवार को एक व्यापक अभियान चलाया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश के महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर), नई दिल्ली के निदेर्शों के तहत संचालित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व और नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) के पर्यवेक्षण में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (ए.एच.टी.) और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के मुबारकपुर और सिधारी थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी की। इस दौरान कस्बा मुबारकपुर, सठियांव और सिधारी क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्तरां, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों की जांच की गई।
अभियान के दौरान कुल 10 बाल श्रमिकों को कार्य करते हुए पाया गया। इन बच्चों को मौके पर ही उनके परिजनों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया और परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में बच्चों से बाल श्रम न कराया जाए। साथ ही, संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ श्रम अधिनियम के उल्लंघन के तहत श्रम विभाग द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी की गई। संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आम जनता को बाल श्रम के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों, बेकरियों, आटोमोबाइल दुकानों और गैरेजों पर बाल श्रम न कराने से संबंधित पोस्टर चस्पा किए गए। इसके अलावा, आपात सहायता के लिए शासन और प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों जैसे 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 आदि के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।
इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रोहित प्रताप और विशाल श्रीवास्तव, थाना ए.एच.टी. के उपनिरीक्षक उमेश कुमार, कांस्टेबल आशीष प्रताप सिंह और महिला कांस्टेबल सुप्रिया पाल शामिल रहे। यह अभियान बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने का संकल्प जताया है।
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