आजमगढ़ हत्या के मुकदमे में गवाह की हत्या का मामला
10 साल बाद कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले मे हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को आजीवन कारावास तथा पंद्रह रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 1 सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने सोमवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा जयप्रकाश सिंह निवासी भैरोदासपुर थाना महाराजगंज जनपद आजमगढ़ की गांव के ही पट्टीदार सोनू सिंह से रंजिश चल रही थी। सोनू सिंह ने वर्ष 2013 में जयप्रकाश सिंह के चचेरे भाई रंजन सिंह की हत्या की थी। इस मुकदमे में जयप्रकाश सिंह के बड़े भाई अशोक सिंह गवाह थे। सोनू ने अशोक सिंह पर गवाही न करने का दबाव बनाया था।
अशोक सिंह 10 जून 2015 की रात लगभग आठ बजे एक शादी में जाने के लिए घर से निकले। दूसरे दिन गांव से थोड़ी दूर पर अशोक सिंह की लाश मिली। वादी मुकदमा जय प्रकाश सिंह ने सोनू सिंह के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अगस्त 2015 में चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडे तथा संजीव सिंह ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सोनू सिंह को आजीवन कारावास तथा पंद्रह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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